फैमिली हो जजमेंटल तो ऐसे करें डील

हर परिवार में रिश्तेदारों की दखलंदाजी कई बार परेशानी का सबब बन जाती है, अगर आप भी ऐसी ही परेशानी का शिकार हो तो ये स्लाइडशो आपको इस परेशानी से निजात पाने के तरीके बताएगा।

Aditi Singh
Written by: Aditi Singh Published at: Dec 28, 2015

रिश्तेदारों की दखलंदाजी

रिश्तेदारों की दखलंदाजी
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रिश्तेदारों की भी हमारी जिंदगी में खासी अहमियत होती है, पर कई बार उनकी भलाई के चक्कर में उनके साथ हमारे संबंध खराब हो जाते हैं। दरअसल ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कई बार वो हमें पर्सनल स्पेस नहीं देते। बस यहीं से रिश्तों में खटास आनी शुरू हो जाती है। अगर आपके भी रिश्तेदार फिर चाहे वो ससुराल वालें हो या सगे भाई-बहन दखलंदाजी करते हो तो संभल जाए। आपके जीवन में उनकी बढ़ती दखलंदाजी को समय से रोक दें।  image source-getty

डिप्लोमैटिक तरीके से डील करें

डिप्लोमैटिक तरीके से डील करें
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अगर आपका रिश्तेदार आप पर अपनी राय थोप रहें तो प्यार के साथ आप उन्हें अपना जवाब दें। जैसे अगर आपको कोई बोलता है कि शआदी कब कर रहीं हो , तो आप कह सकती है कि अभी आप अपने करियर पर ज्यादा ध्यान दे रहीं है। या आपको सेटल होने से पहले अभी कुछ समय चाहिए। ध्यान रहें जब आप इस बारें में बात कर रहीं हो तो बातों में सौम्यता के साथ दृढ़ता हो। इससे आपके रिश्तेदार बात को आगे नहीं बढ़ायेगे।  image source-getty

बात गर ससुराल की हो तो

बात गर ससुराल की हो तो
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अगर आपको इस बात की फिक्र हो रही है कि आपके या आपके साथी के परिवारवाले आपकी ज़िंदगी में कुछ ज़्यादा ही दखल दे रहे हैं, तो शांत माहौल में अपने साथी से इस बारे में बात कीजिए। यह आप दोनों को मिलकर तय करना होगा कि आप किस हद तक उन्हें अपनी ज़िंदगी में शामिल होने देंगे। फिर प्यार से उन्हें इस बारे में बताइए। आप बेरुखी से पेश आए बगैर, उनके साथ खुलकर और सीधे-सीधे बात कर सकते हैं। image source-getty

जब मामला हो सिब्लिंग्स का

जब मामला हो सिब्लिंग्स का
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भाई-बहन बचपन से साथ पले-बढे होते हैं, लेकिन बडे होने के बाद हमारे जीवन की दिशाएं, सोच और प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। हम अपनी जिंदगी को अपने ढंग से चलाना चाहते हैं। दो बहनों का रिश्ता शादी से पहले तक तो बहुत सहज और अपनत्व भरा होता है, पर शादी के बाद जब एक बहन दूसरे के घरेलू मामलों में बहुत ज्यादा रोक-टोक करती है तो इससे उनके आपसी रिश्ते में दरार आ सकती है। इसलिए अगर आपकी बहन की कोई बात आपके परिवार में परेशानी का सबब बन रही हों तो उसे प्यार से मना कर दें। image source-getty

जैसे को तैसा आदत ना रखें

जैसे को तैसा आदत ना रखें
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आप का मन तो करेगा कि आप पीठ पीछे बुराई करने वाले से वैसे ही बदला लें और उसी तरह उसे चोट पहुंचाएँ। परंतु इस तरह का व्यवहार समस्या को और बढ़ा देगा और आपको परेशान और भावनात्मक उलझनों में डाल देगा। अपने रिश्तेदार की भावनाओं और नज़रिए को समझना ज़रूरी है। हो सकता है वे सच्चे दिल से आपकी परवाह करते हों और आपकी भलाई चाहते हैं, इसलिए वे आपकी ज़िंदगी में शामिल होने की कोशिश करते हैं। image source-getty

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