पाइलोनाइडल सिस्ट के लिए 5 प्रभावी घरेलू उपचार

बार-बार आघात या अत्यधिक दबाव इन समस्या के होने की आशंका को बढ़ाता है। हालांकि कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से इस समस्या का उपचार करना संभव होता है। तो चलिये जानें क्या हैं पाइलोनाइडल सिस्ट्स के घरेलू उपचार।

Rahul Sharma
Written by: Rahul SharmaPublished at: May 03, 2016

पाइलोनाइडल सिस्ट्स और इसके घरेलू उपचार (Pilonidal Cyst)

पाइलोनाइडल सिस्ट्स और इसके घरेलू उपचार (Pilonidal Cyst)
1/5

पाइलोनाइडल सिस्ट एक थैली की तरह संरचना होती है, जोकि कोक्सीक्स या टेलबोन (coccyx or the tailbone) के किनारे पर, कूल्हों को बांटने वाली लाइन पर हो जाती है। अल्सर पर आमतौर पर बाल होते हैं और ये मृत त्वचा कोशिकाओं का मलबा इकट्ठा होने से बनते हैं। सूजन और दर्द स्पर्शोन्मुख होता है (asymptomatic), समलन इसमें आमतौर पर दर्द या बेचैनी महसूस नहीं होता या फिर सूजन और दर्द जैसे लक्षण हो भी सकते हैं। इन सिस्ट्स के होने के कारणं के संबंध में कई सिद्धांत हैं, लेकिन कोई भी पूरी तरह सही नहीं है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान सेनिकों में पाइलोनाइडल सिस्ट्स का विकास हुआ क्योंकि वे लंबे समय तक ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर जीप में सवारी करते थे। अतः ऐसा माना जाता है कि बार-बार आघात या अत्यधिक दबाव इन समस्या के होने की आशंका को बढ़ाता है। हालांकि कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से इस समस्या का उपचार करना संभव होता है। तो चलिये जानें क्या हैं पाइलोनाइडल सिस्ट्स के घरेलू उपचार। Images source : © Getty Images

लहसुन से उपचार (Garlic)

लहसुन से उपचार (Garlic)
2/5

लहसुन एंटीसेप्टिक और सूजन व जलन कम करने वाले गुणों से भरपूर होता है। अतः प्रारंभिक चरणों में पाइलोनाइडल सिस्ट के कारण सूजन होने के मामलों में यह एक प्रभावी घरेलू उपचार है। लहसुन कठोर, आक्रामक शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं पुटी (सिस्ट) को दूर करने के लिए एक अच्छा विकल्प होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो कीटाणुओं से लड़ते हैं और स्स्ट के विकास को रोकते हैं। कैसे करें इस्तेमाल - नए हुए पाइलोनाइडल सिस्ट्स के उपचार के लिये पानी के साथ लहसुन का पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाएं और आधा घंटा लगा रहने दें। इस प्रकार लहसुन सिस्ट से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल पाता है, और अंदर बढ़ रहे संभावित बैक्टीरिया को भी मारने का काम करता है। आधा घंटा लगा रहने के बाद कुनकुने पानी से इसे धो लें। इसे दिन में दो बार किया जा सकता है। Images source : © Getty Images

नमक व आयोडिन से अपचार

नमक व आयोडिन से अपचार
3/5

नमक त्वचा की परत के नीचे जमा संभावित अतिरिक्त तरल बाहर निकालने में मदद करता है। इससे पाइलोनाइडल सिस्ट्स के कारण होने वाली जलन या सूजन भी दूर होती है। कैसे करें इस्तेमाल - इसे इस्तेमाल करने के लिये आप लैवेंडर बाथ सॉल्ट या किसी अन्य बाथ सॉल्ट से स्नान कर सकते हैं। जो आपको किसी भी स्पा आदि में मिल जाएगा। यदि ये न मिले तो आप घर में मिलने वाले साधारण खड़े नमक से भी स्नान कर सकते हैं। बस एक बड़ा चम्मच नमक लें और इसे कुनकुने पानी के बाथ टब में डाल दें। और फिर 15 मिनट के लिये इसमें खुद को डुबो दें। इससे न सिर्फ पाइलोनाइडल सिस्ट्स ठईक होता है, बल्कि दिन भर की थकान भी छू-मंतर हो जाती है।   आप चाहें तो बाज़ार से आयोडीन लेकर इसे कॉटन बॉल में में भिगोकर सिस्ट पर लगा सकते हैं। Images source : © Getty Images

हल्दी से करें उपचार

हल्दी से करें उपचार
4/5

हल्दी में करक्युमिन (curcumin) होता है, जोकि एक कमाल का एंटीऑक्सिडेंट है। हल्दी से दर्द और सूजन आदि भी दूर होते हैं और ये पाइलोनाइडल सिस्ट्स के उपचार में काफी प्रभावी होती है। कैसे करें इस्तेमाल - इसे उपयोग करने के लिये थोड़ा सा पानी मिलाकर हल्दी का पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को सिस्ट पर लगाएं और फिर सूखने तक लगा रहने दें। इसके अलावा हल्दी को अपने भोजन में भी शामिल करें। एक गिलास दूध में एक बड़ा चम्मच हल्दी डालकर पीना भारत में सदियों से एक कमाल का एंटीऑक्सीडेंट नुस्खा रहा है। Images source : © Getty Images

चूना (Chuna/Slaked lime)

चूना (Chuna/Slaked lime)
5/5

चूना और बुझा चूना संक्रमण का मुकाबला करने और जले आदि को सुखाने में बहुत प्रभावी होता है। पाइलोनाइडल सिस्ट्स में भी ये काफी लाभदायक होता है। कैसे करें इस्तेमाल - इसे इस्तेमाल करने के लिये थोड़ा सा चूना लेकर इसमें थोड़ी हल्दी मिला लें। पानी मिलाकर इसका पेस्ट बनाएं और प्रभावित स्थान पर इसका लेप लगाएं। थोड़ी देर लगा रहने दें और फिर सादे पानी से इसे धो लें। Images source : © Getty Images

Disclaimer