इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम को ठीक करने के लिए 6 घरेलू उपाय

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम एक सामान्य समस्या है। इस समस्या से निजात पाने के लिए आप घरेलू उपायों का सहारा ले सकते हैं। चलिए जानते हैं घरेलू उपाय

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jun 08, 2021

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम
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इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) बड़ी आंत को प्रभावित करने वाली बीमारी है। यह बहुत ही आम बीमारी है। इससे पीड़ित व्यक्ति को पेट में दर्द, मरोड़ की समस्या, पेट में सूजन, गैस, कब्ज और डायरिया जैसी समस्याएं होने लगती (Symotoms of Irritable Bowel Syndrome) है। अगर लंबे समय तक इन समस्याओं को नजरअंदाज करते हैं, तो आपको गंभीर समस्या हो सकती है।  समय पर इलाज न कराने की वजह से व्यक्ति का आंत क्षतिग्रस्त (intestine) भी हो सकता है। हालांकि, ऐसे मामले बहुत ही कम सामने आए हैं। इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (Irritable Bowel Syndrome) के शुरुआत में आप अपने खान पान में बदलाव करके इस बीमारी के लक्षणों को नियंत्रित कर सकते हैं। इस समस्या से ग्रसित लोगों की दिनचर्या पर काफी प्रभाव पड़ता है। इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि इससे आपका कौन सा हिस्सा प्रभावित हुआ है, साथ ही लक्षण कम या ज्यादा के आधार पर इलाज किया जा सकता है। शुरुआत में डॉक्टरी सलाहनुसार आप घरेलू उपायों से भी इस समस्या को ठीक करने की कोशिश कर सकते हैं। घरेलू उपाय जानने से पहले चलिए जानते हैं इसके लक्षण।

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के लक्षण (Symptoms of Irritable Bowel Syndrome)

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के लक्षण (Symptoms of  Irritable Bowel Syndrome)
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इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के लक्षण (Symptoms of  Irritable Bowel Syndrome) हर व्यक्ति में अलग-अलग दिखाई देते हैं। सिर्फ मल के साथ खून आना, इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के लक्षण नहीं होते हैं। इसके लक्षण कब्ज, दस्त, लगातार वजन का कम होना, भूख की कमी, बुखार होना जैसे लक्षण दो सकते हैं। इस तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। भले ही यह एक घातक बीमारी नहीं है, लेकिन अगर समय पर इसका इलाज न कराया गया, तो कई अन्य गंभीर समस्या हो सकती है। इसलिए इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के लक्षण के लक्षण दिखने पर अपने डॉक्टर से जरूरी सलाह लें। हल्के-फुल्के लक्षण दिखने पर आप घरेलू उपचार का सहारा ले सकते हैं। आइए जानते हैं उन घरेलू उपचार के बारे में-  

छाछ और हींग इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से दिलाए राहत

छाछ और हींग इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से दिलाए राहत
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छाछ पेट को ठंडक प्रदान करता है। वहीं, हींग पेट में होने वाले गैस, कब्ज और अन्य परेशानियों से राहत दिलाने में कारगर है। अगर आप काफी समय से इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से परेशान हैं, तो छाछ में 1 चुटकी हींग और जीरा पाउडर मिक्स करके पिएं। इससे इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम में होने वाले गैस की समस्या से राहत पा सकते हैं। दरअसल, छाछ प्रोबायोटिक्स का खाजाना होता है, जो पाचन को दुरुस्त रखने में काफी असरदार है। इसलिए अधिकतर डायटीशियन अपने डाइट में छाछ और दही को शामिल करने की सलाह देते हैं। अगर आप अपनी इस समस्या से निजात पाना चाह रहे हैं, तो डाइट में छाछ जरूर शामिल करें।  

काली मिर्च और काला नमक

काली मिर्च और काला नमक
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अगर आप बार-बार इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से परेशान हैं, तो कालीमिर्च और काला नमक का सेवन करें। यह दोनों ही चीजें पेट में होने वाली समस्याओं को दूर करने में असरदार साबित हो सकते हैं। इसका सेवन आप मट्ठे या फिर दही में मिक्स करके कर सकते हैं। इससे आपका काफी हल्दी आराम मिल सकता है। इसके अलावा काले नमक को पानी में अच्छे से छोलकर इसमें हरड़ का चूर्ण मिक्स करके भी पी सकते हैं। सुबह-शाम इस मिश्रण से सेवन से आपाकी इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से काफी राहत मिल सकता है। साथ ही आप काली मिर्च का सेवन शहद के साथ कर सकते हैं। इससे आपको काफी आराम मिल सकता है।  

नींबू का मिश्रण है असरदार

नींबू का मिश्रण है असरदार
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इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से राहत दिलाने में नींबू काफी असरदार साबित हो सकता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए 1 चम्मच नींबू का रस लें। इसमें 4 ग्राम पिप्पली मिलाएं। साथ ही आप इसमें 1 चुटकी सेंधा नमक मिक्स कर सकते हैं। अब इस मिश्रण का सुबह-शाम सेवन करें। इससे आपको काफी फायदा मिल सकता है। इस मिश्रण के सेवन से आपकी भूख बढ़ सकती है। साथ ही पेट से जुड़ी कई परेशानियां जैसे- गैस, अपच, कब्ज, एसिडिटी से राहत पा सकते हैं। पेट की परेशानियों को दूर करने में नींबू का रस भी काफी असरदार माना जाता है। आप अपने डाइट में इस मिश्रण के अलावा नींबू का रस भी शामिल कर सकते हैं।  

पेपरमिंट ऑयल

पेपरमिंट ऑयल
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इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की समस्या को दूर करने के लिए आप पेपरमिंट ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। पेपरमिंट ऑयल हमारे मसल्स को ईजी करता है। साथ ही खाने के पचाने में भी मददगार साबित हो सकता है। नियमित रूप से पेपरमिंट का इस्तेमाल करने से इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की परेशानी से राहत पाया जा सकता है। साथ ही इस समस्या में होने वाले दर्द से भी छुटकारा पा सकते हैं। इतना ही नहीं, पेपरमिंट ऑयल के इस्तेमाल से हार्ट बर्न, गैस और कुपच जैसी परेशानी से निजात पाया जा सकता है। इसका इस्तेमाल आप कई तरीकों से कर सकते हैं। जैसे-पानी में मिक्स करके पिएं। खाने में 1 से 2 बूंद डालें। इत्यादि तरीकों से आप पेपरमिंट ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं।  

हींग का मिश्रण है लाभकारी

हींग का मिश्रण है लाभकारी
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हींग के इस्तेमाल से भी आप पेट से जुड़ी समस्या से राहत पा सकते हैं। इसके लिए हींग, अजवाइन और सोंठ को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। इस चूर्ण को सुबह-शाम गर्म पानी के साथ खाने के बाद लें। इसके अलावा हींग को आप अपनी सब्जियों में भी डाल सकते हैं। हींग इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से राहत दिलाने में कारगर माना जाता है। इस चूर्ण को सब्जियों में मिक्स करके खाने से संग्रहणी रोग से आपको आराम मिल सकता है।   

सोंठ और मिश्री भी है फायदेमंद

सोंठ और मिश्री भी है फायदेमंद
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सोंठ और मिश्री का मिश्रण भी इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से राहत दिलाने में कारगर है। इस मिश्रण को तैयार करने के लिए सोंठ के आधे चम्मच चूर्ण में थोड़ी सी मिश्री मिलाकर इसका सेवन करें। इससे आपकी भूख बढ़ेगी। साथ ही पाचन भी दुरुस्त होगा। नियमित रूप से इसका सेवन करने से आप अपनी समस्या  को दूर कर सकते हैं। आयुर्वेद एक्सपर्ट भी पेट से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए सोंठ और मिश्री खाने की सलाह देते हैं। इतना ही नहीं मिश्री का सेवन कई लोग माउथफ्रेशनर के रूप में भी करते हैं। इससे आप अपनी परेशानियों से काफी हद तक राहत पा सकते हैं।  

जरूरी बातें

जरूरी बातें
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ध्यान रखें कि अगर आपके पेट की स्थिति में लगातार किसी तरह का बदलाव हो रहा है। अगर आप अतिसार, दस्त या फिर अचानक से वजन घटने जैसी परेशानी से ग्रसित हैं, तो फौरन अपने डॉक्टर से संपर्क करें। पेट में गंभीर रूप से दर्द और रात के समय मल त्यागने की परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से जरूरी सलाह लेना न भूलें। डॉक्टर द्वारा दिए जरूरी सलाह को फॉलो करें। साथ ही किसी तरह के घरेलू उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर से संपर्क सलाह जरूर लें। ताकि डॉक्टर आपको उचित जानकारी दें सकें। डॉक्टर के सलानुसार किसी भी चीज का सेवन न करें।  

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