उंगली में खून का थक्‍का होने पर क्‍या करना चाहिए

खून के थक्‍के गंभीर नहीं होते और कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन असुविधा को कम करने और संक्रमण को रोकने के लिए आप प्रभावी घरेलू उपचार अपना सकते हैं।

Pooja Sinha
Written by:Pooja SinhaPublished at: Dec 15, 2015

घरेलू उपायों से करें खून के थक्‍के का इलाज

घरेलू उपायों से करें खून के थक्‍के का इलाज
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त्वचा की सतह के नीचे रक्त वाहिकाओं के क्षतिग्रस्त होने पर खून का थक्‍का बनता है, यह लाल, तरल पदार्थ से भरे थक्के के रूप में दिखाई देता हैं और बहुत दर्द करता हैं। यह मुख्‍य रूप से त्‍वचा पर आघात के कारण चोट या तेजी से दरवाजे या खिड़की के बंद होने से होते हैं और आमतौर पर हाथों और पैरों पर पाये जाते हैं। खून के थक्‍के गंभीर नहीं होते और कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। हालांकि रक्‍त के थक्‍के को फोड़ना नहीं चाहिए क्‍योंकि इससे संक्रमण और उपचार में देरी हो सकती है। लेकिन असुविधा को कम करने और संक्रमण को रोकने के लिए आप प्रभावी घरेलू उपचार अपना सकते हैं। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से ऐसे की कुछ घरेलू उपायों की जानकारी लेते हैं।

बर्फ की सिकाई

बर्फ की सिकाई
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खून के थक्‍के को दूर करने के लिए बर्फ से बेहतर कोई इलाज हो ही नहीं सकता। ठंडा तापमान रक्‍त वाहिकाओं को संकुचित कर, सूजन को कम करने और आंतरिक रक्‍तस्राव को बंद करने में मदद करता है। यदि आप बर्फ से सिकाई नहीं करना चाहते तो आप फ्रोजन मटर के बैग का उपयोग भी कर सकते हैं। एक प्‍लास्टिक बैग में कुछ आइस क्‍यूब डालकर उसपर एक छोटा तौलिया लपेट लें। लगभग 10 मिनट के लिए इसे खून के थक्‍के पर लगाये। कुछ समय के लिए इसे हटाकर दोबारा फिर लगाये। चोट के तुरंत बाद कई बार इस उपाय को दोहराये।

औषधीय गुणों से भरपूर हल्दी

औषधीय गुणों से भरपूर हल्दी
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हल्‍दी को चिकित्सीय और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है, इसलिए इसे त्‍वचा की समस्‍याओं जैसे मामूली जलने, सनटैन और छाले के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है। एंटीसेप्टिक प्रकृति होने के कारण हल्‍दी संक्रमण को रोकने में भी मदद करती है। एक चम्‍मच हल्‍दी पाउडर और पर्याप्‍त मात्रा में गुलाब जल और शहद मिलाकर पेस्‍ट बना लें। इसे खून के थक्‍के पर दिन में दो से तीन बार लगाये। इसके अलावा आप रात को सोने से पहले गर्म दूध के एक गिलास में आधा चम्‍मच हल्‍दी पाउडर मिलाकर भी पी सकते हैं।

सूजन कम करें विच हेजल

सूजन कम करें विच हेजल
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विच हेजल में मौजूद एस्ट्रिजेंट टैनिन, दर्द को कम करने के साथ खून के थक्‍के को सूखाने में मदद करता है। यह सूजन को कम करने में मदद करता है। थोड़ा सी मात्रा में विच हेजल की छाल लेकर रक्‍त के थक्‍के पर लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें। इस उपाय को कम से कम दिन में चार बार एक या दो सप्‍ताह तक लगाये।

दर्द के लिए खीरा

दर्द के लिए खीरा
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खीरे में मौजूद सिलिका एक ट्रेस मिनरल है, जो त्‍वचा में संयोजी ऊतकों को मजबूत करता है। रक्‍त के थक्‍के पर लगाने से सूजन और दर्द को कम करने में मदद मिलती है। खीरे के टुकड़े को मोटे स्‍लाइस में काटकर कुछ मिनट के लिए रक्‍त के थक्‍के पर रखें। इस उपाय को कई दिनों तक दिन में कई बार दोहराने से रक्‍त के थक्‍के ठीक हो जाते हैं। इसके अलावा आप रोजाना ताजे खीरे के रस का एक गिलास भी पी सकते हैं।

त्वचा की समस्याओं का उपचार करें चंदन

त्वचा की समस्याओं का उपचार करें चंदन
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चंदन अक्सर विभिन्न त्वचा की समस्याओं के उपचार में प्रयोग किया जाता है। चंदन रक्‍त के थक्‍के से गर्मी को जल्‍द अवशोषित कर घाव भरने की प्रक्रिया को गति प्रदान करता है। यह दर्द और सूजन को भी कम करने में मददगार है। चंदन पाउडर और गुलाब जल मिलाकर गाढ़ा पेस्‍ट बना लें। फिर इस पेस्‍ट को प्रभावित त्‍वचा पर लगाकर कुछ देर सूखने के लिए छोड़ दें। उस हिस्‍से को ठंडे पानी से धो लें। इस उपाय को दिन में कई बार करें।

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