दातुन करने के इन फायदों को जानने के बाद दातुन ही करेंगे आप

ब्रश से भी पहले से दांतों को साफ रखने के लिये इस्तेमाल किये जाने वाले दातुन के फायदों के बारे में जानकर आप शायद टूथब्रश की बजया दोबारा दातुन का ही इस्तेमाल करने लगेंगे।

Rahul Sharma
Written by: Rahul SharmaPublished at: Feb 23, 2015

दातुन के फायदे

दातुन के फायदे
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आज लगभग हर घर में दांत साफ करने के लिए लोग टूथब्रश का ही इस्तेमाल करने लगे हैं। लेकिन ब्रश से भी पहले से दांतों को साफ रखने के लिये इस्तेमाल किये जाने वाले दातुन के फायदों के बारे में जानकर आप शायद टूथब्रश की बजया दोबारा दातुन का ही इस्तेमाल करने लगेंगे। तो चलिये जानें की भला ऐसा क्या है कि पुराने लोग आज भी दातुन को ही वरीयता देते हैं। Images courtesy: © Getty Images

धार्मिक दृष्टि से दातुन का महत्व

धार्मिक दृष्टि से दातुन का महत्व
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दातुन न केवल सेहत व बौद्घिक क्षमता के लिए बेहतर है बल्कि धर्म और अध्यात्म की दृष्टि से भी बेहतर माना जाता है। यही वजह है कि व्रत, त्यौहार वाले दिन बहुत से लोग ब्रश की बजाय दातुन से दांत साफ करते हैं। धार्मिक दृष्टि से दातुन का महत्व इसलिए भी माना जाता है, क्योंकि दातुन जूठा नहीं होता जबकि टुथब्रश हर दिन नया प्रयोग नहीं किया जा सकता है। Images courtesy: © Getty Images

आयुर्वेद और दातुन

आयुर्वेद और दातुन
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आयुर्वेद में वर्णित दंतधावन विधि में अर्क, न्यग्रोध, खदिर, करज्ज, नीम, बबूल आदि पेड़ों की डंडी की दातुन करने की सलाह दी जाती है। दरअसल आयुर्वेद में मुख प्रदेश को कफ का आधिक्य स्थान कहा जाता है। ऐसे में सुबह का काल भी कफ प्रधान होता है व पूरी रात सोने के कारण मुह के अंदर कफ जमा हो जाता है। इसलिए शास्‍त्रों में कफ दोष का नाश करने वाले कटु, तिक्त एवं कसैला प्रधान रस वाली दातुन का प्रयोग करने को कहा जाता है।  Images courtesy: © Getty Images

टूथपेस्टों से बेहतर

टूथपेस्टों से बेहतर
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आज-कल इस्तेमाल किये जाने वाल टूथपेस्टों में से काफी में नमक एवं अम्ल रस भी मिलाया जाता है। अम्ल या लवण रस दांतों को तो साफ कर देते हैं, लेकिन यह रस हमारे मसूड़ों को क्षति पहुंचा सकते हैं। जबकि दातुन में ऐसी कोई समस्या नहीं होती है। Images courtesy: © Getty Images

दांत ही नहीं पेट के लिये भी लाभदायक

दांत ही नहीं पेट के लिये भी लाभदायक
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जब आप दातुन बनाने के लिए दांतों से टहनी को चबाते हैं तो उस समय बनने वाले रस को थूकने के बजाए निगल लें। इससे आंतों की सफाई होती है और रक्त भी साफ होता है, साथ ही त्वचा संबंधी रोग भी नहीं होते हैं।Images courtesy: © Getty Images

नीम

 नीम
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आयुर्वेद में बताया गया है कि नीम का दातुन केवल दांतों को ही स्वस्थ नहीं रखता, बल्कि इसे करने से पाचन क्रिया ठीक होती है और चेहरे पर भी निखार आता है। यही वजह है कि आज भी बहुत से पुराने लोग नियमित नीम की दातुन का ही इस्तेमाल करते हैं।Images courtesy: © Getty Images

बेर

बेर
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आयुर्वेद के अनुसार बेर के दातुन से नियमित दांत साफ करने पर आवज साफ और मधुर होती है। इसलिए जो लोग वाणी से संबंधित क्षेत्रों में रुची रखते हैं या इस क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें बेर के दातुन का नियमित इस्तेमाल करना चाहिए।Images courtesy: © Getty Images

बबूल

बबूल
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आयुर्वेद में उल्लेख है कि दातुन न सिर्फ आपके दांतों को चमकाता है बल्कि आपकी बौद्घिक क्षमता और स्मरण शक्ति को भी बढ़ता है। मसूड़ों और दांतों की मजबूती के लिए बबूल के दातुन से दांत साफ करने चाहिये। ये दांतो और मसूड़ों दोनों को अच्छा रखता है। Images courtesy: © Getty Images

कैसे करें दातुन

कैसे करें दातुन
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दातुन को ऊपर के दांतों में ऊपर से नीचे की ओर और नीचे के दांतों में नीचे से ऊपर की ओर करा चाहिये। इससे मसूड़े मजबूत होंगे और पायरिया की समस्या भी नहीं होगी। नीम की दातुन नेचुरल माउथफ्रेशनर का भी काम करती है और इसे करने से मुंह से दुर्गंध नहीं आती। दातुन को आप सुबह पांच मिनट से लेकर 15 मिनट तक किया जा सकता है। Images courtesy: © Getty Images

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