चावल में प्‍लास्टिक के अलावा मौजूद हैं ये नुकसानदेह तत्‍व

यूं तो चावल भारतीयों की प्रमुख आहार है, लेकिन क्‍या आप जानते हैं इसमें मिलावट होने से यह आपको बीमार कर रहा है, आइए हम आपको बताते हैं प्‍लास्टिक युक्‍त चावल के क्‍या नुकसान हैं और इसमें दूसरे कौन-कौन से केमिकल मौजूद हैं।

Pooja Sinha
Written by: Pooja SinhaPublished at: Jul 10, 2015

मिलावटी चावल है नुकसानदेह

मिलावटी चावल है नुकसानदेह
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यूं तो चावल भारतीयों की प्रमुख आहार है, लेकिन क्‍या आप जानते हैं इसमें मिलावट होने से यह आपको बीमार कर रहा है। वर्तमान में बाजार में मिल रहा प्‍लास्टिक चावल लोगों को बीमार कर रहा है। चावल में मौजूद दूसरे केमिकल के कारण भी यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए नुकसानदेह है। इसलिए मिलावटी और प्‍लास्टिक वाले चावल का सेवन करने से बचें। आइए हम आपको बताते हैं प्‍लास्टिक युक्‍त चावल के क्‍या नुकसान हैं और इसमें दूसरे कौन-कौन से केमिकल मौजूद हैं। Image Source : Getty

प्‍लास्टिक युक्‍त चावल

प्‍लास्टिक युक्‍त चावल
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सामान्‍यतया आम लोग प्लास्टिक वाले चावल व असली चावल के अंतर को पहचान नहीं सकते। क्‍योंकि यह दिखने में तो असली जैसा है मगर आसानी से पचता नहीं है। इसके कारण पेट में गैस और पेट संबंधी दूसरी समस्‍यायें हो सकती हैं। प्‍लास्टिक के अलावा दूसरे केमिकल से भी पेट को नुकसान होता है।  Image Source : oryza.com

आर्सेनिक धातु की मौजूदगी

आर्सेनिक धातु की मौजूदगी
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आर्सेनिक, एक धातु, चावल में पाया जाने वाला आम दूषणकारी तत्व है, जो मिट्टी और पानी में स्वाभाविक रूप से मौजूद होता है। चावल पानी के नीचे उगाया जाता है, इसमें अन्य अनाज की तुलना में दस गुना अधिक आर्सेनिक होता है। धातु भी भूसी (बीज की बाहरी कवर) में जमा हो जाता है और मिलिंग प्रक्रिया के दौरान, भूसी बीज से निकाल दिया जाता है। आर्सेनिक से कैंसर, हृदय रोग और त्वचा के घावों जैसी समस्‍याएं हो सकती है।Image Source : thesoftlanding.com

मिनरल ऑयल

मिनरल ऑयल
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चावल आमतौर पर जूट की बोरियों में पैक की जाती है, जिसमें आमतौर पर मिनरल ऑयल के रूप में आम दूषित पदार्थों को शामिल किया जाता है। जूट के रेशों को लचीला बनाने के लिए इस तेल का इस्‍तेमाल किया जाता हैं। जब चावल को इन बोरियों में ले जाया जाता है तो यह तेल से दूषित हो जाते है, और  5 और 500 पीपीएम से अधिक से अधिक मात्रा से ऊपर की खपत के लिए अनुपयुक्त हो जाते हैं। चूहों पर अध्‍ययन से पता चला कि मिनरल ऑयल में कासीनजन गुण होते हैं। अगर चावल में इस ऑयल की मात्रा बढ़ जाए, तो इससे भी कैंसर होने का खतरा पैदा हो सकता है।Image Source : Getty

बैक्टीरिया से विषैले पदार्थ

बैक्टीरिया से विषैले पदार्थ
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जिस तरह गीले कपड़े में बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, उसी तरह चावल में भी अगर नमी आ जाए, तो उनमें भी बैक्टीरिया पैदा होने लगते हैं। ये शरीर के लिए काफी हानिकारक होते हैं। जब भारी बारिश होती है, तब भी चावलों में बैक्टीरिया पैदा होने के चांस होते हैं। इससे भी कैंसर होने की आंशका बढ़ जाती हैं।Image Source : Getty

सीसा और कैडमियम जैसे हानिकारक तत्‍व

सीसा और कैडमियम जैसे हानिकारक तत्‍व
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चावल में पाया जाने वाला एक और हानिकारक तत्‍व सीसा और कैडमियम धातुओं हैं। ये चावल में उच्च सांद्रता में मौजूद होते हैं। जब इनका उच्च मात्रा में सेवन किया जाता है तो शरीर पर हानिकारक प्रभाव हो सकते हैं। कुछ उर्वरकों में अवांछनीय राशि में कैडमियम होता है, चावल अनाज द्वारा मिट्टी से अवशोषित होता है। बहुत अधिक मात्रा में सीसा को आहार के माध्‍यम से लेने से मस्तिष्‍क को नुकसान पहुंचा सकता है और पाचन समस्याओं का कारण बनता है। Image Source : Getty

चूहों का मल

चूहों का मल
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चूहों का मल भी चावल को दूषित करता है। गोदाम में रखे चावलों में चूहों का मल-मूत्र बहुत आम बात है। इससे भी कई बीमारियां पैदा होती हैं। इससे हैंटावायरस जैसी जानलेवा बीमारी भी फैल सकती है। इसके अलावा चूहे बैक्‍टीरिया को फैलते हैं और जब चूहों के मल वाले संग्रहीत चावल का सेवन किया जाता है तो कई प्रकार की एलर्जी भी हो सकती है।Image Source : jagran.com

पैकिंग मैटेरियल की क्‍वालिटी

पैकिंग मैटेरियल की क्‍वालिटी
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अगर चावलों का पैकिंग कवर अच्छी क्वालिटी का न हो, तो इस पैकिंग वाले चावल से भी सेहत के लिए खतरा पैदा हो सकता है। दरअसल, पैकिंग करने में जिस गोंद का इस्तेमाल होता है, वो भी स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होती। इसके अलावा पैकिंग सामग्री में प्रकाश, तापमान और नमी की कमी के कारण चावल में हानिकारक तत्‍व बनने लगते हैं। और लंबे समय तक इसे पैकेजिंग मैटेरियल का इस्‍तेमाल स्‍वास्‍थ्‍य को कई तरह से प्राभावित करता है। Image Source : aliimg.com

इनसे बचने के उपाय

इनसे बचने के उपाय
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हालांकि चावल के इन आम दूषित पदार्थों से बचना संभव नहीं हैं, लेकिन कुछ उपायों को अपनाकर आप अपने स्‍वास्‍थ्‍य जोखिम को कम कर सकते हैं। चावल को पकाने से पहले कम से कम दो से तीन बार अच्‍छे से धो लें। चावल को पर्याप्‍त मात्रा मिलाकर पकाना चाहिए और चावल के आधे पक जाने के बाद अतिरिक्‍त पानी को निकाल देना चाहिए। खरीदने से पहले चावल की अच्‍छे से जांच करनी चाहिए कि उसमें मृत कीड़े, क्षतिग्रस्‍त और टूटे चावल तो नहीं है। Image Source : Getty

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