तलाक के बाद पुरुषों से बेहतर स्थिति में होती हैं

जहां एक ओर शादी खुशनुमा ख्वाब है, वहीं दूसरी ओर तलाक दुःस्वप्न। दरअसल कुछ लोगों की शादीशुदा जिंदगी इस हद तक खराब हो जाती है वे इसका खात्मा करने को ही बेहतर समझते हैं।एक शोध सर्वेक्षण इस तथ्य का भी खुलासा करते हैं कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद महिलाएं तलाक के बाद पुरुषों से बेहतर मानसिक स्थिति में होती हैं। वे खुश होती हैं तलाक के पांच साल बाद महिलाएं सहज जीवन जीने में सफल हो पाती हैं।

Meera Roy
Written by:Meera RoyPublished at: Mar 09, 2016

बदलाव

बदलाव
1/5

महिलाएं, पुरुषों की तुलना में बदलाव को सहजता से महसूस करती हैं। जबकि पुरुष ऐसा नहीं कर पाते। दरअसल महिलाएं निजी जीवन में तमाम किस्म के बदलाव से होकर गुजरती हैं। चाहे वो मानसिक हो, शारीरिक हो या फिर सामाजिक हो। परिणामस्वरूप महिलाओं के जीवन में अचानक हुए बदलाव उन्हें तुलनात्मक रूप से कम परेशान करती हैं।Image Source-Getty

निर्भरता

निर्भरता
2/5

हालांकि ज्यादातर महिलाएं आर्थिक रूप से अपने पति पर निर्भर होती हैं। लेकिन पुरुष मानसिक रूप से अपनी पत्नी पर निर्भर होते हैं। सामाजिक स्थिति से लेकर घर की छुटपुट काम तक के लिए पुरुष महिलाओं पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसे में तलाक होने के बाद पुरुष किसी भी स्थिति को सहजता से नहीं ले पाते। अचानक उन्हें अपनी पूरी निर्भरता खत्म हो गई लगती है। नतीजतन वे मानसिक परेशनी का शिकार होने लगते हैं। जबकि आर्थिक स्थिति को महिलाएं आसानी से बेहतर बनाने में सक्षम होती हैं।Image Source-Getty

उम्मीद

उम्मीद
3/5

तलाक के बाद आर्थिक रूप से कमजोरी होने के बावजूद महिलाएं अपनी उम्मीद नहीं छोड़तीं। जबकि पुरुष तलाक के तुरंत बाद आसानी से अपने टूटे रिश्ते पर विश्वास नहीं कर पाते। असल में महिलाएं तुलनात्मक रूप से पुरुषों से ज्यादा आशावादी होती हैं। वे अपनी खराब शादीशुदा जिंदगी को खत्म कर नए सिरे से अपने आपको गढ़ती हैं और उम्मीद के सारे नए आयाम हासिल करती हैं।Image Source-Getty

चुनौतीपरक

चुनौतीपरक
4/5

असल में पुरुष तलाक को चुनौती के रूप में लेते हैं। वास्तव में किसी भी समाज में तलाक सहज स्वीकार्य नहीं है। ऐसे में तलाक होने से महिलाओं से ज्यादा पुरुषों पर सवालिया निशान दागा जाता है। हालांकि तलाक के बाद महिलाओं की भी अवहेलना होती है। लेकिन तमाम किस्म के सवालों से घिरे होने के कारण पुरुष को अपनी तलाकशुदा जिंदगी चुनौतियों से भरपूर लगती है। यही कारण है ये पुरुष अधिक परेशानी महसूस करता है। जबकि महिलाएं नई जिंदगी को नए शुरुआत के रूप में लेने की हर संभव कोशिश करने लगती है। हालांकि नई जिंदगी महिलाओं के लिए भी कम चुनौतीपरक नहीं है।Image Source-Getty

आर्थिक स्थिति प्रभावित होना

आर्थिक स्थिति प्रभावित होना
5/5

तलाक जीवन के हर स्तर पर नकारात्मक प्रभाव छोड़ता है। चाहे बात पुरुष की हो या स्त्री की। आर्थिक स्थिति भी इससे अछूती नहीं है। असल में तलाक होने पर पुरुष अपने कामकाज में ध्यान नहीं दे पाता और महिलाओं को नई नौकरी तक तलाशनी होती है। ऐसे में आर्थिक स्थिति का प्रभावित होना लाजिमी है। परिणामस्वरूप पुरुष खुद को अधिक असहाय महसूस करता है।Image Source-Getty

Disclaimer