किस तरह से आपका डियोड्रेंट आपको पहुंचा रहा नुकसान

अगर आप भी शरीर की दुर्गंध को दूर करने के लिए डियोड्रेंट का इस्तेमाल करते हैं, तो संभल जाए। क्‍योंकि एक नए शोध के अनुसार, डियोड्रेंट का लंबे समय तक इस्तेमाल पसीने की बदबू को कम नहीं करता बल्कि बढ़ा देता है।

Pooja Sinha
Written by: Pooja SinhaPublished at: Aug 14, 2015

डिओड्रेंट के नुकसान

डिओड्रेंट के नुकसान
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अक्‍सर लोग पसीने की बदबू दूर करने और तरोताजा रहने के लिए डियोड्रेंट का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप भी शरीर की दुर्गंध को दूर करने के लिए डियोड्रेंट का इस्तेमाल करते हैं, तो संभल जाए। क्‍योंकि एक नए शोध के अनुसार, डियोड्रेंट का लंबे समय तक इस्तेमाल पसीने की बदबू को कम नहीं करता बल्कि बढ़ा देता है। अलग-अलग अध्ययनों के आधार पर शोध में माना गया है कि शरीर से पसीना निकलना बहुत अधिक जरूरी है और डियो इसमें अवरोध पैदा कर सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को जन्म देते हैं। बेल्जियम की यूनिवर्सिटी ऑफ हेंट के शोधकर्ताओं ने डियोड्रेंट उत्पादों के इस नुकसान की जानकारी अपने शोध में मिले तथ्यों के आधार पर दी है।Image Source : Getty

बैक्टीरिया को कम नहीं बल्कि दबाते है

बैक्टीरिया को कम नहीं बल्कि दबाते है
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शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में माना है कि खुशबूदार कॉस्मेटिक्स के इस्तेमाल से शरीर में एक्टिनोबैक्टीरिया अधिक हो जाते हैं जो पसीने की दुर्गंध पैदा करते हैं। शोधकर्ता क्रिस कैलेवटई का मानना है, हम आज पसीने की दुर्गध मिटाने के लिए जिन प्रसाधनों का इस्तेमाल करते हैं वे असलियत में एक्टिनोबैक्टीरिया कम नहीं कर पाते। बल्कि दबाते हैं। शोधकर्ताओं की मानें तो जितना कम हो सके उतना कम डियोड्रेंट का इस्तेमाल करें। Image Source : Getty

कई रोगों का खतरा

कई रोगों का खतरा
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पसीने की समस्या को दूर करने के लिए प्रयोग किए जा रहे इस कॉस्मेटिक्स को बनाने में एल्युमीनियम का इस्तेमाल होता है जो कई रोगों का खतरा बढ़ाता है। दरअसल पसीना निकलना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिससे शरीर से विषैले तत्व और अशुद्धियां बाहर आती हैं। इसलिए पसीने को निकलने से रोकना नहीं चाहिए। साथ ही डिओड्रेंट में लिक्विड प्रोपिलिन ग्लाइकोल नामक केमिकल होते हैं। ये त्वचा पर जलन और लिवर व किडनी को प्रभावित करते हैं। Image Source : Getty

टॉक्सिफ‌िकेशन की प्रक्रिया को नुकसान

टॉक्सिफ‌िकेशन की प्रक्रिया को नुकसान
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क्‍या आप जानते हैं कि डियोड्रेंट टॉक्सिफिकेशन की प्रक्रिया के लिए भी हानिप्रद होता है। जीं हां डेली मेल में प्रकाशित अध्‍ययन के अनुसार, पसीने की दुर्गंध दूर करने के लिए इस्तेमाल में लाए जाने वाले डियोड्रेंट न केवल पसीने के ग्लैंड को प्रभावित करते हैं बल्कि शरीर की टॉक्सिफ‌िकेशन की प्राकृतिक प्रक्रिया को भी नुकसान पहुंचाते हैं। Image Source : Getty

सांस संबंधी रोग

सांस संबंधी रोग
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डियोड्रेंट में इस्तेमाल होने वाला एंटी-बैक्टीरियल न केवल फेफड़े और लिवर डैमेज की वजह बन सकता है। बल्कि यूएस एफडीए के अनुसार, डिओड्रेंट में फॉर्मलडिहाइड होता है, जो जहरीला है। इससे स्किन, सांस और आंखों से संबंधित बीमारियां होती हैं। Image Source : Getty

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