जानें, कि क्या नट्स से बढ़ सकता है स्पर्म का उत्पादन

मिलान में शोधकर्ता ये साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि रोज़ाना थोड़ी मात्रा में बादाम या अखरोट का सेवन करने से शुक्राणु की गुणवत्ता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। चलिए जानते हैं कि क्या वाकई नट्स के नियमित सेवन से स्पर्म का उत्पादन बढ़ सकता है, और यदि हां तो कैसे?

Rahul Sharma
Written by: Rahul SharmaPublished at: Jun 21, 2016

स्पर्म का उत्पादन और नट्स का सेवन

स्पर्म का उत्पादन और नट्स का सेवन
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मिलान में शोधकर्ता ये साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि रोज़ाना थोड़ी मात्रा में बादाम या अखरोट का सेवन करने से शुक्राणु की गुणवत्ता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। पहले से भी लोग ऐसा मानते हैं कि नट्स का सेवन करने से स्पर्म का उत्पादन बढ़ सकता है। तो चलिए इस पर हुए एक ताज़ा अध्ययन की मदद से ये जानते हैं कि क्या वाकई नट्स के नियमित सेवन से स्पर्म का उत्पादन बढ़ सकता है, और यदि हां तो कैसे?  Images source : © Getty Images

ट्यूरिन स्थित एक अस्पताल का अध्ययन

ट्यूरिन स्थित एक अस्पताल का अध्ययन
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इटली में डॉक्टरों का मानना है कि उन्हें पुरुष प्रजनन क्षमता को बढ़ाने वाला रहस्य मिल सकता है, जो है रोज़ाना एक मुठ्ठी नट्स का सेवन करना। ट्यूरिन स्थित एक अस्पताल में 100 पुरुषों पर एक अध्ययन का आयोजन कर रहे हैं, जोकि इस सिद्धांत को साबित करने का प्रयास करेगा कि दिन में सात नट्स (जैसे, बादाम, अखरोट, मूंगफली) का सेवन करने से शुक्राणु की गुणवत्ता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। Images source : © Getty Images

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय का अध्ययन

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय का अध्ययन
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साल 2012 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में एक अनुसंधान दल ने भी इस विषय से संबंधित एक अध्ययन के परिणाम प्रकाशित किए थे। इस शोध के परिणामों के अनुसार वे पुरुष जो रोज़ाना 75 ग्राम अखरोट खाते हैं, उनके शुक्राणु गतिशीलता, गतिशीलता और आकृति विज्ञान (sperm vitality, motility and morphology) में सुधार आता है। उनका निष्कर्ष था कि पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (जो नट्स में उच्च स्तर में मौजूद होता है) की खपत तथा पश्चिमी आहार खाने वाले स्वस्थ पुरुषों के शुक्राणु की गुणवत्ता में सुधार में वृद्धि के बीच सीधा संबंध है। Images source : © Getty Images

क्यों नट्स से होता है फायदा

क्यों नट्स से होता है फायदा
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अखरोट की ही तरह बादम में भी आर्जीनीन (arginine) जोकि एमिनो एसिड है और शुक्राणु उत्पादन को बढ़ाने के लिए जाना गया है, उच्च मात्रा में होता है।  वहीं मूंगफली में ज़िंक पर्चुर मात्रा में होता है, जिसे शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता में वृद्धि के साथ जोड़ा जाता है। तो इस तरह तो यही साबित होता है कि नट्स का नियमित सेवन स्पर्म की गुणवत्ता और संख्या को बढ़ा सकता है। Images source : © Getty Images

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