रागी खाएं और सेहत बनाएं

रागी एक बेहद पौष्टिक मिलेट है, जो दिखने में सरसों जैसा लगता है। रागी खासतौर पर अपने अमिनो एसिड मिथियोनाईन के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें आहारीय खनिज भी बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। इसके फायदे के बारे में विस्तार से पढ़े।

Aditi Singh
Written by: Aditi Singh Published at: Jun 20, 2016

कैल्शियम से भरपूर

कैल्शियम से भरपूर
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रागी में भरपूर कैल्शियम होता है।सौ ग्राम रागी में 328 कैलोरी और 344 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। जो दूसरे अनाजों के मुकाबले पांच से तीस गुना अधिक मात्रा में पाया जाता है। बड़े व बच्चों में हड्डियों की मजबूती के लिए रागी संपूर्ण आहार है। एक ग्लास पानी में एक चम्मच रागी पाउडर को मिलाने के बाद थोड़ी देर उबालकर बनाया जाता है। इसमें नमक और मक्खन मिलाकर पीया जा सकता है। इसकी बनी रोटी खाने वाले को हड्डियों में कैल्शियम की कमी से पैदा होने वाला रोग आस्टियोपोरोसिस का खतरा कम रहता है। Image Source_getty

पचने में आसान

पचने में आसान
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रागी में ऐसा प्रोटीन मौजूद होता है, जिसका पाचन शरीर आसानी से कर लेता है। रागी हमारे शरीर में काफी धीरे धीरे हजम होती है, अतः इसको खाने से हमारा पेट लम्बे समय तक भरा हुआ रहता है। रागी का आटा, इसका सेवन करने से हमें अधिक मात्रा में भोजन करने की इच्छा नहीं होती है। यदि इसका नियमित रूप से सेवन किया जाय तो यह कुपोषण, क्षरण सम्बन्धी रोग और असमय वृद्ध होने की प्रक्रियाओं को दूर करता है।Image Source_getty

डायबीटिज निंयत्रण करें

डायबीटिज निंयत्रण करें
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इसका ग्लाईसमिक इन्डेक्स कम होता है,इसलिए मधुमेह के लिए उपयुक्त होता है। यह स्टार्क को सुपाच्य बनाता है। उच्च फाईबरयुक्त टमाटर, ककड़ी व  प्याज मूली आदि के साथ इसका इस्तेमाल  अनाचक ब्लड शुगर बढऩे से रोकता है। मधुमेह की स्थिति में यह रक्त में शर्करा की मात्रा को नियन्त्रित करने में सहायक होता है। इससे टाइप 2 मधुमेह का खतरा कम रहता है। Image Source_getty

आयरन का स्रोत

आयरन का स्रोत
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रागी आयरन का बहुत अच्छा प्राकृतिक स्रोत है। रागी की खपत से खून की कमी की स्थिति बेहतर होती है।नई माँओं को रागी खाने की सलाह दी जाती है, जिससे उनमें हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाया जा सके।जिन मांओं के स्तनों में दूध का ठीक से उत्पादन ना हो रहा हो, उन्हें हरी रागी का सेवन करने की सलाह दी जाती है।दूध पिलाने वाली माताओं में दूध की कमी के लिये यह टॉनिक का कार्य करता है। Image Source_getty

कैसे कर सकते है रागी का उपयोग

कैसे कर सकते है रागी का उपयोग
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रागी का सबसे ज्यादा चलन दक्षिण भारत में  है। इसका सबसे ज्यादा उत्पादन झारखंड, तमिलनाड़ु, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में होता है। हालांकि कर्नाटक और आन्ध्र प्रदेश में रागी का सबसे अधिक उपभोग होता है। इसे दलिए के रूप में खाना सबसे अधिक सुविधाजनक है। आप अधिक पौष्टिक चपाती और ब्रेड बनाने के लिए गेहूं के आटे के साथ रागी का आटा नियमित रूप से मिला सकते हैं।कैल्शियम रागी में फॉस्फोरस और आयरन भी अधिक होता है। इसमें लगभग 20 ग्राम रागी से 66 किलो कैलोरी ऊर्जा मिलती है। इसमें फाइबर की भी उच्च मात्रा होती है,Image Source_getty

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