जरूरत से ज्यादा भोजन करने वाले पुरुषों को हो सकती हैं ये 5 समस्याएं

पुरुषों में खाने को लेकर कुछ सामान्‍य विकार प्रचलित हैं, इसमें से एक है बूलिमिया, इसी तरह दूसरे विकारों के बारे में जानने के लिए ये स्‍लाइडशो पढ़ें।

Rashmi Upadhyay
Written by: Rashmi UpadhyayPublished at: Mar 21, 2018

पुरुषों में ईटिंग डिसॉर्डर

पुरुषों में ईटिंग डिसॉर्डर
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ईटिंग डिसऑर्डर दरअसल एक ऐसा रोग है, जिसमें कोई व्यक्ति या तो बहुत कम खाता है या बहुत ज्यादा खाने लगता है। पुरुषों में इटिंग डिसॉर्डर जैसे कि बुलिमिया आदि अधिकांशतः ज्यादा भूख की वजह से होते हैं। बुलिमिया डिसार्डर होने पर अनियंत्रित ढंग से खाने की समस्या होती है। बहुत ज्यादा खाने की ये स्थिति आगे चलकर उल्टी की शिकायत भी पैदा कर सकती है। इसके अलावा लगातार खाते रहने का एक और इटिंग डिसॉर्डर भी है। कई बार तो यह बचपन से ही शुरू हो जाते हैं। तो चलिये विस्तार से जानें पुरुषों में खाने से संबंधित सामान्‍य विकार क्या हैं।

पुरुषों में ईटिंग डिसॉर्डर के प्रकार

पुरुषों में ईटिंग डिसॉर्डर के प्रकार
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पुरुषों में ईटिंग डिसॉर्डर के आम प्रकारों में एनोरेक्सिया तथा बुलिमिया होते हैं। हालांकि पुरुषों में एक और इटिंग डिसॉर्डर देखने को मिलता है, जिसे बुलिमिआ नर्वोसा कहा जाता है। इनके होने के कई अलग-अलग कारण होते हैं।

एनोरेक्सिया (Anorexia)

एनोरेक्सिया (Anorexia)
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ऐनोरेक्सिया एक मनोवैज्ञानिक विकार है जिसमें वजन कम करने के लिए हफ्ते में तीन दिन का डाइटिंग करना शामिल होता है। इस बीमारी में मरीज को खाने से घृणा सी हो जाती है। उसे हमेशा ऐसा लगता है यदि वह खाना खाएगा तो वजन बढ़ने लगेगा और वह मोटा हो जाएगा और फिर लोग उसे पसंद नहीं करेंगे। कई बार तो यह विकार जानलेवा भी साबित हो सकता है।

बुलिमिआ नर्वोसा (Bulimia nervosa)

बुलिमिआ नर्वोसा (Bulimia nervosa)
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बुलिमिया विकार में लोग इस हद तक खाते हैं, जब तक कि उनके पेट में दर्द होना शुरू न हो जाए। बुलिमिआ नर्वोसा डिसोर्डर से पीड़ित लोग बाद में ओवर ईटिंग का अहसास होने पर उल्टी कर खाने को बाहर निकाल देते हैं या एक्सरसाइज कर अपनी गलती सुधारने का प्रयास करते हैं।Images source : © Getty Images

बिंज ईटिंग डिसऑर्डर

बिंज ईटिंग डिसऑर्डर
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बिंज ईटिंग डिसऑर्डर में ऐनोरेक्सिया या बुलिमिया से अलग लक्षण होते हैं। बिंज ईटिंग डिसऑर्डर के ग्रस्त लोग अपनी क्षमता से अधिक खा लेते हैं। कई बार तो इस विकार वाले लोग बिना भूख के भी खाने लगते हैं। इन्हें हमेशा खाते रहने वाला विकार भी कहा जाता है।

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