पहले सिजेरियन के बाद हो सकती है नॉर्मल डिलीवरी, जानें कैसे?

लेकिन क्या आप जानते हैं कि पहले बच्चे के सिजेरियन होने के बावजूद दूसरे बच्चे की नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है। आइए जानते हैं कैसे है ये संभव।

Rashmi Upadhyay
Written by: Rashmi UpadhyayPublished at: Mar 01, 2017

नॉर्मल डिलीवरी

नॉर्मल डिलीवरी
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जिस तरह का आजकल खानपान और लाइफस्टाइल हो गया है उसमें महिलाओं के लिए नॉर्मल डिलीवरी कर पाना एक चैलेंज बन गया है। अब महिलाएं ना चाहते हुए भी सिजेरियन डिलीवरी को वरीयता दे रही हैं। बहुत लोग कहते हैं कि अगर पहला बच्चा सिजेरियन डिलीवरी से हुआ है तो दूसरा बच्चा भी सिजेरियन से ही होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पहले बच्चे के सिजेरियन होने के बावजूद दूसरे बच्चे की नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है। आइए जानते हैं कैसे है ये संभव।

महिला पर करता है निर्भर

महिला पर करता है निर्भर
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नॉर्मल डिलीवरी हर तरह से सिजेरियन से बेहतर है। हालांकि इसमें महिलाओं को कुछ देर के लिए बहुत दर्द जरूर सहना पड़ता है लेकिन आराम और व्यायाम की मदद से 6 हफ्तों के भीतर महिला सामान्य हो जाती हैं। जबकि सिजेरियन महिला को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। डॉक्टरों का कहना है कि पहली सिजेरियन डिलीवरी के बाद दूसरी नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है। लेकिन ये मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है कि वो कितनी मजबूत है।

गर्भधारण

गर्भधारण
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डॉक्टरों ने इस बात की भी पुष्टि की है कि अगर पहली सिजेरियन डिलीवरी के बाद दूसरा बच्चा नॉर्मल होता है तो उसके बाद महिला चाहे जितनी बार भी गर्भधारण कर सकती है। उसे ज्यादा दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

बच्चे का वजन

बच्चे का वजन
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अगर पहली सिजेरियन डिलीवरी के बाद दूसरे बच्चे की नॉर्मल डिलीवरी करानी है तो उसके लिए बच्चे का वजन संतुलित होना चाहिए। अगर बच्चे का वजन नॉर्मल से ज्यादा है तो उस स्थिति में महिला को नॉर्मल डिलीवरी करने में दिक्कत हो सकती है।

इन्फेक्शन ना हो

इन्फेक्शन ना हो
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डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ उस केस में सिजेरियन डिलीवरी के बाद दूसरे बच्चे की नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है जब पहली डिलीवरी के वक्त मां के पेट में किसी तरह का इन्फेक्शन ना हुआ हो। क्योंकि सिजेरियन डिलीवरी में महिलाओं को अक्सर किसी ना किसी तरह के इन्फेक्शन होने की शिकायत रहती है।

बच्चे की पोजिशन

बच्चे की पोजिशन
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अगर पहली सिजेरियन डिलीवरी के बाद के दर्द को महसूस करते हुए आपने दूसरे बच्चे की नॉर्मल डिलीवरी करने का मन बना लिया है तो समय-समय पर अल्ट्रासाउंड कराते रहें। ताकि आपको बच्चे की पोजिशन का पता लगता रहे। क्योंकि अगर बच्चे की पोजिशन सही नहीं है तो नॉर्मल डिलीवरी होने में काफी दिक्कत हो सकती है।

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