छोटे बच्चों की हिचकी दूर करेंगे ये 5 घरेलू नुस्खे 

घर में छोटे बच्‍चे हैं और उन्‍हें अक्‍सर ह‍िचकी आने की समस्‍या होती है तो जानें ह‍िचकी दूर करने के 5 आसान घरेलू उपाय

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: May 26, 2021

बच्‍चे की ह‍िचकी कैसे रोकें? (How to get rid of baby hiccups)

बच्‍चे की ह‍िचकी कैसे रोकें? (How to get rid of baby hiccups)
1/7

ह‍िचकी न सिर्फ बड़े बल्‍क‍ि बच्‍चों को भी होती है। ये बहुत आम समस्‍या है। हालांक‍ि बच्‍चे इस परेशानी को समझ नहीं पाते और देर तक ह‍िचकी बंद न होने पर रोने लगते हैं। डायाफ्राम के सिकुड़ने और वोकल कॉर्ड के तुरंत बंद होने के कारण हि‍चकी आती है। वोकल कॉर्ड के जल्‍दी से बंद होने पर ह‍िचकी की आवाज आती है। छोटे बच्‍चों में ह‍िचकी रोकने का सबसे आसान तरीका है क‍ि आप बच्‍चे को खाना ख‍िलाने के बाद या दूध प‍िलाने के बाद डकार जरूर द‍िलवाएं। छोटे बच्‍चों का पाचन तंत्र मजबूत नहीं होता है, इस बात को ध्‍यान में रखते हुए आप थोड़ा-थोड़ा ख‍िलाएं। इसके ल‍िए न्‍यूट्र‍िशन‍िस्‍ट से म‍िलें और बच्‍चे की उम्र और वजन के मुताब‍िक उसकी खुराक तय करें। मां के गर्भ में भी गर्भस्‍थ श‍िशु को हि‍चकी आती है पर उसे एक ग्रोथ का साइन माना जाता है। वहीं जन्‍म के बाद अगर बच्‍चे को लगातार ह‍िचकी आ रही है तो आपको डॉक्‍टर से सलाह लेनी चाह‍िए, इसके अलावा कुछ आसान घरेलू नुस्‍खे हैं ज‍िन्‍हें आप बच्‍चे की ह‍िचकी रोकने के ल‍िए इस्‍तेमाल कर सकते हैं। 

1. ह‍िचकी रोकने के ल‍िए बच्‍चे को नींबू चटाएं (Lemon to cure baby hiccups)

1. ह‍िचकी रोकने के ल‍िए बच्‍चे को नींबू चटाएं (Lemon to cure baby hiccups)
2/7

ह‍िचकी आने पर आप बच्‍चे को नींबू चटा सकते हैं। नींबू पर थोड़ा नमक डाल दें। नींबू चटाने के बाद बच्‍चे का मुंह धुला दें क्‍योंक‍ि नींबू में सिट्रिक एस‍िड होता है। नींबू चाटने से नर्व की एक्‍ट‍िव‍िटी बदलती है और ब्रेन में नई क्र‍िया का स‍िगनल जाता है ज‍िससे ह‍िचकी बंद हो जाती है। बच्‍चे को ह‍िचकी आने के पीछे कई कारण होते हैं, कुछ लोग बच्‍चे को लगातार दूध प‍िलाते हैं ज‍िससे बच्‍चा हवा खींच लेता है और ह‍िचकी आती है इसल‍िए बच्‍चे को थोड़ा-थोड़ा करके दूध प‍िलाएं और हर बार दूध प‍िलाने के बाद उसे डकार द‍िलाना न भूलें। नींबू चटाने के अलावा आप बच्‍चे को खाना ख‍िलाने के बाद हैवी एक्‍ट‍िव‍िटी कराने से बचें जैसे कूदना, गेम्‍स खेलना या कोई और एक्‍टिव‍िटी करना। फ‍िज‍िकल एक्‍ट‍िव‍िटी और बच्‍चे के खाने में कम से कम एक घंटे का फर्क होना चाह‍िए। आप बच्‍चे को खाना ख‍िलाकर 20 से 30 म‍िनट तक गोद में लेकर चलें। इससे बच्‍चे को डकार आएगी और ह‍िचकी की समस्‍या नहीं होगी

2. बच्‍चे को ग्राइप वॉटर पिलाएं (Gripe water to cure baby hiccups)

2. बच्‍चे को ग्राइप वॉटर पिलाएं (Gripe water to cure baby hiccups)
3/7

अगर बच्‍चे को ह‍िचकी से ज्‍यादा परेशानी हो रही है तो आप उसे ग्राइप वॉटर प‍िलाएं। आप इसे घर पर तैयार कर सकते हैं। ग्राइप वॉटर से पेट की समस्‍या से भी बच्‍चे को आराम म‍िलेगा। ग्राइप वॉटर बनाने के ल‍िए आप पानी को गरम करें उसमें सौंफ, नींबू, अदरक डालें और पानी आधा होने तक उबालें। जब पानी ठंडा हो जाए तो चम्‍मच की मदद से बच्‍चे को प‍िलाएं। ग्राइप वॉटर से पाचन क्र‍िया बढ़ती है और हिचकी रुक जाती है। ग्राइप वॉटर प‍िलाते समय आपको इस बात का ध्‍यान रखना होगा क‍ि वो पतला हो क्‍योंक‍ि इसका स्‍वाद तेज होता है। आप चाहें तो मार्केट से ग्राइप वॉटर खरीदकर भी रख सकते हैं लेकिन ग्राइप वॉटर सप्‍लीमेंट की तरह इस्‍तेमाल क‍िया जाता है इसल‍िए इसे प‍िलाने से पहले आप बालरोग व‍िशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। वैसे तो ह‍िचकी की समस्‍या कुछ समय में ठीक हो जाती है पर ह‍िचकी के साथ अगर बच्‍चे के पेट में भी दर्द या कोई अन्‍य समस्‍या है तो एक बार आपको च‍िक‍ित्‍सा सलाह लेनी चाह‍िए। 

3. ह‍िचकी रोकने के ल‍िए बच्‍चे को चीनी खिलाएं (Sugar to cure baby hiccups)

3. ह‍िचकी रोकने के ल‍िए बच्‍चे को चीनी खिलाएं (Sugar to cure baby hiccups)
4/7

ह‍िचकी रोकने के ल‍िए सालों से ये नुस्‍खा अपनाया जा रहा है। आप बच्‍चे को चीनी के कुछ दानें ख‍िलाएं, ह‍िचकी अपने आप बंद हो जाएगी। अगर आपका बच्‍चा ठोस आहार लेता है तो आप चीनी के दाने ख‍िला सकते हैं अगर बच्‍चा ठोस आहार नहीं लेता तो आप लॉलीपॉप या क‍िसी स्‍ट‍िक में चीनी के दाने च‍िपकाकर बच्‍चे को दे सकते हैं। इससे बच्‍चा चीनी को चूस लेगा। चीनी का पानी प‍िलाने से भी ह‍िचकी रुक जाती है। अगर बच्‍चे को लगातार ह‍िचकी आ रही है तो उसे अड़चन महसूस हो सकती है, आप उसका ध्‍यान दूसरी ओर लगाएं। आप बच्‍चे को कोई चमकीली चीज या ख‍िलौना दें ताक‍ि वो समस्‍या को महसूस करके परेशान न हो। इसके अलावा आप बच्‍चे के हाथ में छोटी बॉल भी दे सकते हैं। बॉल को दबाने से भी द‍िमाग में इफेक्‍ट पड़ेगा और हि‍चकी की समस्‍या दूर हो जाएगी। वैसे तो ह‍िचकी की समस्‍या बच्‍चों में आम बात है ये कुछ समय में खुद ही ठीक हो जाती है, मां के गर्भ में भी होने वाले बच्‍चे को ह‍िचकी आती है। 

4. बच्‍चे को शहद चटाएं (Honey could cure baby hiccups)

4. बच्‍चे को शहद चटाएं (Honey could cure baby hiccups)
5/7

एक चम्‍मच शहद को गरम पानी में म‍िलाकर बच्‍चे की जीभ पर रखें। सीरप की तरह बच्‍चा उसे पी लेगा। अगर आपका बच्‍चा बड़ा है तो वो सीधे शहद चाट भी सकता है। शहद से ह‍िचकी की समस्‍या दूर होती है। बच्‍चे को शहद चटाने के अलावा आप बच्‍चे को गुनगुने पानी के कुछ घूंट प‍िलाएं। ऐसा करने से वेगस नर्व में हरकत होगी और ह‍िचकी बंद हो जाएगी। वेगस नर्व ब्रेन से पेट तक जाती है। वेगस नर्व को शांत करने के ल‍िए आप कुछ और भी ट्राय कर सकते हैं। इस घरेलू नुस्‍खे के अलावा अगर अगली बार बच्‍चे को ह‍िचकी आए तो ब्रेन को आराम पहुंचाने के ट्र‍िक्‍स ट्राय करें। अपनी उंगल‍ी को बच्‍चे का कान पर 20 से 30 सेकेंड के ल‍िए रखें या बच्‍चे के कान के पीछे के ह‍िस्‍से को सहलाएं, इससे वेगस नर्व में एक र‍िलैक्‍स स‍िगनल जाएगा और ह‍िचकी की समस्‍या दूर हो जाएगी। एक और आसान तरीका है ज‍िससे बच्‍चे को आ रही हि‍चकी बंद हो सकती है। बच्‍चे की हथेली को अपने अंगूठे से दबाएं। इससे नर्व स‍िस्‍टम पर फर्क पड़ेगा और ह‍िचकी की समस्‍या दूर हो जाएगी। 

5. बच्‍चे को पीनट बटर चटाएं (Peanut butter to cure baby hiccups)

5. बच्‍चे को पीनट बटर चटाएं (Peanut butter to cure baby hiccups)
6/7

ह‍िचकी दूर करने के ल‍िए पीनट बटर का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। पीनट बटर बॉडी में धीरे-धीरे डाइजेस्‍ट होता है ज‍िससे खाने खाने और सांस लेने के पैटर्न में फर्क आता है और ह‍िचकी की समस्‍या दूर हो जाती है। ये नुस्‍खा बच्‍चों के साथ-साथ बड़ों में भी काम करता है, लेक‍िन बड़े क‍िसी भी फॉर्म में पीनट बटर खा सकते हैं पर अगर आपका बच्‍चा ठोस आहार नहीं लेता है तो आप उंगली में पीनट बटर लेकर बच्‍चे की जीभ पर रखकर उसे चटा सकते हैं। पीनट बटर गाढ़ा होता है इसल‍िए इससे ह‍िचकी की समस्‍या दूर हो जाती है पर ध्‍यान रखें क‍ि छोटे बच्‍चे को बटर की थोड़ी ही मात्रा चटाएं। पीनट बटर चटाने से ह‍िचकी की समस्‍या दूर न हो तो आप एक और तरीका अपना सकते हैं। बच्‍चे के सामने बैठ जाएं और अपनी जीभ बाहर न‍िकालें। बच्‍चे अक्‍सर हमारी नकल करते हैं। आपको जीभ न‍िकालता देख वो भी इस क्र‍िया को दोहराएंगे। जीभ न‍िकालने से वोकल कॉर्ड र‍िलैक्‍स होगी। ऐसा करने से सांस लेने में आसानी होती है और ह‍िचकी बंद हो जाती है। 

बच्‍चे को बार-बार ह‍िचकी न आने दें (Preventing hiccups in babies)

बच्‍चे को बार-बार ह‍िचकी न आने दें (Preventing hiccups in babies)
7/7

कुछ आसान तरीके हैं ज‍िनकी मदद से आप बच्‍चों में ह‍िचकी की समस्‍या को रोक सकते हैं। क‍िसी भी इंसान में ह‍िचकी की समस्‍या को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है पर आप बच्‍चे की बार-बार ह‍िचकी आने की समस्‍या को दूर सकते हैं। बच्‍चे को ह‍िचकी की समस्‍या से बचाने के ल‍िए उसका डाइजेशन बेहतर करें। इसके लि‍ए आपको बच्‍चे को कुछ भी ख‍िलाते समय ये ध्‍यान देना है क‍ि बच्‍चा शांत हो, अगर बच्‍चा परेशान है या रो रहा है तो उसे जबरदस्‍ती खाना न खिलाएं। ऐसा करने से खाना बच्‍चे के गले में अटक सकता है और उसे ह‍िचकी की समस्‍या हो सकती है। कुछ माता-प‍िता बच्‍चे को हर थोड़ी देर में कुछ न कुछ ख‍िलाने का प्रयास करते हैं, इस आदत से बचें। बच्‍चे को भूख न होने पर भी खाना ख‍िलाना अच्‍छी आदत नहीं है, इससे बच्‍चे को उल्‍टी, ह‍िचकी या पेट में दर्द की श‍िकायत हो सकती है। अगर हि‍चकी से बच्‍चे की नींद खराब होती है या ह‍िचकी समस्‍या लगातार कई द‍िनों तक बनी रहती है तो आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए।

Disclaimer