जानें क्‍या हैं सिबेसियस सिस्‍ट के लिए प्रभावी घरेलू उपचार

सिबेसियम सिस्‍ट त्‍वचा के नीचे विकसित होने वाली गांठ है। जिससे त्‍वचा बदसूरत दिखने लगती है। अगर आप भी इस समस्‍या से परेशान है, तो इस स्‍लाइड शो में दिये प्राकृतिक उपाय आपके लिए मददगार हो सकते है। तो देर किस बात की आइए सिबेसियम सिस्‍ट को दूर करने के ऐसे ही कुछ सरल प्राकृतिक उपचारों के बारे में जानकारी लेते हैं।

Pooja Sinha
Written by: Pooja SinhaPublished at: Jun 30, 2016

सिबेसियम सिस्‍ट को दूर करने के घरेलू उपाय

सिबेसियम सिस्‍ट को दूर करने के घरेलू उपाय
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सिबेसियम सिस्‍ट त्‍वचा के नीचे विकसित होने वाली गांठ है, जिसे केराटिन सिस्‍ट के रूप में भी जाना जाता है। इसमें दुर्गंधयुक्‍त तरल होता है। सिबेसियम सिस्‍ट के त्‍वचा पर उभरने पर त्‍वचा बदसूरत दिखने लगती है। इसलिए कुछ लोग इसे दबा देते हैं लेकिन ऐसा करना दर्दनाक और संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए सिबेसियम को दबाने की बजाय इसे फैलने से रोकने के लिए आपको कुछ प्रभावी घरेलू उपायों को अपनाना चाहिए। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से दर्दनाक सिबेसियम सिस्‍ट को दूर करने के ऐसे ही कुछ सरल प्राकृतिक उपचारों के बारे में जानकारी लेते हैं।

हल्दी और शहद

हल्दी और शहद
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हल्‍दी अल्‍सर के इलाज का एक बहुत ही अच्‍छा हर्बल उपचार है। यह सिबेसियम सिस्‍ट के इलाज का वैकल्पिक तरीका है। पाचन में सुधार और रक्‍त को शुद्ध करने के लिए आपको एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्‍मच हल्‍दी की जरूरत होती है। सर्वोत्‍तम परिणाम के लिए, हल्‍दी वाले दूध का 10 दिन नियमित रूप से सेवन करें। इसके साथ शहद भी सामयिक घाव ड्रेसर है। सिबेसियम सिस्‍ट के इलाज के लिए आपको प्रलेप तैयार करने की जरूरत होती है। इसके लिए ब्‍लेंडर में वीटग्रास लेकर उसे अच्‍छे से ब्‍लेंड कर लें। फिर इसमें थोड़ा सा शहद डालकर अच्‍छी तरह से मिक्‍स कर लें। अब इस लेप को सीधे सिस्‍ट पर लगाकर इसे साफ कपड़े से कवर कर लें। इसे रात भर ऐसे ही छोड़ दें। आप निश्‍चित रूप से कुछ ही दिनों में सकारात्‍मक परिणाम नोटिस करेंगे।

टी ट्री ऑयल और एलोवेरा जैल

टी ट्री ऑयल और एलोवेरा जैल
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टीट्री ऑयल अपने एंटी-इंफ्लेमेंटरी और एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों के कारण लाभकारी तेलों में से एक है, वह मुंहासे, सिरदर्द, खांसी, कोल्‍ड और टोनेल फंगस, वार्टस आदि जैसी विभिन्‍न स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के उपचार में सहायक होने के साथ सिबेसियम सिस्‍ट के लिए भी उपयोगी होता है। सिस्‍ट के उपचार के लिए, थोड़े से टी ट्री ऑयल को सीधे सिस्‍ट पर दिन में तीन बार लगायें। लेकिन ध्‍यान रहें कि टीट्री ऑयल को पतला करके ही इस्‍तेमाल में लाना चाहिए। इसके लिए आप टीट्री ऑयल को पानी के साथ 1: 9 अनुपात में मिक्‍स करें। यह सिस्‍ट की सुरक्षा परत के रूप में काम करता है और संक्रामक बैक्‍टीरिया के खिलाफ लड़ता है। टीट्री ऑयल की तरह एलोवेरा जैल भी सिबेसियम सिस्‍ट के लिए प्रभावी प्राकृतिक उपचारों में से एक है। इसमें चिकित्‍सीय गुणों के साथ दर्द से राहत देने वाले गुण भी होते हैं। आपको इसके लिए सिबेसियम सिस्‍ट पर सीधे रूप से एलोवेरा जैल लगाने की जरूरत होती है। शरीर से अशुद्धियों को दूर करने के लिए नियमित रूप से एलोवेरा जूस का सेवन करना चाहिए।

कैस्टर ऑयल और एप्‍पल साइडर सिरका

कैस्टर ऑयल और एप्‍पल साइडर सिरका
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जब सिबेसियम सिस्‍ट के लिए कैस्‍टर ऑयल का इस्‍तेमाल किया जाता है तो इसके बहुत प्रभावी परिणाम देखने को मिलते हैं। यह केवल सूजे सिस्‍ट को ठीक हीं नहीं करता बल्कि खुजली को भी कम करता है। समस्‍या होने पर कैस्‍टर ऑयल में साफ कपड़े को भिगोकर संक्रमित सिस्‍ट पर लगाये। फिर हॉट वॉटर बैग को कपड़े पर रखकर आधे घंटे के लिए सिंकाई करें। पानी और कैस्‍टर ऑयल की गर्मी से सिस्‍ट को सिकुड़ने में मदद मिलती है। जब चेहरे या पीठ पर सिबेसियम सिस्‍ट होता है तो आप इस उपाय को अपना सकते हैं। लेकिन ध्‍यान रहें इसका आंतरिक रूप से सेवन नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही एप्‍पल साइडर सिरका भी सिबेसियम सिस्‍ट का घर में इलाज करने का उपयोगी उपाय है। सूजे हुए सिस्‍ट से पस निकालने के लिए थोड़े से सिरके को सिस्‍ट पर लगाकर कपड़े या बैंडेज से कवर कर दें। 3-4 दिनों के बाद बैंडेज को हटा दें। थोड़ दिन में सिस्‍ट से पस निकल जायेगी और आपको नई त्‍वचा का अनुभव होगा।

सिंहपर्णी, वियोला और सेंधा नमक

सिंहपर्णी, वियोला और सेंधा नमक
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बैक्‍टीरिया के कारण होने वाले अल्‍सर को दूर करने में सिंहपर्णी और वियोला बहुत ही मददगार है। यह शरीर से‍ विषाक्‍त पदार्थों को दूर करने में मदद करता है। सिबेसियम सिस्‍ट के इलाज के लिए सिंहपर्णी और वियोला जड़ी बूटियों के मिश्रण से बने बैग को लेकर चार कप पानी के साथ उबाल लें। उबालने के बाद 45 मिनट के लिए इसे धीमी आंच पर पकना के लिए छोड़ दें। इस मिश्रण का दिन में कई बार सेवन करें। अच्‍छे परिणाम के लिए इस मिश्रण को दिन में 8-10 बार सेवन करें। इसके अलावा आप इस हर्बल मिश्रण की मदद से सिस्‍ट को धो भी सकते हैं। सिंहपर्णी के साथ सेंधा नमक भी संक्रमण को दूर करने का एक बहुत ही कारगर उपाय है। सिबेसियम सिस्‍ट के इलाज के लिए अपने नहाने के पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिला लें। फिर इस पानी से नहायें।Image Source : Getty

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