दिल का दौरा पड़ते ही तुरंत करें ये 7 उपाय

दिल का दौरा पड़ने पर अगर पहले 15 मिनट में उपचार मिल जाये तो मरीज की जान आसानी से बचाई जा सकती है, उपचार में अगर 12 घंटे लग गये तो एंजीयोप्‍लास्‍टी भी काम नहीं करती।

Nachiketa Sharma
Written by: Nachiketa SharmaPublished at: Nov 20, 2014

दिल का दौरा पड़ने पर

दिल का दौरा पड़ने पर
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दिल का दौरा पड़ने पर आकस्मिक उपचार की जरूरत पड़ती है, यह एक आपातकालीन स्थिति है। ऐसे में अगर आपके साथ कोई दिल का मरीज है तो घबराने के बजाय उसका उपचार करना चाहिए। दिल के दौरे के लक्षण देखते ही सचेत हो जायें और उपचार करें। 15 मिनट में अगर व्‍यक्ति को किसी तरह का उपचार मिल जाये तो स्थिति चिंताजनक होने से बच सकती है और मरीज की जान बचायी जा सकती है। image source - getty images

लक्षणों को पहचानें

लक्षणों को पहचानें
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दिल का दौरा पड़ने वाले व्‍यक्ति के लक्षणों को पहचानें इससे आपको किसी प्रकार भ्रम नहीं रहेगा। सीने में जकड़न और बेचैनी, सांसों का तेजी से चलना, कंधों और जबड़ों की तरफ फैलता दर्द, चक्कर के साथ पसीना आना, नब्ज कमजोर पड़ना और मितली आना आदि दिल के दौरे के प्रमुख लक्षण हैं। image source - getty images

मरीज को लिटायें

मरीज को लिटायें
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दिल का दौरा पड़ने पर मरीज को सबसे पहले आरामदायक स्थिति में लिटायें और उसे एस्प्रीन की टेबलेट चूसने को दें। एस्प्रीन चूसने से दिल के दौरे में मृत्यु दर 15 प्रतिशत तक कम हो जाती है। क्‍योंकि यह दवा खून के थक्‍के बनने को रोकती है है और नसों और मांसपेशियों में खून नहीं जमता है। व्‍यक्ति के पास एस्पिरिन की टेबलेट हो सकती है। image source - getty images

इमरजेंसी फोन करें

इमरजेंसी फोन करें
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मरीज को लिटाने और एस्पिरिन की टेबलेट देने के बाद तुरंत इमरजेंसी नंबर पर फोन करें, एंबुलेंस को फोन कर स्थिति के बारे में अवगत कराकर तुंरत बुलायें। अच्‍छे अस्‍पताल के नंबर अगर आपके पास हों तो वहां फोन करें। image source - getty images

सीने को दबायें

सीने को दबायें
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दिल के दौरे में धड़कने बंद हो सकती हैं। दौरा यदि अचानक हो और कार्डियो पल्मोनेरी के लक्षण हो जहां दिल की धड़कन बंद होने लगती है तो सीने को दबाकर सांस चालू करने की कोशिश करें। यह बहुत आसान है और इससे धड़कने फिर से शुरू हो जाती हैं। इसे सीपीआर तकनीक कहते हैं। image source - getty images

सीपीआर कैसे दें

सीपीआर कैसे दें
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इससे दिल की बंद हुई धड़कने शुरू हो जाती हैं। इसे करने के लिए मरीज को कमर के बल लिटायें, अपनी हथेलियों को मरीज के सीने के बीच रखें। हाथ को  नीचे दबाएं ताकि सीना एक से लेकर आधा इंच चिपक जाए। प्रति मिनट सौ बार ऐसा करें और तब तक ऐसा करते रहे जब तक दूसरी तरह की सहायता नहीं मिल जाती है। image source - getty images

कृत्रिम सांस दीजिए

कृत्रिम सांस दीजिए
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मरीज को तत्‍काल कृत्रिम श्वांस देने की व्यवस्था कीजिए। मरीज का तकिया हटा दें और उसकी ठोड़ी पकड़ कर ऊपर उठा दें। इससे सांस की नली का अवरोध कम हो जाता है, और कृत्रिम सांस में कोई अवरोध नहीं होता है। image source - getty images

नाक को दबायें

नाक को दबायें
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मरीज की नाक को उंगलियों से दबाकर रखिये और अपने मुंह से कृत्रिम सांस दें। नथुने दबाने से मुंह से दी जा रही सांस सीधे फेफड़ों तक जा सकेगी। लंबी सांस लेकर अपना मुंह चिपकायें, हवा मुंह से किसी तरह से बाहर न निकल रही हो। मरीज के मुंह में धीमे-धीमे सांस छोड़ें, 2-3 सेकेंड में मरीज के फेफड़ों में हवा भर जायेगी। ऐसा दो से तीन बार कीजिए। अगर मरीज सांस लेना बंद कर दे तब सांस न दें। image source - getty images

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