जानें क्‍यों सिगरेट से भी अधिक नुकसानदेह हैं कैंडल्स

क्‍या आप जानते हैं कि कैंडल्‍स की खुशबू में मौजूद केमिकल सांसों के द्वारा शरीर के अंदर जाकर सिगरेट की तुलना में अधिक हानिकारक होते है।

Pooja Sinha
Written by:Pooja SinhaPublished at: Dec 16, 2015

सिगरेट से भी ज्‍यादा खतरनाक है कैंडल

सिगरेट से भी ज्‍यादा खतरनाक है कैंडल
1/6

सुगंधित मोमबत्तियों को बर्थडे पार्टी, क्रिसमस पार्टी या फिर फैमिली गेट टूगेदर के दौरान घर को रोशन करने के लिए इस्‍तेमाल करना लगभग हर कोई पसंद करता है। यह आपके घर को सजाने के अलावा घर को सुगांधित कर सुखद अहसास भी कराती हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि कैंडल्‍स आपके घर को टॉक्सिक केमिकल से भर देती है, जो सेहत के लिए कई तरह से हानिकारक हो सकता हैं। बहुत सी कैंडल्‍स तो सिगरेट की तरह इतनी टॉक्सिक होती है, कि हवा को कैंसर जनित केमिकल से भर देती हैं। सुगांधित मोमबत्तियों में अतिरिक्‍त केमिकल के कारण यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। खुशबू में मौजूद केमिकल का सांसों के द्वारा अंदर जाना सिगरेट की तुलना में अधिक हानिकारक होता है। इसलिए हमें इस तरह की कैंडल्‍स के लंबे इस्‍तेमाल से बचने की कोशिश करनी चाहिए। आइए कैंडल के खतरनाक स्‍वास्‍थ्‍य प्रभावों के बारे में इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से जानें।

एलर्जी का कारण

एलर्जी का कारण
2/6

कैंडल्‍स की पैराफिन वैक्‍स में कम से कम 20 विषाक्त पदार्थों शामिल होते है। उनमें से, सबसे ज्‍यादा टॉक्सिक एसीटोन, फिनोल, जाइलिन, क्रेसोल और ब्‍लोरोबेंजीन है। यह कैंसर, लंग में जलन और ब्रेन सहित शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। कैंडल्‍स में मौजूद सिंथेटिक सुगंध श्‍वसन तंत्र में जलन का कारण बन, श्‍वसन स्राव को बढ़ा सकती है। यह ज्‍यादातर लोगों में एलर्जी प्रतिक्रियाओं का कारण बनता है। यह कैंडल के हानिकारक प्रभावों में से एक है।

सांस की समस्याएं और अस्थमा

सांस की समस्याएं और अस्थमा
3/6

कैंडल्‍स में इस्‍तेमाल होने वाला पैराफिन नामक वैक्‍स अस्‍थमा को बढ़ाने और कई सांस की समस्‍याओं का कारण बन सकता है। कैंडल्‍स के जलने पर वैक्‍स की एक अजीब गंध निकलती हैं, जो फेफड़ों में जलन और सांसों संबंधी समस्‍याओं का कारण बन सकती है।

सिरदर्द

सिरदर्द
4/6

खुशबू वाली कैंडल का एक अन्‍य हानिकारक प्रभाव सिरदर्द भी है। कैंडल के धुएं के अंदर जाने से अधिकांश लोगों को सिर में दर्द होने लगता है। ऐसा कैंडल में मौजूद हानिकारक केमिकल बेंजीन और टोल्‍यूनि के कारण होता है।

किडनी में ट्यूमर और कैंसर का खतरा

 किडनी में ट्यूमर और कैंसर का खतरा
5/6

कैंडल जलाने पर ऑयल से निकलने वाला धुआं, किडनी में ट्यूमर का कारण बन सकता है। इसलिए कई स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ कहते हैं कि कैंडल के धुएं के जोखिम से बचने के लिए हमें इनका इस्‍तेमाल केवल जरूरत पड़ने पर ही करना चाहिए। इसके अलावा कैंडल से पिघलते पैराफीन से हवा में कैंसर जनित धुएं (बेंजीन और टोल्यूनि) की विज्ञप्ति होती है। इसकी स्‍मैल डीजल इंजन की तरह होती है। और इस गंध को सांस के माध्‍यम से अंदर लेने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। हमारे स्‍वास्‍थ्‍य पर यह कैंडल के सबसे खतरनाक प्रभावों में से एक है।

हानिकारक कैंडल्‍स के जोखिम से बचने के उपाय

हानिकारक कैंडल्‍स के जोखिम से बचने के उपाय
6/6

अरोमाथेरेपी और सभी प्रकार की सुगांधित कैंडल्‍स से बचना चाहिए। पैराफीन कैंडल के विकल्‍प के रूप में बीज्वैक्‍स या सोया कैंडल का प्रयोग करें। अगर आप सुगांधित कैंडल का उपयोग कर भी रहे हैं तो लंबे समय के जोखिम से बचने के लिए अपने घर की खिड़की को खुला रखें। Image Source : Getty

Disclaimer