आर्थिक मंदी के दौर में तनाव से यूं पाएं छुटकारा

आर्थिक मंदी का दौर सभी के लिए परेशानी भरा होता है, लेकिन आप अपनी सूझबूझ से इस बुरे समय को भी आसानी से काट सकते है। एक बात का ख्याल रखें कि आर्थिक मंदी का असर अपनी सेहत पर ना पड़ने दें।

Meera Roy
Written by:Meera RoyPublished at: Dec 21, 2015

आर्थिक मंदी का दौर

आर्थिक मंदी का दौर
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शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो आर्थिक मंदी के दौर से प्रभावित न हो। असल बात यह है कि आर्थिक मंदी बड़े स्तर के कर्मचारियों को ही नहीं वरन छोटे स्तर के कर्मचारियों को भी प्रभावित करती है। सवाल है ऐसे में क्या किया? ऐसे में जरूरी है कि आर्थिक मंदी से हो रहे तनाव को कम करने के उपाय किये जाने चाहिए। क्योंकि आर्थिक मंदी प्रोफेशनल जिंदगी के साथ साथ निजी जिंदगी को भी तनाव से भर देती है।Image Source-Getty

काम से जुड़े तनाव

काम से जुड़े तनाव
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आर्थिक मंदी जब दरवाजे पर खड़ी हो तो हमें अतिरिक्त सजग हो जाना चाहिए। ऐसे समय में जरूरी है कि हम आफिस में सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा काम करें, किसी भी डेड लाइन को पार न करें। साथ ही साथ यह भी ज़हन में रखें कि बास की आंखों की नजर में आएं। एक बात और ध्यान दें कि मंदी के दिनों में छुट्टी जितनी संभव हो कम लें। ऐसा करने से मंदी के कारण हो रही छटाई में आपको नहीं निकाला जाएगा। जाहिर है यदि आपकी नौकरी नहीं जाती है तो तनाव आपके आसपास फट भी नहीं सकता।Image Source-Getty

तनाव को मैनेज करें

तनाव को मैनेज करें
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जाहिर है जब आपके पास काम ज्यादा होगा, आप तनाव से घिरे रहेंगे। लेकिन यह वो दौर होता है जब आप अपनी काबिलियत दूसरों से बेहतर दिखा सकते हैं। साथ ही यह भी ध्यान में रखें कि तनाव की वजह से फैसले लेने में लापरवाही न करें। जाहिर है तनाव के चलते बड़े फैसले लेने में गड़बड़ी हो सकती है। लेकिन आर्थिक मंदी आपको गड़बड़ी की छूट नहीं देती। अतः फैसले लेते समय तनाव को दरकिनार करें। ठंडे दिमाग से सोचे समझें और फिर फैसले लें।Image Source-Getty

पैसे का प्रबंधन करें

पैसे का प्रबंधन करें
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चूंकि मंदी सिर पर मंडरा रही है तो ऐसे में जरूरी है कि फिजूल का खर्चा न करें। खर्च करने के दौरान अकसर हमें यह पता नहीं चलता कि हम कितना खर्च कर चुके हैं। लेकिन अंत में हमें खुद पर कोफ्त होने लगती है। नतीजतन तनाव आकर हमारे सिर पर बैठ जाता है। ऐसे में जरूरी यह है कि शापिंग आदि अपने शौकों को इन दिनों के ठप्प कर दें। पैसों का प्रबंधन करे। जायज जगहों पर ही खर्च करें। एक बार जब मंदी के बादल झड़ जाएंगे तो फिर दोबारा अपने शौकों को अंजाम दिया जा सकता है।Image Source-Getty

घर और दफ्तर को मैनेज करें

घर और दफ्तर को मैनेज करें
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इसमें कोई दो राय नहीं है कि मंदी के दिनों में हर कर्मचारी दफ्तर को ज्यादा समय देने को तरजीह देता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि घर को पूरी तरह से अनदेखी कर दी जाए। जब हम घर को पर्याप्त समय नहीं देते तब भी तनाव हमें अपने चपेटे में ले लेती है। ऐसे में जरूरी है कि कम समय ही सही मगर घर को अवश्य दें। इससे काम को तनाव कम महसूस होगा और भावनात्मक रूप से खुद को मजबूत पाएंगी। भावनात्मक मजबूती आपको काम करने को प्रेरित करेगी और तनाव को दूर रखेगी।Image Source-Getty

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