जानें मधुमेह और भावनाओं में क्‍या है संबंध

आराध्या अचानक पता चला कि उसे डायबिटीज है। यह उसके लिए किसी झटके से कम नहीं था। उसे यकायक एहसास होने लगा कि अब उसे खानपान से लेकर अपनी जीवनशैली में तमाम किस्म की तब्दीलियां करनी पड़ेगी। यही नहीं कई चाहतों को भी मारने पड़ेंगे। अगर उसने ऐसा नहीं किया तो उसके स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। असल में सिर्फ आराध्या ही नहीं तमाम ऐसे लोग हैं जो डायबिटीज के मरीज हो जाने पर उदासी से भर जाते हैं। लेकिन अगर आप अपनी भावनाओं पर थोड़ा सा नियंत्रण करें तो यकीन मानें कि उदासी आपसे कोसो दूर चली जाएगी।

Meera Roy
Written by: Meera RoyPublished at: Jul 04, 2016

घबराहट होना

घबराहट होना
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इसमें कोई दो राय नहीं है कि नए मरीजों के लिए डायबिटीज को मैनेज करना बहुत मुश्किल है। ऐसे में डाक्टर मरीज से क्या कह रहा है व वह उसे कितना समझ रहा है, यह सब जानना जरूरी है। लेकिन इन्हीं सब चीजों के कारण मरीज घबराहट से भर जाता है। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि मरीज अपनी इस बीमारी को सहजात से ले। जरूरी नहीं है कि डायबिटीज हो गया है तो उसकी जिंदगी का खात्मा हो गया है। आपको बताते चलें कि डायबिटजी पूर्णतः आपकी जीवनशैली पर आधारित बीमारी है। जीवनशैली को नियंत्रित रखें, यह बीमारी अपने आप संभली रहेगी। इसमें घबराने की कोई जरूरत नहीं है।Image Source-Getty

गुस्सा

गुस्सा
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किसी भी बीमारी के प्रति गुस्सा आ सकता है। जरा सोचिए कि गुस्से से आपका क्या लाभ होगा? शायद कुछ नहीं। लेकिन अगर जरा समझदारी दिखाएं तो यही बीमारी आपको सकारात्मकता की ओर ले जा सकती है। यदि आपमें इस बीमारी के प्रति गुस्सा, क्रोध, आवेश है तो उसका इस्तेमाल ऊर्जा के रूप में करें। गुस्सा का उपयोग करें और एक्सरसाइज करें ताकि आपकी बीमारी को ठीक होने में मदद मिले। डायबिटीज में एक्सरसाइज बेहतरीन विकल्प है। इससे आपका डायबिटीज नियंत्रण में रह सकता है।Image Source-Getty

उदासी

उदासी
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डायबिटीज के मरीज अकसर उदासी का शिकार हो जाते हैं। उदासी यानी नकारात्मकता। उदासी यानी तनाव। उदासी यानी झुंझलाहट। कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि यदि डायबिटीज के मरीज उदास हैं तो यह उनके लिए अच्छी खबर नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप इससे लड़ नहीं सकते। आपको चाहिए कि उदासी को खत्म करें। सवाल है कैसे? जाहिर है अपने आपको किसी अन्य काम व हाबी में लिप्त करके। जरूरी नहीं है कि डायबिटीज है तो अपनी हाबी को खत्म कर दिया जाए। खानपान में भी ज्यादा कटौती की आवश्यकता नहीं है। हालांकि डाक्टर की सलाह लें और खानपान में तब्दीलियां करें। यकीन मानिए यदि जीवनशैली अच्छी रहेगी तो उदासी आसपास भी नहीं फटकेगी।Image Source-Getty

शर्मिंदगी

शर्मिंदगी
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अकसर डायबिटीज के मरीज जब पार्टी आदि जगहों में जाते हैं तो खानपान के प्रति उन्हें बेहद सजग रहना होता। दूसरों के सामने वे तमाम चीजें नहीं खा पाते। इससे उन्हें शर्मिंदगी का एहसास होने लगता है। लेकिन जरा सोचिए कि आप अकेले तो ऐसे मरीज नहीं हैं जिसे डायबिटीज यानी मधुमेह है। ऐसे सैकड़ों नहीं बल्कि लाखों मरीज हैं जो मौजूदा समय में मधुमेह का शिकार हैं। यकीनन किसी पार्टी में आपको अपने जैसे लोग अवश्य मिलेंगे। उनके साथ रहें, वो जो खा रहे हैं, वहीं खाएं। इसके अलावा मौजूदा समय में पार्टियों में तमाम ऐसे किस्म के आहार भी शामिल होते हैं, जो मधुमेह के मरीजों के लिए उपयुक्त हैं। अतः उन्हीं को चुनें और पार्टी का आनंद लें यानी शर्मिंदगी को भूल जाएं।Image Source-Getty

असमंजस

असमंजस
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मधुमेह के मरीजों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनके लिए क्या सही है और क्या गलत? लेकिन अकसर आहार विशेष चुनते वक्त वे असमंजस में फंस जाते हैं कि उनके लिए क्या सही और क्या गलत है? सामान्यतः हर कोई मधुमेह के मरीजों को सलाह देता रहता है। मगर जरूरी यह है कि असमंजस में न फंसे और सीधे सीधे डाक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा उनसे यह भी पूछें कि कौन सी एक्सरसाइज आपके लिए सही है, कौन सा आहार विशेष बेहतर है और जीवनशैली में किस प्रकार की तब्दीलियां आवश्यक हैं। ध्यान रखें कि आम लोग डाक्टर नहीं हैं। अतः उन्हें मानक न बनाएं।Image Source-Getty

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