खेचरी मुद्रा करने से शरीर को मिलते हैं ये 9 लाभ, योग एक्सपर्ट से जानें करने का तरीका

खेचरी मुद्रा करने से शरीर को कई लाभ मिलते हैं। पर इस मुद्रा को खुद से नहीं करना चाहिए, इसे किसी योग शिक्षक के निर्देशन में करें।

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: Jul 08, 2021

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शारीरिक और मानसिक रोगों को दूर करने में खेचरी मुद्रा बहुत लाभकारी है। हठयोग में इस मुद्रा को सबसे उत्तम माना गया है। इनोसेंस योगा की योग एक्सपर्ट भोली परिहार का कहना है कि खेचरी मुद्रा करने से हार्मोनल संतुलन से लेकर मेटाबॉलिज्म तक इंप्रूव होता है। यह मुद्रा व्यक्ति को लंबे समय तक रोगों से दूर रखती है। ऋषि मुनि इस मुद्रा का अभ्यास तब भी किया करते थे जब उनके पास पीने के लिए पानी नहीं होता था। यह भूख प्यास पर भी नियंत्रण करती है। योग एक्सपर्ट भोली परिहार से जानते हैं खेचरी मुद्रा के 9 फायदे और करने का तरीका।

1. हार्मोन संतुलन

1. हार्मोन संतुलन
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यह मुद्रा हमारी मास्टर ग्लैंड पिट्यूट्री ग्लैंड को एक्टिव करता है। जिसकी वजह से हमारी बॉडी में हार्मोन बैलेंस होते हैं और शरीर के रोगों से निजात मिलती है। हार्मोन्स के संतुलन से कई बीमारियां दूर रहती हैं।

2. मेटाबॉलिज्म करे इंप्रूव

2. मेटाबॉलिज्म करे इंप्रूव
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खेचरी मुद्रा हमारे गले में उपस्थित थायरॉयड ग्लैंड के सिक्रीशन को बढ़ाती है। जिससे हमारा मेटाबॉलिज्म इंप्रूव होता है। मेटाबॉलिज्म इंप्रूव होने से पेट के रोग भी नहीं लगते हैं। शरीर स्वस्थ रहता है और खाना ठीक से पचता है।

3. भूख-प्यास पर नियंत्रण

3. भूख-प्यास पर नियंत्रण
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प्राचीन समय में जब ऋषि-मुनि साधना करते थे और आसपास पीने के लिए पानी नहीं होता था तो वे खेचरी मुद्रा के माध्यम से ही अपनी भूख-प्यास पर नियंत्रण करते थे। इस मुद्रा को करने से वजन भी कम किया जा सकता है। क्योंकि यह मुद्रा ओवरईटिंग को रोकती है।  

4. इम्युनिटी स्ट्रांग करे

4. इम्युनिटी स्ट्रांग करे
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योग एक्सपर्ट भोली परिहार का कहना है कि इस मुद्रा को करने से हमारी बॉडी में सही मात्रा में हार्मोन निकलने से हमारा इम्युन सिस्टम स्ट्रांग होता है। जिसकी वजह से शरीर रोगों से दूर रहता है।

5. गले की समस्याएं करे दूर

5. गले की समस्याएं करे दूर
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गले में दर्द, जलन, कफ, सूजन, खराश आदि परेशानियां होन पर खेचरी मुद्रा लाभकारी है। जिन लोगों को गले की दिक्कतें हैं, उन्हें यह ठीक करती है। खेचरी मुद्रा टांन्सिल्स की परेशानी को भी दूर करता है। इस मुद्रा को करने के बाद गले में आराम मिलता है।  

6. मुंह की बदबू करे दूर

6. मुंह की बदबू करे दूर
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जिन लोगों को मुंह से बदबू आने की दिक्कत होती है, उनके लिए यह मुद्रा फायदेमंद है। जब इस मुद्रा का अभ्यास किया जाता है तब मुंह से दुर्गंध बाहर निकलती है, साथ ही कफ भी बाहर निकलता है, जिससे मुंह क सफाई होती है।

7. तनाव करे दूर

7. तनाव करे दूर
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सही मात्रा में हार्मोन निकलने से हमारा दिमाग शांत होता है। जिसकी वजह से हमारे काम ठीक से होते हैं। तनाव दूर होता है। खेचरी मुद्रा को करने से मस्तिष्क की नस-नाड़ियों पर प्रभाव पड़ता है और इसे करने से मानसिक शांति मिलती है।  

8. एंटी एजिंग

8. एंटी एजिंग
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ऐसा माना जाता है कि खेचरी मुद्रा एंटी-एजिंग है। इस मुद्रा को करते समय हमारे शरीर ग्लैंड सक्रिय रूप से काम करती हैं जिसकी वजह से एंटी-एजिंग की समस्या कम करता है। 

खेचरी मुद्रा करने का तरीक

खेचरी मुद्रा करने का तरीक
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अपने दोनों घुटनों को मोड़कर अपनी मैट पर बैठ जाएं। अपने शरीर और मन को खेचरी मुद्रा करने के लिए तैयार करें।  10-15 सैकेंड शरीर को बिना हिलाए डुलाए शांति से बैठें। धीरे अपने दोनों पैरों को सामने की ओर खोल लें व पद्मासन में बैठ जाएं। यदि आप पद्मासन नहीं लगा सकते हैं तो दोनों पैरों को आलती-पालती मारकर बैठ जाएं। खेचरी मुद्रा के दौरान हमें उज्जैयी ब्रिदिंग करनी होती है।  अपने दोनों हाथों को ज्ञान मुद्रा में दोनों घुटनों पर रख लें।  अपना सारा ध्यान अपने आसन व शरीर पर लगाएं। अब आप महसूस करें कि आप खेचरी मुद्रा लगाने के लिए तैयार हैं। धीरे से अपनी जीभ को उठाते हुए तालु पर लगाने की कोशिश करें। यदि आप उसे आसानी से छू पा रहे हैं तो उसके बाद वाल्वा (Uvula) को छुएं। धीरे-धीरे अपनी प्रैक्टिस को बढ़ाएं और अपनी जीभ को वाल्वा से ऊपर की ओर ले जाने की कोशिश करें।  खेचरी मुद्रा के दौरान कि आप सांस भरते हुए उज्जैयी ब्रिदिंग करें।  उज्जैयी ब्रिदिंग में आपको सांस भरते हुए गले से आवाज निकालनी होती है।  धीरे से अपनी जीभ को नीचे लाएं और जीभ को ढीला छोड़ दें। खेचरी मुद्रा लगाते समय आपको जीभ में दर्द महसूस होगा, जोकि सामान्य है। अपनी क्षमतानुसार इसे करें। सावधानी इस मुद्रा को खुद से प्रैक्टिस न करें। इस मुद्रा को किसी की देखरेख में ही करें। 

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