5 हर्ब्‍स की मदद से दूर करें श्‍वसन संक्रमण और फेफड़ों की समस्‍या

बहुत से हर्ब्‍स ऐसे है जिनके सेवन से श्‍वसन संक्रमण और फेफड़ों की समस्‍याओं को दूर किया जा सकता है, आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से ऐसे की कुछ हर्ब्‍स की जानकारी लेते हैं।

Pooja Sinha
Written by:Pooja SinhaPublished at: Jun 07, 2016

श्‍वसन संक्रमण और फेफड़ों के लिए हर्ब्‍स

श्‍वसन संक्रमण और फेफड़ों के लिए हर्ब्‍स
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हमें जिंदा रहने के लिए श्‍वास की जरूरत होती है और जिंदा रहने की इस प्रक्रिया में हमारे फेफड़े हमारी सबसे ज्‍यादा मदद करते हैं। फेफड़ों का काम वातावरण से ऑक्‍सीजन लेना और कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर उसे वातावरण में छोड़ना है। साथ ही यह शुद्ध रक्त धमनी द्वारा दिल में पहुंचता है, जहां से यह फिर से शरीर के विभिन्न अवयवों में पम्प किया जाता है, इसलिए फेफड़ों का स्‍वस्‍थ रहना जरूरी है। बहुत से हर्ब्‍स ऐसे है जिनके सेवन से श्‍वसन संक्रमण और फेफड़ों की समस्‍याओं को दूर किया जा सकता है।

मददगार अंजीर

मददगार अंजीर
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फेफड़े की परेशानियों को दूर करने में अंजीर काफी मददगार होती है। 5 अंजीर को एक गिलास पानी में उबालकर और हल्‍का ठंडा करके दिन में दो बार सेवन करने से फेफड़ों की गंदगी साफ होती है और उसे शक्ति मिलती है।

एंटीऑक्‍सीडेंट गुणों वाला लहसुन

एंटीऑक्‍सीडेंट गुणों वाला लहसुन
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लहसुन में मौजूद एल्लिसिन नामक तत्‍व हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। लहसुन में उपस्थित एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर व फेफडों से मुक्त कणों को दूर करने में मदद करते हैं। साथ ही, ये संक्रमण से लडते व फेफडों की सूजन को कम करते हैं। लहसुन, अस्‍थमा के रोगियों के लिए अपने भोजन में शामिल करने वाला एक अच्छा खाद्य पदार्थ है।

एंटीमाइक्रोबियल एचिनासा

एंटीमाइक्रोबियल एचिनासा
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एचिनासा एक एंटी-माइक्रोबियल हर्ब है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करने के लिए जाना जाता है। एचिनासा सफेद रक्त कोशिका के उत्पादन द्वारा काम करता है।

एंटीसेप्टिक गुणों वाला रोजमेरी

एंटीसेप्टिक गुणों वाला रोजमेरी
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एचिनासा की तरह रोजमेरी भी एक एंटी-माइक्रोबियल हर्ब हैं। इसमें मौजूद शक्तिशाली तेल में एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्‍टीरियल और एंटी-फंगल गुण पाये जाते हैं। जुकाम, गले में खराश, फ्लू, खांसी, ब्रोंकाइटिस और चेस्‍ट में इंफेक्‍शन को दूर करने के लिए आप रोजमेरी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

मैग्नीशियम और विटामिन वाला मुनक्‍का

मैग्नीशियम और विटामिन वाला मुनक्‍का
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मुनक्‍के अपने एंटी-ऑक्‍सीडेंट गुणों के साथ मैग्नीशियम और विटामिन का सबसे अच्छा स्रोत है, यह फेफड़ों की समस्‍या को दूर करने में मदद करता है। समस्‍या होने पर मुनक्‍का के ताजे और साफ 15 दाने रात में 150 मिलीलिटर पानी में भिगो दें। सुबह बीज निकालकर फेंक दें। गूदे को खूब अच्‍छी तरह चबा-चबाकर खायें। बचे हुए पानी को पी लें। एक महीने तक इसका सेवन करने से फेफड़े मजबूत होते हैं।Image Source : Getty

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