जानिए किस तरह फायदेमंद है आपके लिए गुस्सा

By:Anubha Tripathi, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Sep 08, 2014
बचपन से हम सुनते आए हैं कि गुस्सा सेहत के लिए ठीक नहीं है लेकिन कभी-कभी थोड़ा गुस्सा भी आपको सेहतमंद बना सकता है जानिए कैसे।
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    गुस्सा भी है फायदेमंद

    कहते हैं कि गुस्सा करना सेहत के लिए अच्छा नहीं होता। लेकिन कभी-कभी थोड़ा करना बुरा भी नहीं। यह सुनकर आप हैरान तो जरूर होंगे, लेकिन यह सच है। हाल ही में अमेरिका में हुए एक शोध में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि थोड़ा गुस्सा सेहत के लिए फायदेमंद होता है।

    गुस्सा भी है फायदेमंद
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    सही समय पर सही अनुपात में गुस्‍सा

    मशहूर दार्शनिक एरिस्‍टोटल ने 'निकोमै‍चीन एथिक्‍स' में कहा है कि जो व्‍यक्ति सही चीजों पर और सही लोगों के साथ गुस्‍सा होता है, और जब होना चाहिये तब होता है, और जितना होना चाहिये, उतना होता है, ऐसे व्‍यक्ति हमेशा प्रशंसा के पात्र होते हैं।

    सही समय पर सही अनुपात में गुस्‍सा
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    गुस्सा जाहिर करना अच्छा

    अमेरिकी वैज्ञानिकों एक शोध में कहते हैं गुस्सा जाहिर करने वाले लोग, गुस्से से डरने वालों की अपेक्षा अधिक आशावादी होते हैं। ऐसे लोगों के लिए स्वयं पर नियंत्रण रखना ज्यादा आसान होता है। शोध में शामिल लोगों को जानबूझ कर ऐसे सवाल दिए गए, जिनसे उन्हें गुस्सा व झुंझलाहट आए। बाद में वीडियो रिकार्डिंग देखकर इस बात का पता चला कि जिनके चेहरे पर गुस्से के बजाय डर था, उनका ब्लडप्रेशर, नब्ज की गति और स्ट्रेस हॉर्मोन लेवल सामान्‍य से ज्‍यादा था।

    गुस्सा जाहिर करना अच्छा
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    रिश्‍तों पर गुस्‍से का असर

    गुस्‍से को रिश्‍ते के लिए घुन माना जाता है। लेकिन शोध बताते हैं कि गुस्सा जाहिर करना आपके रिश्तों को और मजबूत बना सकता है। अपने पार्टनर से जुड़ी बातों को दिल में रखकर उसपर अंदर ही अंदर गुस्सा करने से अच्छा है कि आप उसे जाहिर कर इसका समाधान निकालें। इससे आपका रिश्ता और मजबूत हो सकता है।

    रिश्‍तों पर गुस्‍से का असर
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    भावनाओं को करता है जाहिर

    गुस्‍सा मनुष्‍य की भावनाओं को जाहिर करने वाला सामान्‍य व्‍यवहार है। अन्‍य भावनाओं की तरह यह भी मनौवैज्ञानिक और जैविक बदलावों को ही दिखाता है। इसलिए इससे ज्‍यादा घबराने की जरूरत नहीं।

    भावनाओं को करता है जाहिर
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    बातचीत का तरीका

    गुस्सा भी बातचीत का ही तरीका है। क्योंकि जब आप गुस्सा होते हैं तो लोग आपके गुस्से के कारण को समझ कर उसे अन्य लोगों तक पहुंचाते हैं। गुस्से के कई कारण हो सकते हैं। और ये कारण आसपास के माहौल या लोगों पर निर्भर करते हैं।

    बातचीत का तरीका
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    अच्छा और बुरा दोनों होता है गुस्सा

    इनसान की तरह ही तो होता है गुस्‍सा। इसका सही प्रबंधन आपके काफी काम आ सकता है। अगर इसे ठीक से संभाला ना जाए तो यह बहुत बुरा भी हो सकता है लेकिन सही प्रबंधन से यह भावनाओं को अच्छे से जाहिर करता है। भावनाएं ही आपके गुस्से को मैनेज कर सकती हैं।

    अच्छा और बुरा दोनों होता है गुस्सा
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    गलत पर बोलने की प्रेरणा

    गुस्सा हमें सतर्क करता है कि कहीं कुछ गलत है जिस पर हमें प्रतिक्रिया देने की जरूरत है। जब हम खुद को या किसी और बचाते हैं तो अक्सर हमारी बातों में गुस्सा दिखायी देने लगता है। यह गुस्सा दिखाता है कि आप जिसे बचा रहे हैं उससे कितना प्यार करते हैं। वो इंसान कोई भी हो सकता है जैसे  आपके परिवार का कोई सदस्य, दोस्त, सहकर्मी या सड़क पर चलने वाला अनजान व्यक्ति।

    गलत पर बोलने की प्रेरणा
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    मस्तिष्‍क में रक्‍त प्रवाह

    गुस्‍से से मस्तिष्‍क के सकारात्‍मक भावनाओं वाले हिस्‍से में रक्‍त प्रवाह बढ़ जाता है। एक शोध में यह बात सामने आयी है। इस शोध में शोधकर्ताओं ने 30 पुरुषों को 50 ऐसी बातें सुनायीं, जिनसे उन्‍हें क्रोध आने लग जाए। प्रयोग के फौरन पहले और बाद में प्रतिभागियों के दिल की धड़कन, धमनीय तनाव, हॉर्मोन तनाव और कोर्टिसोल के स्‍तर की जांच की गयी। शोध में पता चला कि मस्तिष्‍क का बायां हिस्‍सा अधिक सक्रिय हो गया।

    मस्तिष्‍क में रक्‍त प्रवाह
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    क्‍या आया शोध में

    यूनिवर्सिटी ऑफ वेलन्‍किया के प्रोफेसर डॉक्‍टर हेरेरो ने कहा कि मस्तिष्‍क का बायां हिस्‍सा बायां हिस्‍सा सकारात्‍मक भावनाओं और दायां हिस्‍सा नकारात्‍मक भावनाओं को नियंत्रित करता है। बायां हिस्‍सा करीबी और खुशी बढ़ाता है वहीं दायां हिस्‍सा डर और दुख का कारण होता है।

    क्‍या आया शोध में
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