हाई ब्‍लड प्रेशर का घरेलू उपचार

कुछ घरेलू उपचार को अपनाकर आप काफी हद तक हाई ब्‍लड प्रेशर की इस बीमारी से बच सकते हैं। आइए जानें ऐसे ही कुछ घरेलू उपायों को हमारे इस स्‍लाइड शो में।

Pooja Sinha
Written by: Pooja SinhaPublished at: Nov 30, 2013

हाई ब्‍लड प्रेशर

हाई ब्‍लड प्रेशर
1/11

हाई ब्‍लड प्रेशर इन दिनों आम हो चला है। हाई ब्‍लड प्रेशर में धमनियों में रक्‍त का दबाव बढ़ जाता है। दबाव के कारण धमनियों में रक्‍त प्रवाह सुचारू बनाये रखने के लिए दिल को अधिक काम करना पड़ता है। कई लोग इस समस्‍या की गंभीरता से अनभिज्ञ होते हैं। हाई बीपी हृदय रोग का कारण हो सकता है। लेकिन कुछ घरेलू उपचार को अपनाकर आप काफी हद तक इस बीमारी से बच सकते हैं।

ताजा दही

ताजा दही
2/11

ताजे दही को हाई ब्‍लड प्रेशर के रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। एक शोध के अनुसार, हाई ब्‍लड प्रेशर से परेशान व्‍यक्तियों को भोजन के साथ ताजा दही खाना चाहिए। खाने में उचित मात्रा में दही का सेवन करने से हाई ब्‍लड प्रेशर के खतरे को कम किया जा सकता है।

तरबूज के बीज और खसखस

तरबूज के बीज और खसखस
3/11

तरबूज के बीज को छीलकर उसके बीच की गिरी और खसखस दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें। रोज सुबह-शाम एक चम्मच खाली पेट पानी के साथ लें। एक महीने तक इसका सेवन करें। यह हाई ब्‍लड प्रेशर के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

टमाटर

टमाटर
4/11

लाल टमाटरों का प्रयोग हाई ब्‍लड प्रेशर और खून में पाए जाने वाले कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करने में सहायक सिद्ध होता है। यह बात एक चिकित्सा अनुसंधान में सामने आयी है। हाई बीपी के शिकार लोगों को सलाद के रूप में टमाटर जरूर खाना चाहिए।

चुकंदर

चुकंदर
5/11

रीडिंग यूनिवर्सिटी के अध्ययन में कहा गया है कि रोजाना चुकंदर का एक गिलास जूस पीने से रक्‍तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है। चुकंदर में भरपूर मात्रा में पाए जाने वाले नाइट्रेट पाचन तंत्र में पहुंच कर नाइट्रिक आक्साइड बन जाता है और रक्त प्रवाह को सुचारू कर ब्‍लड प्रेशर को कम रखता है। यह मासंपेशियों की आक्सीजन की जरूरत को भी कम कर देता है।

अदरक

अदरक
6/11

अधिक कोलेस्‍ट्रोल रक्त प्रवाह में अवरोध पैदा करता है। इससे हाई ब्‍लड प्रेशर की शिकायत हो जाती है। अदरक में एंटीओक्‍सीडेट्स होते है जो कोलेस्‍ट्रोल को कम करने में मददगार होते हैं। अदरक से रक्तसंचार में भी सुधार होता है, धमनियों के आसपास की मांसपेशियों को भी आराम मिलता है जिससे हाई ब्‍लड प्रेशर नीचे आ जाता है।

लालमिर्च

लालमिर्च
7/11

धमनियां सख्त होने और उसमें प्लेक जमा होने के कारण रक्‍तवाहिनियां संकरी हो जाती हैं, जिससे रक्‍त प्रवाह में रुकावटें पैदा हो जाती हैं। लाल मिर्च का सेवन उदासीन रक्‍तवाहिनियों को चौड़ा कर रक्‍त प्रवाह को सुचारू बनाए रखने में मदद करती है। इससे रक्‍तचाप नियंत्रित हो जाता है।

प्‍याज का रस

प्‍याज का रस
8/11

प्‍याज का रस रक्‍त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करके ब्‍लड प्रेशर को नियंत्रित करता है। प्‍याज खून साफ कर नर्वस सिस्‍टम को मजबूत बनाता है। प्‍याज का रस और शहद बराबर मात्रा में मिलाकर दो चम्‍मच दिन में एक बार लेना रक्‍तचाप में फायदेमंद होता है।

नींबू का रस

नींबू का रस
9/11

नींबू के रस से रक्‍त वाहिनियां कोमल व लचकदार हो जाती हैं। इससे रक्‍तचाप सामान्‍य बना रहता है। यह हृदयाघात के खतरे को भी कम करता है। एक-एक चम्‍मच शहद, अदरक और नींबू के रस को गुनगुने पानी में मिलाकर सप्‍ताह में दो-तीन बार पीना चाहिए। यह ब्‍लड प्रेशर के लिए बहुत अच्‍छा टॉनिक है।

लहसुन

लहसुन
10/11

रक्त का गाढा़ होना हाई बीपी का सबसे प्रमुख कारण होता है। लेकिन लहसुन रक्त के थक्के को जमने नहीं देता। यह कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को नियंत्रित करता है। इस तरह से लहसुन ब्‍लड प्रेशर को ठीक करने में बहुत मददगार घरेलू उपाय है।

Disclaimer