तीस की उम्र में सही गर्भनिरोधक का चयन करें

By:Pradeep Saxena, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Apr 01, 2014
तीस की उम्र के बाद गर्भनिरोधक का चुनाव करने में समस्‍या होती है, इसलिए ऐसे गर्भनिरोधक का चुनाव करें जिससे बाद में परेशानी न हो।
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    सही गर्भनिरोधक का चुनाव

    गर्भनिरोधक का प्रयोग करके आप आसानी से अनचाही प्रेग्‍नेंसी को रोक सकते हैं। आपकी उम्र 30 पार चुकी है आपको बच्‍चा भी और आगे आप परिवार नियोजन पर ध्‍यान देना चाहती हैं। लेकिन इसके लिए आप सोच में हैं कि किस प्रकार का गर्भनिरोधक आपके लिए बेहतर होगा और आप उसका चुनाव कैसे करें। गर्भनिरोधक के उपाय केवल महिलायें ही नहीं बल्कि पुरुष भी आसानी से आजमा सकते हैं। आगे के स्‍लाइडशो में जानिए तीस की उम्र के बाद सही गर्भनिरोधक का चुनाव कैसे करें।

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    सही गर्भनिरोधक का चुनाव
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    गर्भनिरोधक गोलियां

    अनचाहे गर्भ से बचाव के लिए बाजार में कई तरह की गर्भनिरोधक गोलियां हैं। असुरक्षित यौन संबंध बनाने के 72 घंटे के भीतर इन गोलियों का इस्‍तेमाल करने से गर्भधारण की संभावना को रोका जा सकता है। इस गोली को खाने के बाद लेना सही रहता है। खाली पेट खाने उल्टी हो सकती है। अगर गोली खाने के तीन घंटों में ही आपको उल्टी आ जाती है, तो जल्द से जल्द दूसरी गोली का सेवन कीजिए। लेकिन स्‍थायी गर्भनिरोधक के रूप में इसका प्रयोग नहीं किया जा सकता। इन गोलियों का अधिक सेवन करने से साइड इफेक्‍ट भी हो सकता है।

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    गर्भनिरोधक गोलियां
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    नसबंदी

    तीस साल के बाद गर्भधारण से बचने के लिए नसबंदी भी अच्‍छा उपाय है। इसे महिला और पुरुष दोनों करा सकते हैं। नसबंदी कराने के बाद आप अनचाहे गर्भ से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं। यह प्रक्रिया बहुत ही आसान है और आपके नजदीकी अस्‍पतालों में आसानी से उपलब्‍ध है। नसबंदी के बाद गर्भधारण करने की संभावना न के बराबर होती है।

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    नसबंदी
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    वैसेक्‍टोमी

    यह केवल पुरुषों के लिए है, इसे पुरुष नसबंदी भी कहा जाता है। इसमें शुक्राणुओं को ले जानी वाली नलियों को बंद कर दिया जाता है। आप इसे कराने के बाद भी सामान्य तरीके से वीर्यपात करते हैं, किंतु उस वीर्य में डिंब को निषेचित करने के लिए कोई शुक्राणु नहीं होते। यह गर्भनिरोध का एक स्थायी उपाय है और इसका कोई भी साइड इफेक्‍ट नही होता है।

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    वैसेक्‍टोमी
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    कॉपर-टी लगवायें

    तीस की उम्र के बाद गर्भधारण से बचने के लिए कॉपर-टी भी बहुत अच्‍छा तरीका है। गर्भ को रोकने के लिए इसकी सफलता की दर बहुत अधिक है। एक बार कॉपर-टी लगवाने के बाद यह 10 साल तक के लिए प्रभावी है। यह एक छोटे टी के आकार का प्लास्टिक होता है जिसे महिला के गर्भाशय में लगा दिया जाता है। इसे कॉपर आईयूडी भी कहते इसका अर्थ है इंट्रायूटेरिन डिवाइस, अर्थात गर्भाशय में लगाया जाने वाला उपकरण। इसे तांबे के तार के एक छल्ले में लपेटा गया होता है।

     

    कॉपर-टी लगवायें
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    कंडोम का प्रयोग

    यह गर्भधारण से बचने का सबसे अच्‍छा तरीका है जो न केवल 30 की उम्र बल्कि हर उम्र वर्ग में काम आता है। यौन संबंध बनाने के दौरान कंडोम का प्रयोग करने से अनचाहा गर्भ नही ठहराता है। परंतु कंडोम का प्रयोग करने से पहले उसके सही ढंग से प्रयोग के बारे में भी जानकारी होना बहुत जरूरी है। अगर कंडोम सही तरीके से नहीं पहना है तो यह सेक्स के बीच में ही फट जाता है, जिससे महिला गर्भवती हो सकती है। इसलिए यौन संबंध बनाने से पहले कंडोम के सही उपयोग की जानकारी ले लें। आजकल बाजार में महिला और पुरुष दोनों प्रकार के कंडोम मिलते जो अनचाहे गर्भ से बचाने में कारगर हैं।

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    कंडोम का प्रयोग
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    इम्प्लांट के जरिये

    यह तरीका महिलाओं के लिए प्रयुक्‍त किया जाता है, इसमें हार्मोनयुक्त एक छोटी छड़ होती है, जिसे महिला की बांह की चमड़ी के नीचे डाल दिया जाता है। इसे 3-5 साल के लिए डाला जाता है। इम्प्लांट के बाद यह लगातार प्रोजेस्‍ट्रॉन हार्मोन निकलता रहता है जो महिला को गर्भवती होने से बचाता है। यह हार्मोन महिला की सर्विक्स के चारों तरफ के म्यूकस को गाढ़ा कर देता है, जिसके कारण शुक्राणु इसके पार नहीं जा सकते। हार्मोन की मात्रा के अनुसार, यह आपके अंडाशय से डिंब का उत्पादन भी बंद कर सकता है। इम्प्लांट्स, इम्प्लानान, नॉरप्लांट और जैडेल ब्रांड नाम से जाने जाते हैं। हालांकि गर्भनिरोधक का यह तरीका अभी भारत में आसानी से उपलब्‍ध नहीं है।

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    इम्प्लांट के जरिये
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    मासिक चक्र के बारे में जानें

    अनचाहे गर्भ से बचाव के लिए प्राकृतिक तरीके भी आप आजमा सकते हैं। मासिक चक्र के बारे में जानना बहुत ही सुरक्षित है और आसान प्राकृतिक गर्भनिरोधक है। इस प्रक्रिया के तहत आपको ओव्यूलेशन पीरियड के दौरान शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए। आमतौर पर महिलाओं में अगला पीरियड शुरू होने के 14 दिन पहले ही ओव्यूलेशन होता है। ओव्यूलेशन के दौरान शुक्राणु व अंडे के फर्टिलाइज होने की ज्यादा संभावना होती है। दरअसल, शुक्राणु सेक्स के बाद 24 से 48 घंटे तक जीवित रहते हैं जिससे इस दौरान गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन यदि मासिक धर्म अनियमित हो जाये तो भी इसका ध्‍यान रखना चाहिए।

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    मासिक चक्र के बारे में जानें
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    स्परमिसिडिस

    यह एक तरह का रासायनिक पदार्थ है जो सम्भोग से पूर्व महिला की योनि में डाला जाता है, यह वीर्य के जीवाणुओं को निष्क्रिय कर देता है। क्रीम, फिल्म, फोम जैली और अन्य तरल एवं ठोस गोलियां के रूप में मौजूद है जो आसानी से प्रयोग किया जा सकता है। यह आसानी से घुलनशील भी है। इनके सफलता की दर 80 से 85 प्रतिशत के बीच रहती है। यदि इन्हें मेकैनिकल अवरोधक साधनों जैसे कि कंडोम के साथ मिलाकर उपयोग मे लाया जाये तो इनकी सफलता की दर शत-प्रतिशत हो जाती है।

    स्परमिसिडिस
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    यौन क्रिया से दूरी बनायें

    गर्भधारण से बचने के लिए जरूरी है कि आप यौन क्रिया से विरत रहें। 30 की उम्र के बाद आप आसानी से इस तरीको को आजमा सकते हैं। गर्भधारण करने से बचने का यह तरीका सबसे अच्‍छा और कारगर है।

     

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    यौन क्रिया से दूरी बनायें
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