टेक्नोलॉजी बना सेहत का खजाना, वरदान हैं ये 5 गैजेट्स

फिटनेस की दुनिया में टेक्नोलॉजी के आगमन के बाद क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। गैजेट्स, डिवाइसेज के अलावा स्मार्टफोन ने आम लोगों को फिटनेस फ्रीक बना दिया है। मार्केट में कौन-कौन से डिवाइसेज लोकप्रिय हो रहे हैं और ये कितने कारगर हैं, जानिए।

Rashmi Upadhyay
Written by: Rashmi UpadhyayPublished at: Oct 06, 2017

डिजिटल पीडोमीटर

डिजिटल पीडोमीटर
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दौडऩे, जॉगिंग करने या एक्सरसाइज करते समय इसे कमर पर पहना जाता है। यह कैलरी काउंट करता है। आजकल कई जिम इस डिवाइस का प्रयोग कर रहे हैं। यह एक्सरसाइज की स्पीड बताता है, साथ ही कैलरी बर्न चार्ट देता है। यह बताता है कि शरीर को कितनी कैलरी की जरूरत है। इससे डाइट को संतुलित रखने में मदद मिलती है। लक्ष्य पूरा होने पर यह अलार्म भी करता है, ताकि व्यक्ति अपनी एक्सरसाइज रोक सके।

हार्ट रेट मॉनिटर

हार्ट रेट मॉनिटर
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जैसा कि नाम से जाहिर है, यह डिवाइस खासतौर पर कार्डियो एक्सरसाइज करने वालों के लिए फायदेमंद है। ब्रिस्क वॉक, ट्रेडमिल या जॉगिंग में इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। यह हार्ट और पल्स रेट बताता है और ब्लड प्रेशर पर भी अपनी पकड़ बनाए रखता है। इसे कलाई में पहना जाता है। यह हार्ट रेट के साथ ही वॉच का काम भी कर देता है। देखने में भी सुंदर लगता है।

फिटनेस ट्रैकर

फिटनेस ट्रैकर
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स्विमिंग जैसे व्यायाम के साथ आम डिवाइस काम नहीं कर सकते। मोबाइल फोन को पानी के अंदर ले जाना मुश्किल है। इसलिए कई कंपनियों ने विशेष रूप से फिटनेस ट्रैकर बनाए हैं, जो पानी के अंदर खराब नहीं होते। ये वॉटर प्रूफ होते हैं और तैरने से होने वाली कैलरी काउंट करने में भी मददगार हैं।

स्मार्ट फोन

स्मार्ट फोन
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हेल्थ और फिटनेस की दुनिया में स्मार्टफोन बेहद पॉपुलर हो रहे हैं। इन्होंने पहले ही कैमरा, रेडियो जैसे डिवाइसेज को मार्केट से बाहर कर दिया है। अब फिटनेस की दुनिया में भी इनका एकछत्र साम्राज्य हो चुका है। स्मार्टफोन के सेंसर्स न सिर्फ व्यक्ति के एक-एक कदम की गणना करते हैं, बल्कि दौडऩे, सीढ़ी चढऩे तक हर एक कैलरी बर्न पर नजर रखते हैं। हालांकि स्विमिंग के लिए कैलरी काउंट डिवाइसेज बनाने वाली कंपनियां इस बात को नहीं मानतीं कि स्मार्टफोन से पूरा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। फोन पर न सिर्फ कैलरी काउंट संभव है, बल्कि स्लीपिंग पैटर्न पर भी इन सेंसर्स की नजर रहती है। आपने पर्याप्त नींद ली या नहीं, स्मार्टफोन यह बताने का काम भी करते हैं।

डाइट मीटर

डाइट मीटर
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डाइट पर नियंत्रण न रखा जाए तो फिटनेस को फैटनेस में बदलते देर नहीं लगती। मॉर्निंग वॉक या जॉगिंग के बाद गर्मागर्म आलू के परांठे खाने वाली आम भारतीय आबादी के लिए यह जरूरी है कि कोई उन्हें डाइट के लिए गाइडलाइंस दे। मार्केट में हर रोज ऐसे फिटनेस डिवाइस लॉन्च हो रहे हैं, जो सर्विंग साइज का भी जायजा लेंगे और बताएंगे कि कहां पर खाना रोक देना है। यूजर के लॉग इन करते ही ये एक-एक कौर की गणना करेंगे और बताएंगे कि क्या खाना ठीक है और क्या सेहत के लिए बुरा है।

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