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साइक्लिंग कैसे बनाती है आपको स्वस्थ

By:Anubha Tripathi, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jul 07, 2014
साइक्लिंग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद है। हर रोज साइक्लिंग करने से आप खुद ही इन फायदों को महसूस कर पाएंगे।
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    साइक्लिंग के फायदे

    यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है कि साइकिल चलाना बेहतर एक्सरसाइज है। साइकिल चलाने के शारीरिक फायदे तो होते ही हैं साथ ही यह आपको एक बेहतर इंसान भी बनाता है। साइक्लिंग न केवल शरीर में गैरजरूरी कैलोरी को घटाने का बेहतर तरीका है बल्कि इस प्रक्रिया में हमारा हर अंग काम करता है। साइकिल चलाने के दौरान शरीर की जो मुद्रा होती है उसे सबसे आदर्श मुद्रा माना गया है इसीलिए किसी भी एक्सरसाइज से बेहतर है साइक्लिंग करना।

    साइक्लिंग के फायदे
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    मजूबत मांसपेशी

    सामान्य तौर पर लोगों की धारणा होती है कि साइकिल चलाने से पैर की एक्सरसाइज होती है। लेकिन ये गलत है। साइकिल चलाने की प्रक्रिया में शरीर का हर अंग शामिल होता है। शरीर की हर मांसपेशी इस दौरान काम कर रही होती है यानी साइकिल चलाने से पूरा शरीर मजबूत बनता है। साथ ही शरीर की सहने की क्षमता भी बढ़ती है।

    मजूबत मांसपेशी
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    मोटापे से छुटकारा

    साइक्लिंग गैरजरूरी कैलोरी को घटाने का बेहतर तरीका है। एक घंटे लगातार साइक्लिंग में करीब 300 कैलोरी ऊर्जा खर्च होती है। हर रोज आधे घंटे साइकिल चलाकर साल में पांच किलो फैट कम कर सकते हैं।

    मोटापे से छुटकारा
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    पीठ दर्द से राहत

    साइकिल चलाने के दौरान शरीर की जो मुद्रा होती है उसे सबसे आदर्श मुद्रा माना गया है। साइक्लिंग के दौरान पीठ की मांसपेशियों भी पूरी तरह से सक्रिय हो जाती है। इससे उनकी भी एक्सरसाइज होती है। जिससे पीठ दर्द से छुटकारा मिलता है।

    पीठ दर्द से राहत
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    दिल को रखे स्वस्थ

    ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन के शोध के मुताबिक हफ्ते में 35 किलोमीटर साइक्लिंग से दिल संबंधी बीमारियों का खतरा 50 फीसदी कम हो जाता है। 10000 लोगों पर किए गए इस शोध में पाया गया है कि हर हफ्ते 35 किलोमीटर साइक्लिंग करने वाले कर्मचारियों के दिल की सेहत साइक्लिंग न करने वाले सहकर्मियों से 50 फीसदी बेहतर रही।

    दिल को रखे स्वस्थ
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    कम होता है तनाव

    साइक्लिंग तनाव और चिंता घटाने में उतनी ही कारगर होती है। बाहर प्रकृति के संपर्क में साइक्लिंग से मूड भी अच्छा बनता है। दिमाग को भी सुकून मिलता है। तो ध्यान रखें जब भी खुद को किसी तनाव या परेशानी में पाएं, लॉन्ग ड्राइव पर निकल जाएं। पर ये भी ध्यान रहे वापस भी उसी साइकिल से आना है। दूरी पर नियंत्रण भी रखें।

    कम होता है तनाव
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    सुरक्षा का रहता है खयाल

    साइकिल चलाना काफी सुरक्षित है इसमें कोई दोराय नहीं है। इसके अलावा जो लोग नियमित रुप से साइकिल चलाते हैं वो सुरक्षा के प्रति काफी सर्तक रहते हैं। वो साइकिल चलाने के दौरान अपने शरीर और दिमाग में संतुलन बना के रखते हैं।  

    सुरक्षा का रहता है खयाल
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    बेहतर सामंजस्य

    साइकिल चलाने में शरीर का हर अंग गतिशील और सक्रिय होता है। पैर पैडल मारते हैं। हाथ संतुलन साधे रखते हैं। आंख और कान पूरी तरह से खुले होते हैं। दिमाग भी सजग बना रहता है। ऎसी दशा में साइक्लिंग के दौरान शरीर के हर अंगों के बीच सामंजस्य बनता है। हर परिस्थिति के लिए ये सामंजस्य बहुत ही अच्छा होता है।

    बेहतर सामंजस्य
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    रक्त धमनियां होती हैं मजबूत

    नियमित रूप से साइकिल चलाने से धीरे-धीरे दिल से शरीर को रक्त ले जाने वाली नलिकाएं यानी धमनियां भी मजबूत होती है। साइक्लिंग में शरीर में मांसपेशियों का सबसे बड़ा समूह यानी पैर की मांसपेशियों सीधे शामिल होती हैं। ये ह्वदय की गति बढ़ाकर धमनियों की क्षमता और फिटनेस को बढ़ाती है।

    रक्त धमनियां होती हैं मजबूत
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