यौन संचारित रोग के लिए जिम्‍मेदार कारक

By: ओन्लीमाईहैल्थ लेखक, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jan 29, 2014
यौन संचारित रोग बहुत ही खतरनाक संक्रामक बीमारियां हैं, ज्‍यादातर इसके लिए सेक्‍स संबंध ही जिम्‍मेदार होते हैं।
  • 1

    यौन संचारित रोग

    यौन संचारित रोग यानी एसटीडीज बहुत ही खतरनाक संक्रामक बीमारियां हैं। इसमें से कुछ ऐसी बीमारियां भी हैं जिनका इलाज आसानी से हो जाता है लेकिन कुछ ऐसी बीमारियां भी हैं जो अभी तक लाइलाज हैं। ज्‍यादातर यौन संचारित रोगों के लिए सेक्‍स संबंध ही जिम्‍मेदार होते हैं। आगे के स्‍लाइडशो में जानिए यौन संचारित रोग और उनके लिए जिम्‍मेदार कारको के बारे में।

    यौन संचारित रोग
    Loading...
  • 2

    एचआईवी

    ह्यूमन इम्यूनोडेफिसिएन्सी वायरस को ही एचआईवी के के नाम से जाना जाता है, इसके कारण एड्स होता है। यह ऐसा यौन संचारित रोग है जो रोगी की प्रतिरोधक क्षमता को नष्ट कर देता है और इम्‍यून सिस्‍टम को इतना अधिक नुकसान पहुंचा देता है कि व्‍यक्ति दूसरे संक्रमण से निपटने में असमर्थ हो जाता है। एचआईवी संक्रमण की अंतिम अवस्था में ही एड्स होता है। असुरक्षित तरीके से यौन संबंध बनाने के कारण यह बीमारी होती है।

    एचआईवी
  • 3

    गोनोरिया

    यह ऐसी यौन संक्रामक बीमारी है जो बैक्‍टीरिया के संक्रमण के कारण फैलती है, निसेरिया गोनोरीए नामक बैक्टीरिया इसके लिए जिम्‍मेदार है, यह बहुत तेजी से फैलता है। यह रोगी के गले, मूत्र नली, योनि और गुदा को संक्रमित कर सकता है। असुरक्षित यौन, गुदा या मुख मैथुन करने से गोनोरिया हो सकता है। कुछ मामलों में गोनोरिया, महिलाओं से उनके बच्चों को भी हो सकता है। नए साथी के साथ यौन संबंध बनाने से या एक से अधिक लोगों के साथ सेक्स करने से गोनोरिया होने का जोखिम बढ़ जाता है।

    गोनोरिया
  • 4

    क्लैमिडिया

    क्लैमिडिया ट्रैकोमेटिस नामक जीवाणु से होने वाला संक्रमण है, जो व्‍यक्ति की मूत्रनली यानी यूरेथ्रा, योनि या गर्भग्रीवा के आस-पास के क्षेत्र, गुदा या आंखों को संक्रमित करता है। इसके कारण महिला को बांझपन की शिकायत हो सकती है। योनि से अधिक स्राव, योनि से पीला, चिपचिपा, मवाद जैसा स्राव होना, पेशाब करते समय दर्द होना, अधिक पेशाब आना और सेक्स करते समय दर्द होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। असुरक्षित यौन संबंध बनाने से, ओरल सेक्‍स करने से यह बीमारी होती है। यह बीमारी मां से उनके बच्चे को भी हो सकती है।

    क्लैमिडिया
  • 5

    सिफि़लिस

    ट्रिपोनीमा पैलीडियम नामक जीवाणु से सिफिलिस होता है। इसे ग्रेट इमीटेटर भी कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षणों को दूसरी यौन संचारित रोगों से अलग पहचान करना मुश्किल है। सिफि़लिस का इलाज आसानी से किया जा सकता है। लेकिन इससे ग्रस्‍त अधिकांश व्यक्तियों को पता नहीं चल पाता कि उन्हें सिफि़लिस हो गया है। यह बीमारी असुरक्षित मुख, योनि या गुदा मैथुन करने से होती है।

    सिफि़लिस
  • 6

    वाटर वार्ट्स

    मोलस्कम कान्टेजिओसम नामक विषाणु इसके लिए जिम्‍मेदार है। यह एक आम विषाणु संक्रमण है जो त्‍वचा को प्रभावित करता है। इस संक्रमण में त्‍वचा पर द्रव या पानी से भरे फफोले निकल आते हैं। आमतौर पर पानी वाले छाले स्‍वत: ठीक हो जाते हैं। यह बीमारी त्वचा के किसी दूसरे की त्वचा से सीधे संपर्क में आने पर हो सकती है। इसके अलावा किसी संक्रमित व्यक्ति के तौलिए का प्रयोग करने, साथ नहाने या कपड़े पहनने से भी इस बीमारी के होने की संभावना रहती है।

    वाटर वार्ट्स
  • 7

    जेनिटल वार्ट्स

    अलग-अलग तरह के हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस इस रोग के लिए जिम्‍मेदार है। यह ठंड के कारण हुए छालों या फफोलों के जैसे दिखते हैं। जिन लोगों में विषाणु फैलता है, उनमें से अधिकांश को छाले नहीं पड़ते हैं। जेनिटल हर्पीज से संक्रमित रोगी के लिंग, योनि या गुदा के आस-पास छाले हो जाते हैं। जब छाले फूटते हैं तब वहां घाव बन जाते हैं। एक बार यदि कोई एचएसवी-1 या एचएसवी-2 से संक्रमित हो तो इसका संक्रमण हमेशा के लिए हो सकता है।

    जेनिटल वार्ट्स
  • 8

    हेपिटाइटिस बी

    हेपेटाइटिस बी लीवर का ऐसा संक्रामक रोग है जो हेपिटाइटिस बी वायरस के संक्रमण के कारण होता है। अधिकांश लोगों का शरीर बिना किसी इलाज के इसके संक्रमण से लड़ सकता है। परंतु जो लोग वायरस से निपट नहीं पाते उन्हें पूरे जीवन भर के लिए संक्रमण यानी क्रोनिक हेपिटाइटिस-बी की समस्‍या हो सकती है। ऐसे लोगों का लीवर हमेशा के लिए खराब हो सकता है और उनकी मृत्यु भी हो सकती है। यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित मुख, योनि या गुदा मैथुन करने से होता है।

    हेपिटाइटिस बी
  • 9

    ट्राइकोमोनिएसिस

    इस यौन संचारित रोग को ‘ट्रिक’ के नाम से भी जाना जाता है। महिलाओं एवं पुरुषों, दोनों को यह बीमारी हो सकती है। लेकिन महिलाओं में इनके लक्षण दिखने की ज्‍यादा संभावना होती है। ट्रिक से संक्रमित होने पर इसका इलाज आसानी से हो सकता है। यदि महिलाओं का इलाज न कराया जाए तो कुछ एक मामलों में वे इसके कारण बांझपन की शिकायत हो सकती है। असुरक्षित यौन संबंध बनाने से यह संक्रमण फैलता है।

    ट्राइकोमोनिएसिस
  • 10

    स्कैबीज

    यह यौन संचारित रोग एक-दूसरे के शरीर के संपर्क में आने से होता है, इसके बैक्‍टीरिया को स्कैबीज कहते हैं। स्‍कैबीज से ग्रस्‍त बीमार व्‍यक्ति के संपर्क में आने, उसके कपड़े, बिस्तर या फर्नीचर के प्रयोग से भी होती है। इसके अंडो और मल से होने वाले एलर्जिक प्रतिक्रिया के कारण रोगी को दाने या मुंहासे होते हैं। स्‍कैबीज में मरीज की चमड़ी पर हल्की खुजली हो सकती है, पूरे शरीर पर तेज खुजली भी होती है, रात में या गर्म पानी से नहाने के बाद खुजली और बढ़ जाती है।

    स्कैबीज
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK