अधिक लार बहती है तो आजमायें ये घरेलू नुस्‍खे

कई लोगो को अत्यधिक लार बहने की समस्या होती है। इससे बार परेशानी और शर्म का सामना भी करना पड़ जाता है। अगर आपको भी ये समस्या हो तो इऩ घरेलु नुस्खों को अपनायें।

Aditi Singh
Written by: Aditi Singh Published at: Nov 06, 2015

अधिक लार आने का कारण

अधिक लार आने का कारण
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शरीर में लार बनाने वाले अलग से ग्लैंड्स होते हैं। सोते समय जागते समय की अपेक्षा अधिक लार का निर्माण होता है।लार बहने के कई कारण होते है जैसे  कुछ खाने पीने की चीज़ों से होने वाली एलर्जी की वजह से लार का अधिक निर्माण हो सकता है और वो बह सकती है।रात को अपने मुंह से सांस लेते हैं और ऐसे में आपके मुंह से लार बहने लगती है।कुछ एंटीडिप्रेसेंट और दवाएं जैसे कि मॉर्फिन, पिलोकार्पिन आदि लार का निर्माण बढ़ा देती हैं। लेकिन लार बहने की समस्या से निपटने के लिए आप ये घरेलु नुस्खों को अपना सकते है। Image Source-Getty

एनिमा क्रिया अपनाएं

एनिमा क्रिया अपनाएं
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मुंह से अधिक लार आने पर देर से पचने वाले भोजन को नहीं खाना चाहिए बल्कि जो भोजन जल्दी पचने वाला हो उसे ही खाना चाहिए।मुंह से लार आने पर गर्भवती स्त्री को अपने पेट को साफ करना चाहिए और पेट को साफ करने के लिए एनिमा क्रिया करनी चाहिए। इस प्रकार से प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार करने पर को अधिक लार आने की समस्या से छुटकारा मिल जाता है।Image Source-Getty

तुलसी के पत्ते

तुलसी के पत्ते
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तुलसी के 2-3 पत्तों को चबाने के बाद थोड़ा सा पानी पी लें। ऐसा एक दिन में कम से कम 3-4 बार करें। यह उपाय लार के बहने को तेजी से दूर करने में मदद करने के साथ इसे दोबारा होने से रोकने में भी आपकी मदद करेगा। तुलसी के पत्ते स्लाइवा पीएच का पुनः निर्माण और संतुलन द्वारा, मुंह के अंदर अम्लीय वातावरण पर अंकुश लगाने में मदद करते हैं जिससे एसिड के कारण होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।Image Source-Getty

फिटकरी पानी से कुल्ला

फिटकरी पानी से कुल्ला
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इस रोग से जल्दी छुटकारा पाने के लिए फिटकरी को पानी में मिलाकर कुल्ला (गरारा) करें जिसके फलस्वरूप उसके मुंह से लार आना बंद हो जाता है।भोजन के बाद आधा चम्मच सौंफ और एक लौंग का सेवन करें। इससे पाचन क्रिया  सुधरेगी। शुगर फ्री च्यूंइगम भी एक अच्छा विकल्प है। Image Source-Getty

सुहागा औऱ शहद

सुहागा औऱ शहद
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500 मिलीलीटर पानी में 125 ग्राम सुहागा मिलाकर गरारे करने और बीच-बीच में कुल्ला करने से लार का मुंह में अधिक आना (लार श्राव) बंद हो जाता है। सुहागा को शहद में मिलाकर रखें। इसे जीभ और मुंह के अन्दर के छाले पर दिन में 3 से 4 बार लगायें। इससे जीभ या मुंह में हुए छाले के कारण लार का गिरना और कब्ज (पेट मे गैस) खत्म होता है।Image Source-Getty

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