8 आहार जो अनियमित पीरियड्स से बचायें

अनियमित पीरियड्स में महिला के पीरियड्स एक या दो महीने में केवल एक बार या एक महीने में दो-तीन बार होने लगते हैं। इस समस्‍या से भविष्‍य में कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍या हो सकती है। इसलिए इस समस्‍या से बचने के उपाय करने चाहिए।

Rashmi Upadhyay
Written by: Rashmi UpadhyayPublished at: Jan 17, 2015

अनियमित पीरियड्स के लिए आहार

अनियमित पीरियड्स के लिए आहार
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एक स्वस्थ महिला के शरीर में एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन जैसे तीन हार्मोन्स मौजूद होते हैं। इन हार्मोन्स में गड़बड़ होने से अनियमित पीरियड्स की समस्‍या होने लगती है। हार्मोंन में परिवर्तन अचानक वजन के बढ़ने या फिर कम होने, धूम्रपान, कॉफी और दवाइयों के अधिक सेवन और आहार में पोषक तत्‍वों के कारण होती है। भावनात्मक तनाव भी आपके शरीर में हार्मोन में परिवर्तन का कारण हो सकता है। अनियमित पीरियड्स में महिला के पीरियड्स एक या दो महीने में केवल एक बार या एक महीने में दो-तीन बार होने लगते हैं। इस समस्‍या से भविष्‍य में कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍या हो सकती है। इसलिए इस समस्‍या से बचने के उपाय करने चाहिए। और हो सके तो प्राकृतिक इलाज ही करवाना चाहिये। आप अपने आहार में कुछ खाद्य पदार्थों को शामिल कर इस समस्‍या से आसानी से बच सकते हैं। Image Courtesy : Getty Images

अदरक

अदरक
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अदरक अनियमित पीरियड्स को विनियमित करने और पीरियड्स में होने वाले से राहत देने में बेहद फायदेमंद होता है। यह पीरियड्स को बढ़ावा देने वाले वाला और पीरियड्स में देरी या अल्‍प समय की समस्‍या को दूर करने के लिए बहुत अच्‍छा होता है। इसके इस्‍तेमाल के लिए आप आधा कप में थोड़ी सी अदरकत मिलाकर 5-7 मिनट के लिए उबाल लें। फिर इसमें थोड़ी सी चीनी या शहद मिलाये। भोजन के बाद इसका मिश्रण का दिन में तीन बार सेवन करें। इस उपाय को एक महीने या अधिक समय के लिए करें। Image Courtesy : Getty Images

दालचीनी

दालचीनी
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दालचीनी को मासिक धर्म चक्र को विनियमित करने और मासिक धर्म की ऐंठन को कम करने के लिए उपयोगी माना जाता है। पारंपरिक चीनी चिकित्सा के अनुसार, यह शरीर पर वार्मिंग प्रभाव के रूप में माना जाता है। इसके अलावा इसमें मौजूद हाइड्रॉक्सीकैलकॉन (hydroxychalcone) इंसुलिन के स्तर को विनियमित करने और मासिक धर्म को नियमित करने में मदद करता है।  इसके लिए बस एक गिलास दूध में आधा चम्‍मच दालचीनी पाउडर मिलाकर इसे कई हफ्तों तक नियमित रूप से सेवन करें। इसके अलावा आप दालचीनी की चाय भी बना सकते हैं, इसे अपने खाद्य पदार्थों पर छिड़के सकते हैं या नियमित रूप से दालचीनी की स्टिक को चबा भी सकते हैं। Image Courtesy : Getty Images

तिल के बीज और गुड़

तिल के बीज और गुड़
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हार्मोंन संतुलन में मदद करके तिल के बीज पीरियड्स को विनियमित करने में बहुत उपयोगी होते हैं। लिगनेन से भरपूर होने के कारण यह अधिक हार्मोंन को बांधने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें आवश्‍यक फैटी भी होते हैं जो इष्टतम हार्मोन के उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। गुड़ भी अपने वार्मिंग प्रभाव के कारण पीरियड्स को विनियमित करने में मदद करता है। सूखे भुने हुए मुट्ठी भर तिल के बीज लें। इसे एक चम्‍मच गुड के साथ अच्‍छे से पीसकर पाउडर बना लें। इस पेस्‍ट को एक कुछ महीनों तक खाली पेट लें। या सिर्फ गुड़ का एक टुकड़ा खाना भी पीरियड्स को विनियमित करने में मदद करता है। लेकिन ध्‍यान रहें कि पीरियड्स के दौरान इस उपाय का प्रयोग न करें। Image Courtesy : Getty Images

एलोवेरा

एलोवेरा
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एलोवेरा हार्मोन को विनियमित कर स्वाभाविक रूप से मासिक धर्म की अनियमितताओं के इलाज में मदद करता है। इसके लिए आप एलोवेरा की ताजी पत्ती से जेल निकालकर उसमें शहद की एक चम्‍मच में मिलाये। और इसे नाश्‍ते से पहले नियमित रूप से तीन महीने तक लें। लेकिन इस उपाय को पीरियड्स के दौरान न करें। Image Courtesy : Getty Images

कच्चा पपीता

कच्चा पपीता
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ग्रीन, अपरिपक्व पपीता भी अनियमित पीरियड्स की समस्‍या के लिए लाभकारी होता है। यह गर्भाशय में अनुबंध मांसपेशी फाइबर में मदद कर मासिक धर्म प्रवाह को विनियमित करने में उपयोगी माना जाता है। इसके अलावा यह रजोनिवृत्ति और तनाव से जुड़े अनियमित पीरियड्स के लिए विशेष रूप से उपयोगी होता है। कुछ महीनों के लिए नियमित रूप से अपरिपक्व पपीते के रस का सेवन करें। लेकिन इस उपाय को पीरियड्स के दौरान न करें। Image Courtesy : Getty Images

हल्दी

हल्दी
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वार्मिंग जड़ी बूटी होने के कारण, हल्दी को भी पीरियड्स को नियमित और हार्मोन को संतुलन में सहायक माना जाता है। इसके एम्मेनेगॉग्स (emmenagogs) गुण मासिक धर्म प्रवाह को प्रोत्साहित करने में मदद करते है। इसके अलावा, अपने एंटी-स्पास्मोडिक और एंटी-इफ्लेमेंटरी गुणों के कारण यह मासिक धर्म में होने वाले दर्द से छुटकारा दिलाता है। इसके लिए आप एक चौथाई चम्‍मच हल्‍दी को दूध, शहद या गुड़ के साथ ले सकते हैं। कई सप्‍ताह तक नियमित रूप से लेने से आपको सुधार दिखने लगेंगे। Image Courtesy : Getty Images

धनिया के बीज

धनिया के बीज
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अपनी एम्मेनेगॉग्स गुणों के कारण धनिया भी मासिक धर्म को बढ़ावा देने में आपकी मदद करता है। इसके लिए आप दो कप पानी में एक चम्‍मच धनिया के बीज को तब तक उबालें जब तक पानी उबलकर एक कप न रह जाये। अब मिश्रण से बीज को अलग कर लें। इस मिश्रण को अपने पीरियड्स से कुछ दिन पहले दिन में तीन बार सेवन करें। इस उपाय को कुछ महीनों तक नियमित रूप से करें। Image Courtesy : Getty Images

सौंफ

सौंफ
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सौंफ अनियमित पीरियड्स के इलाज के लिए बहुत उपयोगी जड़ी बूटी है। शक्तिशाली एम्मेनेगॉग्स की मौजूदगी के कारण यह मासिक धर्म को बढ़ावा देने और एंटी-स्पास्मोडिक के गुणों के कारण यह पीरियड्स से पहले होने वाले ऐंठन से राहत देता है। इसके अलावा, यह महिला सेक्स हार्मोन को भी संतुलित करता है। इसे इस्‍तेमाल करने के लिए दो बड़े चम्‍मच सौंफ को एक गिलास पानी में रात भर के लिए भिगो दें। सुबह मिश्रण को छानकर पी लें। इस उपाय को एक महीने या पीरियड्स नियमित होने तक नियमित रूप से पीना चाहिए। Image Courtesy : Getty Images

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