इन बेहतरीन तरीकों को अपनाने से मिलेगा गैस्ट्राइटिस के इलाज में फायदा

गैस्ट्राइटिस वह अवस्‍था है जिसमें म्‍यूकोसा और पेट में सूजन आ जाती है। आइए इससे बचने के उपायों के बारे में स्‍लाइड शो में जानें।

Pooja Sinha
Written by: Pooja SinhaPublished at: Apr 10, 2017

गैस्ट्राइटिस

गैस्ट्राइटिस
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गैस्ट्राइटिस वह अवस्‍था है जिसमें पेट के म्‍यूकोस सूजन आ जाती है। म्‍यूकोस में शामिल सेल एसिड और एंजाइमों का उत्‍पादन करते है, जो भोजन को पचाने में मदद करने के लिए भोज्य पदार्थ के बड़े अंश को छोटे-छोटे भाग में तोड़ने का काम करते है। यह म्‍यूकस का उत्‍पादन भी करता है जो एसिड की समस्‍या से बचाता है। गैस्‍ट्राइटिस एसिड, एंजाइमों और म्‍यूकस को कम उत्‍पादन की ओर ले जाता है।

खाद्य पदार्थ से एलर्जी

खाद्य पदार्थ से एलर्जी
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गैस्ट्राइटिस की समस्‍या में पेट में गैस बनती है। ऐसे में पेट फूल जाता है और पेट में दर्द होता है। इसलिए सबसे पहले इस बात का ध्‍यान रखना चाहिए कि किस खाद्य पदार्थ को लेने से ऐसा हो रहा है। यानि किसी खाने के पदार्थ से परेशानी हो रही है, तो गैस्ट्राइटिस से बचने के लिए उसका सेवन तुरंत बंद कर दें।

गैस बनाने वाला भोजन न करें

गैस बनाने वाला भोजन न करें
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गैस्ट्राइटिस की समस्‍या का सबसे बड़ा कारण है गैस बनाने वाले भोजन का सेवन करना। जैसे- सेम, मटर, केक, कार्बोनेट युक्‍त सामग्री, खट्टा फल, फूल गोभी, बंद गोभी और सुपारी आदि। यदि आप गैस बनाने के लिए जिम्‍मेदार भोजन का सेवन ज्‍यादा करते हैं, तो इनका सेवन बंद कर दें। कुछ लोगों में गैस बनने का कारण ज्‍यादा समय तक भूखा रहना भी होता है।

समय पर भोजन

समय पर भोजन
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नियमित रूप से भोजन न करने से गैस्ट्राइटिस की समस्‍या हो सकती है। अक्‍सर लोग सुबह के समय नाश्‍ता नहीं करते और दिन में एक साथ ज्‍यादा खा लेते है। यह गलत आदत है और इससे गैस्ट्राइटिस की समस्‍या पैदा होती है। इस तरह की समस्‍या से बचे रहने के लिए आपको नियमित रूप से भोजन करना चाहिए। समय पर नाश्ता और भोजन करने से गैस की समस्‍या कम होती है। साथ ही भोजन को चबाकर खाना चाहिए।

कम मसालेदार खाना

कम मसालेदार खाना
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ज्‍यादा तेल और मिर्च मसाले वाला तला हुआ गरिष्‍ठ भोजन भी गैस्ट्राइटिस का कारण होता है। इस तरह के खाद्य पदार्थों को अपने भोजन में शमिल करने से परहेज करें। आहार में हरी सब्जियों को शामिल करें, भूख से हमेशा थोड़ा कम ही खाए ताकि भोजन आसानी से पच सकें। साथ ही यह ध्‍यान रखें कि खाना खाने के आधे घंटे बाद ही पानी पिएं।

शराब से बचें

शराब से बचें
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ज्‍यादा शराब पीने की आदत गैस्ट्राइटिस की समस्‍या को बढ़ाती है। हालांकि शराब इस समस्‍या का एकमात्र कारण नहीं है, लेकिन शराब को न लेने या इसका सेवन सीमित करने से भविष्‍य में होने वाले गैस्ट्राइटिस के जोखिम से बचा जा सकता है।

छोटे और नियमित आहार

छोटे और नियमित आहार
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गैस्ट्राइटिस की समस्‍या पेट से जुड़ी समस्‍या है इसलिए हमेशा पेट को आराम देने के लिए छोटे (स्‍मॉल) भोजन लेने की सलाह दी जाती है। भारी भोजन आपकी गैस्ट्राइटिस की समस्‍या को तकलीफदेह बना देता है। इसके अलावा अपने आहार में लैक्‍टोज और ग्‍लूटन जैसे आहार लेने से बचें।

इलाज

इलाज
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गैस्ट्राइटिस में पेट में बनने वाले एसिड को कम करने का प्रभावी ढंग से इलाज ऐन्टैसिड और अन्‍य दवाओं से किया जा सकता है। अन्‍यथा एसिड सूजन क्षेत्रों में और ज्‍यादा जलन पैदा करने का कारण भी हो सकता है। साथ ही इस बात का भी ध्‍यान रखना चाहिए कि गैस्ट्राइटिस के दौरान एस्पिरिन और NSAIDs (नॉन-स्टेरॉइडल-एंटी-इंफ्लेमेटरी-ड्रग) जैसी दवाओं से बचें।

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