2015 में ये आम आदमी बन गए खास

2015 में कुछ आम हस्तियां भी खास हो गईं, इसका कारण उनकी एक्‍स्‍ट्राऑर्डिनरी एचीवमेंट्स हैं। इसमें से कुछ लोगों नें अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाया और मिसाल पेश की, आइये मिलते हैं ऐसी कुछ हस्तियों से...

Aditi Singh
Written by: Aditi Singh Published at: Jan 04, 2016

सौरभ निम्बकर

सौरभ निम्बकर
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"आज की रात है जिंदगी" में शामिल हुए सौरभ निम्बकर रातों रात मशहूर हो गए। मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने सौरभ के साथ मिलकर कैंसर मरीजों के लिए धन एकत्र करने के लिए ट्रेन में गाया। सौरभ लोकल ट्रेनों में गिटार बजाते हुए गीत गाते हैं और साथी यात्रियों से उन्हें इसके एवज में जो थोड़ा बहुत धन मिलता है उसे वह शहर के कैंसर पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों में बांट देते हैं।Image Source-healthsite

सुषमा वर्मा

सुषमा वर्मा
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5 साल की सुषमा वर्मा एमएससी (माइक्रोबायोलॉजी) पास हो गई है। इस तरह सुषमा देश की सबसे छोटी उम्र की पोस्ट ग्रैजुएट बन गई है। उसने लखनऊ के बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी से पीजी किया है। उसने 13 साल की उम्र में एमएससी में दाखिला लिया था। सुषमा के पिता तेजबहादुर वर्मा दिहाड़ी मजदूर थे। अब सुषमा डॉक्टर बनकर अपने पिता के सपनों को पूरा करना चाहती है।Image Source-Bhaskar

लिडा सेबस्टियन

लिडा सेबस्टियन
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सिर्फ 12 साल की लिडा सेबस्टियन ने मेंटल एबिलिटी टेस्ट में 150 मिनट में मैक्सिमम 162 स्कोर करते हुए अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग तक को दिमागी मामले में पटखनी दी है। पैरेंट्स का कहना है कि लिडा ने 6 महीने में ही बोलना शुरू कर दिया था और बहुत जल्द पढ़ने और समझने भी लगी थी। लिडा मात्र 12 वर्ष की है और एसिक्स, इंग्लैंड से संबंध रखती हैं। पिता अरुण सेबास्टियन जो कि कोलचेस्टर जनरल हॉस्पिटल में रैडीआलजिस्ट हैं और माँ एरिका कोत्तियाह बर्कलेज बैंक में एसोसिएट निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। दोनों भारत के केरल राज्य के मूल निवासी हैं।Image -techinsider

किरण गांधी

किरण गांधी
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क्या कोई महिला अपने पीरियड्स के दौरान बिना सैनेटरी पैड पहने 26.2 मील दौड़ सकती है? शायद हर कोई ऐसा नहीं कर सकता लेकिन खुद को स्ट्रॉंग फेमिनिस्ट मानने वाली किरण गांधी ने ऐसा कर उन सबको एक करारा जवाब दिया है जो इसे गलत तरीके से देखते हैं।लंदन में ब्रेस्ट कैंसर केयर के लिए आयोजित मैराथन से एक दिन पहले उनका पीरियड स्टार्ट हो गया। रात भर सोचने के बाद उन्होंने अंत में फैसला कर लिया कि वो इस मैराथन में जरूर दौड़ेंगी वो भी बिना सैनेटरी पैड के. कई दिक्कतों के बाद उन्होंने उस 26.2 मील लंबे मैराथन को पूरा भी कर लिया।Image - abplive

बेनो जेफाइन

बेनो जेफाइन
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तमिलनाडु में 25 साल की एनएल बेनो जेफाइन देश की पहली ऐसी आईएफएस अफसर बनने जा रही हैं जो नेत्रहीन हैं। बेनो दिल्ली में विदेश मंत्रालय में अपना पदभार संभालेंगी, एनएल की इस कामयाबी के पीछे उनके माता-पिता का बहुत बड़ा योगदान है। बेनो कहती हैं, कि मेरा कोई रोल मॉडल नहीं है मैं खुद पर यकीन रखती हूं। मैं स्कूल और कॉलेज में होने वाली डीबेट में लगातार हिस्सा लेती थी। कुछ भी असंभव नहीं, कुछ करने के लिए अक्षम होने या विकलांगता को दिमाग से निकालना बेहद जरूरी है। Image - ibnlive.com

तनिष्क अब्राहम

तनिष्क अब्राहम
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महज 11 साल की उम्र में तनिष्क अब्राहम ने स्नातक की डिग्री हासिल कर ली। अर्ली एक्जिट सिस्टम के तहत हाई स्कूल पास करने वाले तनिष्क ने तीन असोसियेट डिग्री के साथ स्नातक की उपाधि हासिल की। तनिष्क ने चार वर्ष की उम्र में मैंसा इंटरनेशनल में दाखिला लिया था और महज सात वर्ष की उम्र में ही उसने अमेरिकन रिवर कॉलेज में कक्षायें लेनी शुरू कर दी। सात साल की उम्र में तनिष्क कॉलेज जाने लगा। तनिष्क की सात वर्षीय बहन टियारा भी मैंसा में दाखिले के साथ कॉलेज में कक्षायें लेने जाने लगी है।Image Source-palpalindia.com

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