बच्चों को पढ़ाने से पहले खुद करें ये 2 काम, पढ़ाई लगेगी आसान

हर मां-बाप को अपने बच्चों की पढ़ाई की चिंता होती है, पर कई बार वो इस बात को नहीं समझ पाते कि बच्चे का मन पढ़ाई में क्यों नहीं लग रहा। इसका एक कारण होता है उनके पढ़ाने का तरीका गलत है, अपने बच्‍चे को पढ़ाने से पहले खुद को इस तरह तैयार कर लीजिए।

Rashmi Upadhyay
Written by: Rashmi UpadhyayPublished at: Mar 16, 2018

बच्चों को पढ़ाना

बच्चों को पढ़ाना
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बच्चों को पढ़ाना आसान काम नहीं होता है। यह भी एक तरह की कला होती है जिसे आपको सीखना चाहिए। बच्चें कई बार स्कूल में तो पढ़ाई कर भी लेते है लेकिन घर में उनको पढ़ाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बच्चों को पढ़ाने से पहले आप कुछ तैयारियां कर लें। जिससे आपके बच्चे आसानी से पढ़ेगें भी और समझने में भी परेशानी नहीं होगी। आइये जानते है बच्चों को पढ़ाने का तरीके के बारे में।

खिलौनों और किताबों से समझायें

खिलौनों और किताबों से समझायें
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अगर बच्चा बहुत छोटा है तो उसे फोटो वाली किताब, कविताओं वाली किताब या फिर कविताओं वाले वीडियो की मदद से सि‍खाने की कोशिश करें। बच्चों को उम्र के हिसाब से पढ़ाया जाए तो वह जल्दी कवर करते हैं। छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए कई तरह के खिलौने आते हैं। उनका इस्तेमाल भी बहुत फायदेमंद होगा। आपका बच्चा खेल-खेल में काफी कुछ सीख जाएगा।

नई चीजे बतायें

नई चीजे बतायें
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बच्चों के साथ जानकारी से भरी बातें करें। उनके सवालों का तार्किक जवाब देने की कोशिश करें। सुनकर कोई भी चीज ज्यादा जल्दी समझ आती है। बच्चे को घर में बांधकर मत रखें। बच्चे समाज में चीजों को देखकर और दूसरे बच्चों से मिलकर भी काफी कुछ सीखते हैं। बच्चे के साथ कहीं घूमने निकले हैं, तो रास्ते में अपने आस-पास की चीजों के बारे में उसे बताते जाएं। बच्चे से ज्यादा से ज्यादा बातें करें।

गैजेट्स और सोशल मीडिया की मदद लें

गैजेट्स और सोशल मीडिया की मदद लें
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गैजेट्स और सोशल मीडिया के इस जमाने में आप इंटरनेट की मदद से भी उन्हें कुछ न कुछ पढ़ा या सीखा सकते हैं। इस तरह स्टडी के साथ-साथ उनका एंटरटेनमेंट भी होता रहता है। बच्चा अगर आपसे कोई सवाल करता हैं तो उसे नजरअंदाज और बाद में बताऊंगी। यह कह कर न टालें। ऐसा करने से हो सकता है कि वह आगे आपसे कोई सवाल- जवाब ही न करें।

ज्यादा डांटना ठीक नहीं

ज्यादा डांटना ठीक नहीं
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कभी-कभार बच्चों को डांटना तो ठीक है लेकिन उन्हें बार-बार डांटना या मारना सही विकल्प नहीं है क्योंकि डांट और मार का डर मन से निकलने पर वह आपकी इज्जत करना भी छोड़ सकते हैं। खासकर जिद्दी बच्चों को प्यार से हैंडल करना बहुत ही जरूरी है, नहीं तो वह अपनी मनमर्जी करने लगते हैं।Image Source-Getty

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