छोटे बच्चों में डायपर रैश होने पर अपनाएं ये 9 घरेलू उपाय

छोटे बच्चों में डायपर रैशेज होना बेहद सामान्य है। इसे ठीक करने के लिए आप कुछ घरेलू उपायों का सहारा ले सकते हैं। जानें इनके बारे में

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: May 31, 2021

डायपर रैश को ठीक करने के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies to Cure Diaper Rash)

डायपर रैश को ठीक करने के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies to Cure Diaper Rash)
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शिशुओं की त्वचा बेहद नाजुक होती है। जिससे उन्हें त्वचा संबंधी संक्रमण होने की संभावना अधिक रहती है। अकसर डायपर की वजह से भी बच्चों को रैशेज होने लगते हैं। इस दौरान बच्चे को बहुत दर्द और जलन होती है, जिससे बच्चा रोने लगता है। डायपर रैशेज से बच्चे की त्वचा में खुजली भी हो सकती है। ऐसे में आपको अपने बच्चे के डायपर को नियमित रूप से बदलना जरूरी होता है। साथ ही ज्यादा टाइप डायपर भी बच्चे को पहनाने से बचें। अकसर गीले डायपर को लंबे समय तक बच्चे को पहनाने की वजह से यह समस्या होती है। अगर आपके बच्चे या शिशु को भी डायपर रैश की समस्या है, तो आप इसे ठीक करने के लिए कुछ घरेलू उपायों का सहारा ले सकते हैं। इनकी हेल्प से बच्चे के रैशेज जल्दी ठीक हो सकते हैं।   

1) नारियल तेल (Coconut Oil)

1) नारियल तेल (Coconut Oil)
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नारियल तेल त्वचा संबंधी सभी तरह के विकारों को दूर करने में मददगार होता है। नारियल तेल में एंटी बैक्टीरियल, एंटी वायरल और एंटी फंगल गुण मौजूद होते हैं। इसलिए बच्चों में डायपर रैश होने पर इसका उपयोग करना फायदेमंद माना जाता है। इसके इस्तेमाल से शिशु के रैशेज ठीक हो सकते हैं। नारियल तेल की तासीर ठंडी होती है, जो रैशेज की जलन दूर करने में भी मदद करता है। यह त्वचा को मुलायम और मॉयश्चराइज करता है। इसके लिए आप अपने हल्के हाथों से नारियल तेल को बच्चे के प्रभावित स्थान पर लगाएं। रैशेज होने पर कुछ दिनों तक नियमित रूप से नारियल तेल लगाने से शिशु को बहुत आराम मिलेगा। बेहतर परिणाम के लिए इसे दिन में 2-3 बार लगाएं। 

2) एलोवेरा जैल (Aloe Vera Gel)

2) एलोवेरा जैल (Aloe Vera Gel)
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एलोवेरा जैल सेहत और बालों के साथ ही त्वचा के लिए भी लाभकारी होता है। बच्चे को डायपर रैश होने पर आप एलोवेरा जैल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें कई ऐसे औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो रैशेज को ठीक करने में मददगार होते हैं। एलोवेरा जैल रैश की जलन को ठीक करता है और शिशु की त्वचा को ठंडक देता है। एलोवेरा में एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं, तो बैक्टीरिया को मारकर रैशेज को ठीक करते हैं। इसके लिए आप एलोवेरा का पल्प लें और उसे बच्चे के प्रभावित स्थान पर लगाएं। इसे दिन में 3-4 बार लगाने से बच्चे को जल्दी फायदा मिलेगा। अगर आपके पास नैचुरल एलोवेरा पल्प नहीं है, तो आप बाजार वाले एलोवेरा जैल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

3) पेट्रोलियम जेली (Petroleum Jelly)

3) पेट्रोलियम जेली (Petroleum Jelly)
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बच्चों को डायपर रैश की समस्या से राहत दिलाने के लिए पेट्रोलियम जेली भी सहायक होती है। इससे बच्चे को बहुत जल्दी आराम मिलता है। पेट्रोलियम जेली में ल्यूब्रिकेटिंग और कोटिंग तत्व पाए जाते हैं, जो बच्चे को होने वाली जलन को शांत करता है। इसके इस्तेमाल से डायपर रैश के घाव भी ठीक होते हैं। पेट्रोलियम जेली बच्चों की त्वचा को मॉयश्चराइज करने में लाभकारी होता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले बच्चे को नहला लें। बच्चे के शरीर को किसी नरम तैलीये से अच्छे से पोछ लें। इसके बाद डायपर वाले हिस्से या प्रभावित स्थान पर पेट्रोलियम जेली लगाएं। इससे बच्चे के डायपर रैश की समस्या जल्दी ठीक हो जाती है। आप नियमित रूप से कुछ दिनों तक ऐसा करके अपने बच्चे की समस्या को आसानी से ठीक कर सकते हैं। 

4) ओटमील (Oatmeal)

4) ओटमील (Oatmeal)
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बच्चे के डायपर रैश को ठीक करने लिए ओटमील का भी उपयोग किया जा सकता है। ओटमीट को त्वचा पर होने वाले दानों और रैशेज दोनों को ठीक करने के लिए उपयोगी माना जाता है। ओटमील बच्चे की त्वचा को मुलायम बनाता है। ओटमील में सैपोनिन नामक तत्व होता है, जिससे त्वचा पर लगी गंदगी पूरी तरह से साफ हो जाती है। इसके साथ ही ओटमील में एंटी-इंफ्लामेटेरी गुण भी पाया जाता है, जो डायपर रैश से होने वाली जलन को कम करता है। इसके इस्तेमाल के लिए आप थोड़ा सा ओटमील लें। इसे मिक्सी में ग्राइंड करके बारीक बना लें। इसे बच्चे के नहाने के पानी में मिला लें। अब बच्चे के प्रभावित स्थान को इस पानी में 8-10 मिनट डुबोकर रखें और नरम तैलीय से पोछें। आप ऐसा दिन में 2-3 बार कर सकते हैं। 

5) दही (Curd)

5) दही (Curd)
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दही खाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। साथ ही अगर इसे बालों और त्वचा पर लगाया जाए, तो इससे बालों और त्वचा को भी फायदा मिलता है। अगर आपके शिशु को डायपर की वजह से रैशेज हो गए है, तो आप ऐसे में भी दही को क्रीम के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। आप बच्चे के प्रभावित स्थान पर दही लगा सकते हैं। बच्चे के रैशेज वाली जगह पर दही लगाने से उन्हें इस समस्या से निजात मिल सकता है। दही में सूजनरोधी और प्रोबायोटिक्स गुण होते हैं, जो त्वचा संबंधी रोगों को दूर करने में मदद करते हैं। आप चाहें तो बच्चे की डाइट में भी दही शामिल कर सकते हैं। इससे भी उन्हें डायपर रैशेज में आराम मिल सकता है।

6) टी ट्री ऑयल (Tea Tree Oil)

6) टी ट्री ऑयल (Tea Tree Oil)
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डायपर रैश होने पर टी ट्री ऑयल भी बेहद उपयोगी माना जाता है। टी ट्री ऑयल त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है। बच्चे के डायपर रैश की समस्या को ठीक करने के लिए भी आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप पानी में टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदे मिला लें। इसे बच्चे के रैशेज या प्रभावित स्थान पर लगाएं। इसमें एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो त्वचा के इंफेक्शन और गंदगी को दूर करने में मदद करते हैं। यह स्किन के ओपन पोर्स से गंदगी को पूरी तरह से साफ करने में लाभकारी होता है। अपने बच्चे के डायपर रैश की समस्या को ठीक करने के लिए आप टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। कुछ दिनों तक नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करने पर बच्चे को इस समस्या से राहत मिलेगी। 

7) विनेगर (Vinegar)

7) विनेगर (Vinegar)
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शिशु के डायपर रैश को ठीक करने के लिए विनेगर का इस्तेमाल करना भी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, डायपर बच्चे के पेशाब को सोखता है, लेकिन लंबे समय तक डायपर लगे रहने से शिशु की त्वचा का पीएच लेवल बिगड़ जाता है, जिससे उसे जलन और रैशेज होने लगते हैं। ऐसे में त्वचा के पीएच लेवल को बैलेंस करने के लिए विनेगर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए आपको बच्चे के डायपर वाले स्थान को विनेगर से साफ करें। इससे बच्चे को किसी तरह का इंफेक्शन नहीं होगा। साथ ही आप चाहें तो बच्चे के नहाने के पानी में भी विनेगर मिला सकते हैं। इस पानी में बच्चे के प्रभावित स्थान को 10 मिनट के लिए डालें और फिर अच्छी तरह से साफ कर लें। इससे बच्चे को रैशेज की समस्या नहीं होगी और अगर है, तो वह ठीक हो जाएगी।

8) सेंधा नमक (Sendha Namak)

8) सेंधा नमक (Sendha Namak)
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सेंधा नमक में सूजनरोधी गुण होते हैं, जो त्वचा की जलन को ठीक करने में उपयोगी होते हैं। अगर आपके बच्चे या शिशु को डायपर की वजह से रैशेज हो गए है, तो ऐसे में आप सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप एक छोटे टब पानी में आधा कप सेंधा नमक मिलाएं। इस टब में अपने शिशु को 20 मिनट के लिए बिठा दें। ऐसा करने से बच्चे की रैशेज की समस्या ठीक हो सकती है। आप ऐसा हफ्ते में 2 बार कर सकते हैं। साथ ही सेंधा नमक में काफी मात्रा में मैग्नीशयम भी पाया जाता है, जो त्वचा की सूजन को कम करने में मदद करता है।

9) नीम का पाउडर (Neem Powder)

9) नीम का पाउडर (Neem Powder)
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नीम की पत्तियों में एंटी माइक्रोबियल और एंटी वायरल गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा पर होने वाले किसी भी तरह के इंफेक्शन से हमारा बचाव करते हैं। बच्चे के डायपर रैशेज होने पर आप नीम की पत्तियों के पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप नीम की पत्तियों को पहले अच्छी तरह से सूखाएं और फिर इनका पाउडर बना लें। बच्चे के नहाने के पानी में इस पाउडर को डालें। शिशु को इस पानी में थोड़ी देर के लिए बिठा दें। कुछ दिनों तक नियमित रूप से ऐसा करने से बच्चे की समस्या ठीक हो जाएगी और उसे दर्द भी नहीं होगा। आप चाहें तो डायपर रैश को ठीक करने के लिए नीम के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते  हैं। 

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