इन घरेलू उपायों को आजमाने से नहीं होगी मतली

मतली होने के कई कारण होते हैं जैसे कि अधिक या दूषित खाना खाने, बीमारी, गर्भावस्था, ज्‍यादा शराब पीने, विषाणुजनित संक्रमण, पेट में संक्रमण आदि। कुछ ऐसी घरेलू उपचार है जिनके इस्‍तेमाल से मतली की समस्‍या को रोका जा सकता है।

Pooja Sinha
Written by: Pooja SinhaPublished at: Mar 01, 2014

मतली या उल्‍टी जैसा महसूस होना

मतली या उल्‍टी जैसा महसूस होना
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सभी को कभी न कभी मतली की समस्‍या होती हैं। जब आपको असहज और बीमार जैसा लगता है उस समय आपको उल्‍टी जैसा महसूस होता है। उल्टियां होने के एहसास को मतली के नाम से भी जाना जाता है, लेकिन यह उल्टियां आने से पहले का एहसास होता है, कारण नहीं। मतली होने के कई कारण होते हैं जैसे कि अधिक या दूषित खाना खाने, बीमारी, गर्भावस्था, ज्‍यादा शराब पीने, विषाणुजनित संक्रमण, पेट में संक्रमण आदि। कुछ ऐसी घरेलू उपचार है जिनके इस्‍तेमाल से मतली की समस्‍या को रोका जा सकता है।

अदरक

अदरक
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किसी भी रूप में अदरक के प्रयोग से पाचक रस का स्राव होता है, जो पेट में अम्‍ल को बेअसर करने में मदद करता है। अदरक पाचन तंत्र की मांसपेशियों को सक्रिय करते हुए पेट अस्‍तर में होने वाली जलन को शांत करती है। मतली की समस्‍या होने पर अदरक को थोड़े से पानी में डालकर 2-3 मिनट में उबाल लें। फिर इस पानी में थोड़ी सी शहद मिला लें। मतली की समस्‍या से निजात पाने के लिए इस अदरक की चाय पीएं। आप कच्‍ची अदरक पर काला नमक लगाकर भी खा सकते हैं।

नींबू का रस

नींबू का रस
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ताजे नींबू से आने वाली गंध प्रभावी ढ़ंग से मतली जैसे एहसास को कम कर सकती हैं। नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड पेट में बनने वाले एसिड को बेअसर करने में मदद करता है। मतली की समस्‍या होने पर पानी में नींबू का रस और नमक मिलाकर इस्‍तेमाल कर सकते हैं। नींबू और शहद को मिलाकर चाटने से मतली का एहसास होना बंद हो जाता है।

जीरा

जीरा
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जीरे अपने चिकित्‍सीय गुणों के कारण जाना जाता है और खाना में भी इसका इस्‍तेमाल किया जाता है। जीरा से उचित पाचन होता है जो न केवल अग्नशाय में पाचक एंजाइमों का स्राव में मदद करता है बल्कि आपके शरीर को उचित तरीके से पोषित भी करता है। मतली का एहसास होने पर जीरा और जायफल मिली चाय पीने से फायदा होता है। अगर आपको जीरा पसंद नहीं हैं तो आप चाय में जीरा पाउडर भी डाल सकते हैं।

पुदीने की चाय

पुदीने की चाय
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पुदीने का तेल प्राकृतिक एंटी-स्पासमोड़िक है। यह पेट में मांसपेशियों को आराम देता है और मतली और ऐंठन की समस्‍या को रोकता है। मतली जो आंतों में ऐंठन के कारण होती है इसमें पुदीने की चाय बहुत अधिक लाभप्रद होती है। इसको बनाने के‍ लिए पानी में पुदीने की पत्तियां मिलाकर गर्म करें और 3-5 मिनट के लिए छोड़ दें। बाद में उसमें शहद मिलाकर पी लें।

दालचीनी

दालचीनी
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दालचीनी में प्राकृतिक रूप से एंटीबैक्‍टीरियल और एंटीवायरल से भरपूर है इसलिए यह किसी भी तरह के पेट संक्रमण का इलाज करने में मदद करती है। दालचीनी की मीठी गंध नर्वस को शांत करने और मतली के एहसास को कम करने में मदद करती है। गर्म पानी में दालचीनी को मिलाकर कर कुछ मिनट के लिए उबाल कर इस मिश्रण का सेवन करें।

चावल के पानी से उपचार

चावल के पानी से उपचार
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चावल के पानी से मतली का उपचार एक बहुत ही प्रचलित और प्रमाणित उपचार है। जो गैस्ट्रिटिस से होने वाले मतली के एहसास को समाप्‍त करने में बहुत प्रभावी है। इस उपाय को करने के लिए आप भूरे नहीं सफेद चावल का इस्‍तेमाल करें। क्‍योंकि आपको इसमें सादे स्‍टार्च की जरूरत होती है फाइबर की नहीं। इसको इस्‍तेमाल करने के लिए चावल को पानी में तब तक उबालें जब तक चावल मुलायम नहीं हो जाते। इस पानी को पीने से मतली का एहसास कम हो जाता है।

सौंफ

सौंफ
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सौंफ में मौजूद बॉयोएक्टिव तत्‍व सूजन, पेट फूलना और मतली के रूप में होने वाली पेट की समस्याओं को रोकने में मदद करता है। मतली से राहत पाने के लिए सौंफ से बनी चाय पीने से फायदा होता है। इसको बनाने के लिए एक कप पानी में एक चम्‍मच सौंफ डालकर उबाल लें अब इसे 10 मिनट के लिए छोड़ दें। अब इस चाय को पी लें और सौंफ को चबाकर खा लें।

बाहर निकालो

बाहर निकालो
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अगर आपको मतली का एहसास बहुत ज्‍यादा हो रहा है और आपको उल्‍टी करने की जरूरत महसूस हो रही हैं तो आपसे आग्रह है कि इससे लड़ें नहीं बल्कि इससे बाहर निकाल दें। क्‍योंकि अगर आपका शरीर कुछ बाहर निकालना चाहता हैं तो उसको पेट में रखना नुकसान का कारण बन सकता है। आमतौर पर बाद मे आप ज्‍यादा बेहतर महसूस करेगें।

स्‍ट्रेच करें

स्‍ट्रेच करें
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मतली का एहसास होने पर शरीर प्रतिक्रिया करने लगता है और आपकी पीठ और गर्दन में तकलीफ होने लगती है। इसलिए तनाव को दूर करने क‍े‍ लिए गर्दन और पीठ के लिए सरल स्‍ट्रेच करने चाहिए।

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