गर्दन को कैसे बनायें सुंदर और निखरा

गर्दन में झुर्रियां पड़ने लगें या गर्दन मोटी दिखायी दे तो चहरा सुंदर होने के बावजूद सुंदरता फीकी पड़ने लगती है। लेकिन ठीक साफ-सफाई, उचित देखभाल व व्यायाम की मदद से गर्दन को सुंदर और निखरा बनाया जा सकता है।

Rahul Sharma
Written by: Rahul SharmaPublished at: Mar 06, 2014

गर्दन और सुंदरता

गर्दन और सुंदरता
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सुडौल व तने हुए कंधे और सुराहीदार गर्दन चेहरे को और आकर्षक बना देते हैं। अगर गर्दन में झुर्रियां पड़ने लगें या गर्दन मोटी दिखायी दे तो सुंदरता फीकी पड़ने लगती है। गर्दन पर उम्र का प्रभाव भी जल्दी पड़ता है। चेहरे की तरह गर्दन भी धूल, गर्द व धुएं की चपेट में आती है। इससे गर्दन पर झुर्रियां पड़ने लगती हैं और इसकी त्वचा कांतिहीन हो जाती है, इसलिए चेहरे के साथ-साथ नियमित रूप से गर्दन की सफाई का भी ध्यान रखना जरूरी होता है नहीं तो चेहरे और गर्दन के रंग में फर्क आ जाता है। साथ ही कुछ व्यायाम कर भी गर्दन को सुंदर शेप दी जा सकती है।

ठीक प्रकार से करें सफाई

ठीक प्रकार से करें सफाई
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गर्दन की नियमित सफाई के लिए नहाते समय मुलायम ब्रश से इसे हल्के-हल्के मलें ताकि मृत त्वचा या मैल निकल जाए। फिर मोटे तौलिये से पोंछकर इस पर माश्चराइजर लगाएं। रात को भी सोने से पहले गर्दन का मेकअप साफ करने इसे क्लीजिंग मिल्क साफ करें।

पपीते से मसाज

पपीते से मसाज
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हफ्ते में 2 से 3 बार पपीते के गूदे से गर्दन की मसाज करने से गर्दन की त्वचा पर निखार आता है। साथ ही नियमित अंतराल से पपीते की मसाज से गर्दन पर पड़ रही झुर्रियां भी दूर हो जाती हैं।

चिरौंजी और दूध

चिरौंजी और दूध
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रात को 10-25 चिरौंजियों को दूध में भिगो कर रख दें। सुबह उसे अच्छी तरह पीस कर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को गदन पर धीरे-धीरे हल्के हाथ से मसाज कर लगाएं। इस पेस्ट को लगाने से गर्दन का कालापन दूर होता है। यह प्रयोग सप्ताह में दो बार कर सकते हैं।

अंडे की जर्दी

अंडे की जर्दी
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30 से 35 साल की उम्र होने पर अक्सर महिलाओं को गर्दन में झुर्रियों दिखाई देने लगती हैं। इस परेशानी से बचने में अंडा बेहद मददगार साबित होता है। सबसे आसान तरीका है कि सप्ताह में एक बार अंडे की जर्दी को गर्दन पर लगाएं। सूखने के बाद गुनगुने पानी से इसे धो लें। ऐसा करने से जन्द ही गर्दन पर झुर्रियों की समस्या से मुक्ति मिलती है।

केला-मिल्क पाउडर पेस्ट

केला-मिल्क पाउडर पेस्ट
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केला-मिल्क पाउडर पेस्ट भी गर्दन की झुर्रियों से निजात दिलाने में लाभदायक होता है। इसके लिए एक केले को ठीक से मसल लें। इसमें एक चम्मच मिल्क पाऊडर मिला कर इस पेस्ट को गर्दन पर लगाएं। सूखने पर मिनरल वाटर से इसे धो लें। इस प्रयोग से गर्दन की झुर्रियां जल्द ही दूर होने लगती  हैं।

तेल मालिश

तेल मालिश
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गर्दन की झुर्रियों को दूर करने के लिए कोल्ड क्रीम, बादाम रोगन या जैतून के तेल की मालिश करने से बहुत लाभ होता है। ध्यान रहे कि मालिश हल्के हाथ से नीचे से ऊपर की ओर, बाएं से दाएं तथा दाएं से बाएं करें। ऐसा करने से न सिर्फ गर्दन की झुर्रियों दूर होती है, बल्कि वहां की त्वचा भी कांतिमय बनती है।

नेचुरल ब्यूटी पैक

नेचुरल ब्यूटी पैक
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एक चम्मच मसूर की दाल, एक चम्मच खीरे का रस, आधा चम्मच नींबू का रस तथा चार चम्मच दही को मिलाकर ठीक से फेंट कर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को अपनी गर्दन पर मसलकर लगाएं। अब इसे सूखने तक लगा रहने दें। सूख जाने पर इसे कच्चे दूध से छुटा लें। इसके इस्तेमालसे गर्दन का कालापन दूर हो जाता है और त्वचा पर चमक आती है।

मेकअप

मेकअप
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मेकअप की मदद से भी गर्दन को अधिक सुंदर बनाया जा सकता है। यदि आपकी गर्दन छोटी है तो चेहरे की अपेक्षा गर्दन पर हल्के शेड का फाउंडेशन लगाएं। इससे गर्दन लंबी लगेगी। अगर आपकी गर्दन ज्यादा लंबी है तो फाउंडेशन की रंगत गहरी रखें, साथ ही इसे दायें से बायें लगाएं। मोटी गर्दन को भी मेकअप से पतला दिखाया जा सकता हैं। इसके लिए गर्दन के सामने के हिस्से पर हल्के शेड का फाउंडेशन लगाएं और गर्दन के दोनों ओर गहरे रंग का। ब्लीच करते समय गर्दन पर भी इसे करें।

गर्दन का व्यायाम

गर्दन का व्यायाम
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गर्दन को प्रक-तिक रूप से सुंदर बनाने के लिए सीधी खड़ी होकर या बैठकर गर्दन को गोलाई में चारों ओर घुमाएं। इसके अलावा सीधी खड़ी हो जाएं, हाथ कमर पर रखें, अब गर्दन को जितना हो सके, पीछे की ओर ले जायें और फिर आगे की ओर लाएं। अब दाएं ले जाएं, फिर बाएं लाएं। इन क्रियाओं को रोज दस से पंद्रह बार करें। छोटी गर्दन को लंबी करने के लिए समतल चौकी पर पीठ के बल लेट जाएं तथा पलंग से गर्दन को नीचे लटकाएं। अब ऐसे ही लेटे-लेटे ही गर्दन ऊपर उठाएं। फिर धीरे-धीरे उसी अवस्था में आएं। इस क्रिया को भी बार-बार दोहराएं। गर्दन की सुंदरता को मोटापा भी खराब करता है, इसलिए अपने वजन को काबू करें। स्वयं को चुस्त-दुरुस्त रखने का प्रयास करें ताकि इसका प्रभाव गर्दन की सुडौलता पर न पड़े। उठते, बैठते, चलते समय गर्दन को तन कर रखें।

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