सर्दी-जुकाम की दवाओं के नुकसान

सर्दी-जुकाम ऐसी समस्याएं हैं, जिनसे निपटने के लिए हम अक्सर बिना डॉक्टरी सलाह के दवाइयां ले लेते हैं। लेकिन, ऐसा करना हमारी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है क्योंकि इन दवाइयों के साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। चक्कर आना, सुस्ती से लेकर बेहोशी तक इन दवाइयों की वजह से हो सकती है।

सम्‍पादकीय विभाग
Written by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Dec 01, 2014

नुकसान पहुंचा सकती है सर्दी-जुकाम की दवाएं

नुकसान पहुंचा सकती है सर्दी-जुकाम की दवाएं
1/8

सर्दियों का मौसम आ चुका है। इस मौसम में हल्का-फुल्का सर्दी-जुकाम हो जाना आम बात है। इस समस्या के लिए लोग आमतौर पर डॉक्टर के पास नहीं जाते, बल्कि मेडिकल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध होने वाली जुकाम की दवाइयों का सेवन कर लेते हैं। हालांकि, आमतौर पर इन दवाओं से आराम तो मिल जाता है लेकिन, इन दवाओं के कई साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। ये साइड इफेक्ट्स कई बार जानलेवा भी हो सकते हैं। इसलिए जुकाम की ओवर-दि-काउंटर दवाओं के सेवन की बजाय, डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। आइये जानते हैं, इन दवाओं में मौजूद किन चीजों के क्या नुकसान होते हैं।

एंटी-हिस्टेमाइन्स

एंटी-हिस्टेमाइन्स
2/8

सर्दी-जुकाम की दवाओं में मौजूद एंटी-हिस्टेमाइन्स से आंखों की जलन और खुजली, छींक, गले की खराश और बहती नाक की समस्याओं में राहत मिलती है। जबकि ऐन्टी-हिस्टेमाइन्स का सबसे सामान्य साइड इफेक्ट सुस्ती और उनीदांपन है। इसकी वजह से चक्कर आना, सिरदर्द, मुंह सूखना, आंखें सूखना और थकान जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐन्टी-हिस्टेमाइन्स के सेवन के बाद ऐल्कोहल लेने से सुस्ती और थकान बढ़ भी सकती है।

डीकन्जेस्टेंट

डीकन्जेस्टेंट
3/8

डीकन्जेस्टेंट जैसे कि सूडोऐफ्ड्राइन या फेनिलेफ्राइन, साइनस में कंजेशन कम करने में मदद करते हैं लेकिन इनसे आपका ब्लड प्रेशन और दिल की धड़कने भी बढ़ सकती हैं। बेचैनी, नींद न आना, कंपकपी आदि भी डीकन्जेस्टेन्ट्स दवाओं के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। कैफीन का सेवन इसके साइड इफेक्ट्स को और बढ़ा सकता है।  

कफ सप्रेसन्ट्स

कफ सप्रेसन्ट्स
4/8

डेक्ट्रोमेथर्फन साइनस में खांसी और बलगम को कम करता है। लेकिन ये कफ सप्रेसन्ट्स सुस्ती, मतली और चक्कर का कारण बन सकते हैं। इससे कब्ज की शिकायत भी हो सकती है। अगर ऐसे लक्षण हों तो अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।  

दर्द-निवारक

दर्द-निवारक
5/8

इबुप्रोफेन या एसेटामिनोफेन जैसे दर्द निवारकों से सर्दी-जुकाम में होने वाले सिरदर्द और शरीर दर्द में आराम मिलता है। इबुप्रोफेन या एसेटामिनोफेन की अगर सही खुराक ली जाए तो ये दोनों सुरक्षित होते हैं लेकिन अगर आपको पेट से संबंधित समस्या है तो आपको ये दवाइयां लेने से पहले कुछ खा लेना चाहिए। खाली पेट इन दवाओं के सेवन से पेट की समस्या बढ़ सकती है।  

नींद की दवाइयां

नींद की दवाइयां
6/8

डीफेनहाइड्रामाइन जैसी नींद की दवाएं आपको जुकाम होने पर रात में सुलाने में मदद करती है। लेकिन समस्या ये है कि इसकी वजह से आपको अलगे दिन मदहोशी जैसी महसूस हो सकती है। इसके अलावा, मुंह का बार-बार सूखना, मूत्र त्यागने संबंधी समस्या और सांस लेने जैसी दिक्कतें भी इन दवाओं के साइड इफेक्ट्स के रूप में सामने आ सकती हैं।  

कॉन्ट्रा-इंडिकेशन्स

कॉन्ट्रा-इंडिकेशन्स
7/8

मिनेसोटा पॉइजन कंट्रोल सिस्टम के अनुसार, सर्दी-जुकाम की दवाओं में मौजूद ड्रग्स दूसरी दवाओं के साथ मिलकर गलत प्रभाव डाल सकते हैं। मार्प्लान, नार्दिल और पार्नेट जैसी मोनोमाइन ऑक्सीडेज इन्हीबिटर्स कुछ ऐसी एंटी-ड्रिप्रेसेंट्स हैं, जिनसे ड्रग-ड्रग इंट्रैक्शन हो जाता है। इससे साइड इफेक्ट्स और बुरे हो सकते हैं।    

कौन से लोग बचें इन दवाओं से

कौन से लोग बचें इन दवाओं से
8/8

जिन लोगों को दिल, किडनी या पेट संबंधी बिमारियां हों, उन्हें सर्दी-जुकाम की दवाएं लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श कर लेना चाहिए। ऐसा न करने से, उनको खतरनाक परिणाम भी भुगतने पड़ सकते हैं। इसके अलावा, बच्चों को ओवर-दि-काउंटर सर्दी-जुकाम की दवाएं न दें। खासतौर पर, दो साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ये बहुत नुकसानदायक होती हैं।

Disclaimer