क्या बच्चा दे रहा है उल्टा जवाब? तो अपनाएं ये 5 टिप्स

अगर आपको भी लगता है कि आपका बच्चा हाथ से निकल गया तो आज हम आपको बच्चों को आसान तरह से हैंडल करने के कुछ टिप्स बता रहे हैं।

Rashmi Upadhyay
Written by: Rashmi UpadhyayPublished at: May 15, 2017

हाथ से निकलते बच्चे

हाथ से निकलते बच्चे
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आजकल के बच्चों के साथ किसी भी तरह की जोर जबरदस्ती करने में कोई समझदारी है। क्योंकि ऐसा करने से बच्चों के जो मन में आता है या उन्हें जिस चीज के लिए मना करो वो उस काम को और भी ज्यादा करते हैं या फिर जानबूझ कर सबके सामने बत्तमीजी करने लगते हैं। अगर आपको भी लगता है कि आपका बच्चा हाथ से निकल गया तो आज हम आपको बच्चों को आसान तरह से हैंडल करने के कुछ टिप्स बता रहे हैं।

गलती का अहसास दिलाएं

गलती का अहसास दिलाएं
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जब कभी आपको लगता है कि आपका बच्चा अनुशासन से बाहर हो गया है या अपनी मनमानी कर रहा है तो इसके लिए उसकी ना ​तो पिटाई करें और ना ही उसे डाटें। बच्चे की उम्र चाहे कोई भी हो उसकी गलती के लिए उसे प्यार से समझाएं और उसकी गलती का अहसास दिलाएं। इससे बच्चा खुद ही सुधर जाएगा।

बहुत ज्यादा फटकारे ना

बहुत ज्यादा फटकारे ना
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बच्चे को ज्यादा डांटे-फटकारे नहीं। जब भी आपका बच्चा रूखा बर्ताव करें, जिस काम के लिए मना किया है वो काम करे या फिर सब के सामने कुछ बत्तमीजी करें तो इसके लिए उसे डांटे नहीं बल्कि प्यार से बात करें। उन्हें समझाएं और उनसे धीरे बोलने के लिए कहें।

हर जगह ना जाने दें

हर जगह ना जाने दें
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बच्चे अपने साथ के लोगों या दोस्तों को देखकर उनके साथ कहीं भी जाने की जिद करते हैं। मां-बाप का ये फर्ज़ है कि बच्चों को जहां भी भेजें अपनी जिम्मेदारी पर भेजें। क्योंकि बाहर वाले या जिनके साथ आपका बच्चा जा रहा है उनके पास इतना समय नहीं है कि वो आपके बच्चे का ध्यान रखेंगे। इसलिए बच्चों को कहीं भी जाने की अनुमति ना दें।

बच्चों के साथ वक्त बिताएं

बच्चों के साथ वक्त बिताएं
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जब घर में माता और पिता दोनों ही वर्किंग होते हैं तो वो अपने बच्चों के साथ वक्त नहीं बिता पाते हैं। ये सच है कि वो अपने बच्चों को मेड और सभी जरूरी चीजें उपलब्ध कराते हैं। लेकिन माता पिता को ये समझना चाहिए कि बच्चों को आपकी जरूरत है, पैसों की नहीं। इसलिए अगर आप वर्किंग है तब भी अपने बच्चों के साथ दिन में कम से कम 1 घंटा जरूर बिताएं। इस एक घंटे में अपने बच्चे से पूछे कि उसने दिनभर क्या किया या वो क्या सोच रहा है। इसलिए आपके और आपके बच्चों के बीच गैप कम रहेगा और बच्चा अपने दिल की आपको बता पाएगा।

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