योग से कैसे अपने शरीर को बनायें मजबूत

योगा न सिर्फ हमारे शारीरिक विकास में मदद करता है बल्कि मानसिक सुकून और तनावमुक्त जीवन देने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है, इस स्‍लाइडशो में जानिये योग आपके शरीर को कैसे मजबूत बनाता है।

Meera Roy
Written by:Meera RoyPublished at: Aug 11, 2015

फायदेमंद है योग

फायदेमंद है योग
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योगा ने हमारे जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। योगा न सिर्फ हमारे शारीरिक विकास में मदद करता है बल्कि मानसिक सुकून और तनावमुक्त जीवन देने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। लेकिन ध्यान रखें कि बिना इंस्ट्रक्टर यानी विशेषज्ञ हमें योगा का सहारा नहीं लेना चाहिए। अगर आपको लगता है कि योगा के बहुत कम लाभ हैं तो चलिए आपकी इस गलतफहमी से पर्दा उठा देते हैं। आइये योगा के असंख्य लाभ से परिचित होते हैं।

लचीलापन बढ़ाता है

लचीलापन बढ़ाता है
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योगा के सबसे बड़े लाभ में एक लचीलापन शुमार है। योगा करते हुए महसूस करेंगे कि आप उन पोजिशन को आसानी से करने में सक्षम हो रहे हैं, जो कभी आपके लिए नामुमकिन हुआ करते थे। यही नहीं आपको यह भी महसूस होगा कि योगा के जरिये तमाम शारीरिक दर्द से भी निजात मिल रहा है। ये कोई इत्तफाक नहीं है अपितु नियमित रूप से योगा करने का परिणाम है।

मांसपेशियों की ताकत बढ़ाता है

मांसपेशियों की ताकत बढ़ाता है
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सुदृढ़ मांसपेशियां न सिर्फ दिखने में अच्छी लगती हैं बल्कि इसके जरिये अर्थराइटिस तथा बैकपेन से भी मुक्ति मिलती है। यही नहीं योगा के जरिये बढ़ती उम्र मानों थम सी जाती है। बुढ़ापा देर से आता है। शरीर में लम्बी आयु तक ताकत भी बनी रहती है। कहने का मतलब यह है कि योगा के जरिये लचीलापन और ताकत को एकसाथ पाया जा सकता है। जबकि दूसरे व्यायाम व जिम में यह सुविधा नहीं होती। जिम करने से अकसर शरीर की मांसपेशियां मजबूत तो हो जाती हैं मगर उनमें लचीलेपन की काफी कमी होती है।

हाव-भाव बेहतर होते हैं

हाव-भाव बेहतर होते हैं
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जो लोग योगा से जरा भी सरोकार रखते हैं, वे लोग जानते हैं कि योगा का हावभाव से गहरा ताल्लुक है। असल में हमारे गलत भाव भंगिमा या हावभाव के चलते अकसर हमारे गर्दन, कंधे आदि अंगों में दर्द होने लगता है। लेकिन योगा के जरिये हम सीधे होकर बैठना, स्ट्रेचिंग आदि चीजें सीख जाते हैं। इसके चलते अकसर दर्द से हम दूर ही रहते हैं। लब्बोलुआब यह है कि योगा के जरिये हावभाव बेहतर होते हैं और इससे हमें तमाम छुटपुट रोगों से दूर रहने में मदद मिलती है।

हड्डियों के टूटने व लचकने से बचाव

हड्डियों के टूटने व लचकने से बचाव
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हर एक्सरसाइज को करने का एक नियम होता है। यदि हम नियमानुसार एकसरसाइज न करें तो हड्डियों के टूटने व लचकने की आशंका बनी रहती है। यही बात योगा पर भी लागू होती है। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि योगा करने से शरीर में इतना लचीलापन आ जाता है कि हड्डियां टूटने की आशंका बेहद कम हो जाती है। हम तमाम ऐसे पोजिशनों को आसानी से कर पाते हैं जो सामान्यतः संभव नहीं होते। नियमित और नियमानुसार योगा करने से हड्डियों के टूटने की आशंका में कमतरी आती है।

हड्डियों के स्वास्थ्य बेहतर होता है

हड्डियों के स्वास्थ्य बेहतर होता है
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नियमित योगा करने से आस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से दूर रहा जा सकता है। योगा में कई ऐसे आसन मौजूद होते हैं जिनमें अपने शरीर का पूरा वजन हमें अपने हाथ में उठाना पड़ता है। इस तरह के योगासन बेहद लाभकर होते हैं। शरीर का दमखम तो बढ़ता ही है साथ ही हाथों की हड्डियां मजबूत भी होती हैं।

रक्त संचार में वृद्धि होती है

रक्त संचार में वृद्धि होती है
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आरामदायक योगासन यूं तो दिखने में सामान्य होते हैं। लेकिन वास्तव में इनके जरिये शरीर में रक्त संचार में वृद्धि हो रही होती है। योगा के जरिये सेल्स में ज्यादा आक्सीजन का प्रवाह होता है जिससे ये बेहतर तरीके से काम कर पाती हैं। उल्टे होकर करने वाले तमाम आसन हमारे हृदय को प्रभावित करते हैं। इससे हाथ पैर की सूजन कम होती है साथ ही किडनी से सम्बंधित बीमारियों से भी राहत मिलती है। इतना ही नहीं योगा के जरिये हेमोग्लोबिन का स्तर भी बढ़ता है और रेड ब्लड सेल भी बेहतर होता है।

ब्‍लड प्रेशर सामान्‍य रखता है

ब्‍लड प्रेशर सामान्‍य रखता है
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अगर आपको रक्तचाप की समस्या है तो योगा आपके लिए बेहतरीन इलाज है। जी, हां! तमाम शोध अध्ययनों से यह पता चला है कि जो लोग हाइपरटेंशन का शिकार थे, योगा ने उनकी अच्छी खासी मदद की है। नियमित योगा करने से रक्तचाप में कमी होती है, जिससे हमारा शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।

खुशी का एहसास होता है

खुशी का एहसास होता है
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योगा की सबसे बड़ी खासियत यही है कि हम अकसर खुशी के एहसास से खुद को भरा हुआ पाते हैं। दरअसल योगा करने से शरीर फिट रहता है। यहां तक पेट से सम्बंधित विकार से भी हम दूर रहते हैं। नतीजतन हमेशा खुशी के एहसास से हम भरे रहते हैं। ...और यह कहने की जरूरत नहीं है कि खुशी का एहसास भर हमें तमाम रोगों से दूर रखता है।

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