क्‍या मास्‍क पहनने से होता है स्‍वाइन फ्लू से बचाव

ठंड न दस्तक दे दी है और मौसमी बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं, स्‍वाइन फ्लू का खतरा बढ़ गया है, इस स्‍लाइडशो में जानते हैं कि स्‍वाइन फ्लू से बचाव में मास्‍क कितना मददगार है।

Gayatree Verma
Written by: Gayatree Verma Published at: Oct 19, 2015

स्वाइन फ्लू और मास्‍क

स्वाइन फ्लू और मास्‍क
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ठंड ने दस्तक दे दी है और धीरे-धीरे ठंड की बीमारियों ने भी दबे पांव अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में एहतियात बरतना जरूरी है। पिछले कई सालों से स्वाइन फ्लू को ठंड की भयावह बीमारियों में से एक माना जाता रहा है। स्वाइन फ्लू श्वसन नालिका से जुड़ी बीमारी है, जो ‘ए’ टाइप के एनफ्लुएंजा वायरस के फैलने से होती है। ठंड के समय या मौसम बदलने के दौरान यह वायरस अधिक सक्रिय हो जाता है। खांसने और छींकने से यह वायरस बाहर के परिवेश में आता है और दूसरे लोगों में सांस के द्वारा अंदर चला जाता है। मास्‍क पहनने से इससे बचाव होता है। इसके बारे में यहां विस्‍तार से जानते हैं।

मास्क से बचाव

मास्क से बचाव
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मास्क पहनने से फ्लू से बचा जा सकता है। स्वाइन फ्लू का वायरस नाक के जरिये श्वसन नलिका से शरीर में प्रवेश करता है और ब्लड के साथ रिएक्ट कर शरीर के अन्य भागों में पहुंचता है। ऐसे में मास्क पहनकर फ्लू से बचाव किया जा सकता है। मास्क वायरस को नाक के जरिये शरीर के अंदर जाने से रोकता है। भीड़ वाली जगहों जैसे बाजार, सिनेमा हॉल, ऑफिस आदि जाने से पहले मास्क जरूर पहनें।

रेसपिरेटरी मास्क

रेसपिरेटरी मास्क
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इस मास्क को ऐसे डिजाइन किया गया है कि ये चेहरे को पूरी तरह से फिट हो जाता है, जिस कारण किसी भी तरह की अतिरिक्त खाली जगह नहीं बचती है जिससे हवा, मुंह या नाक के जरिये शरीर में प्रवेश कर सकें। साथ ही सांस लेने में सभी वायु कणों को फिल्टर कर नाक तक पहुंचने देता है।

फेस मास्क

फेस मास्क
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फेस मास्क समान्य मास्क की तरह होता है और ये रेसपीरेटरी मास्क से सस्ता और हर जगह मिल जाता है। लेकिन ये चेहरे पर पूरी तरह फिट नहीं होता। साथ ही ये केवल हवा के धूल कणों को अंदर जाने से रोकता है। जबकि आपके सामने कोई छींकता और खांसता है तो उससे निकले वायरस को यह फिल्टर नहीं कर पाता।

कौन सा मास्क अधिक कारगर

कौन सा मास्क अधिक कारगर
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यह बात हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि स्वाइन फ्लू से बचने के लिए सभी तरह के मास्क कारगर नहीं होते। सिंगल लेयर मास्क या फेस मास्क की 20 परतें लगाकर भी लगाकर फ्लू से बचाव नहीं होता। फ्लू के लिए थ्री लेयर सर्जिकल मास्क अथवा एन-95 मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। यह मास्क चार से आठ घंटे तक उपयोग किए जा सकते हैं। ट्रिपल लेयर सजिर्कल मास्क वायरस से 70 से 80 फीसदी तक बचाव करता है जबकि एन-95 मास्क पहनने पर स्वाइन फ्लू से 95 फीसदी तक बचाव होता है।

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