अर्थराइटिस में अपने दिल की कैसे करें देखभाल

अर्थराइटिस भले ही हड्डियों की बीमारी हो, लेकिन इसका असर शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ता है, यह दिल को भी प्रभावित करती है, ऐसे में दिल की देखभाल कैसे करें, इसके टिप्‍स हम आपको दे रहे हैं।

Aditi Singh
Written by: Aditi Singh Published at: Jul 14, 2015

अर्थराइटिस मे दिल का रखें ख्याल

अर्थराइटिस मे दिल का रखें ख्याल
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जब हड्डियों के जोड़ों में यूरिक एसिड जमा हो जाता है तो वह गठिया का रूप ले लेता है। यूरिक एसिड कई तरह के आहारों को खाने से बनता है। रोगी के एक या कई जोड़ों में दर्द, अकड़न या सूजन आ जाती है। रूमेटाइड आर्थराइटिस का असर हृदय पर भी पड़ता है। इस बीमारी से पीड़ित अधिकांश मरीजों की मौत का कारण हार्ट अटैक ही होता है। इससे बचने के लिए ये उपाय अपनाएं।Image Source- Getty

कम करें वजन

कम करें वजन
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मोटापा वास्तव में शरीर के जैव रसायन तथा ज्वलनकारी परिवर्तनों को तेज कर सकता है जिसके कारण गठिया रोग मे ज्यादा परेशानी हो सकती है। गठिया से ग्रसित लोगों को एक्‍सरसाइज करनी चाहिए। यदि आपको व्‍यायाम करने में परेशानी होती है तो आप अपने घर या अपार्टमेंट में टहल भी सकते हैं। व्‍यायाम और सुबह के समय टहलने के साथ ही यदि आप स्वि‍मिंग पूल या नदी में तैरते हैं तो यह भी आपके लिए फायदेमंद रहेगा।Image Source- Getty

अल्कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक

अल्कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक
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वैसे तो गठिया से पीड़ित व्यक्तियों को ढेर सारा पानी पीने और तरल पदार्थों का सेवन करने को कहा जाता है, लेकिन अगर वे अल्कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन करते हैं तो उनकी समस्या और भी बढ़ सकती है। मछली और मांस से परहेज़ करना चाहिए। Image Source- Getty

पौष्टिक आहार

पौष्टिक आहार
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गठिया के रोगियों को प्रोटीनयुक्त आहार से परहेज करना चाहिए। शरीर में प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए चोकरयुक्त आटे की रोटी तथा छिलके वाली मूंग की दाल खाएं। उबले अनाज, चावल, बाजरा, जौ, गेहूं, चपाती आदि भोजन में सम्मिलित करें।उबली हुई हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज, साबूदाना, गिरीदार फल, शहद तथा सभी प्रकार के फल (खट्टे फल एवं केले को छोड़कर) पर्याप्त मात्रा में लें।Image Source- Getty

धूम्रपान

धूम्रपान
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गठिया के मरीजों को हार्ट अटैक का खतरा कम करने के लिए धूम्रपान ना करने, पौष्टिक आहार लेने और नियमित रूप से ब्‍लड प्रेशर की जांच करवाने की सलाह देते हैं।Image Source- Getty

पेन किलर

पेन किलर
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नॉन स्टेरॉयड एंटी इनफ्लेमेटरी ड्रग (एनएसएआइडीएस) श्रेणी की दर्द निवारक दवाओं की हाई डोज दिल के दौरे, स्ट्रोक और ह्रदय रोगों का जोखिम तीन गुना तक बढ़ा देती है। गठिया के मरीजों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। दर्द से निजात पाने के लिए लोग नियमित तौर से पेनकिलर्स का इस्तेमाल करते हैं।Image Source- Getty

दर्द को नजरअंदाज न करें

दर्द को नजरअंदाज न करें
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यदि थोड़ा-सा चलने के बाद घुटनों में दर्द होता है या कुर्सी में बैठ कर भी असहज महसूस कर रहे हैं, सीढ़ी चढ़ने, पालथी मार कर बैठने में दिक्कत होती है तो इस दर्द को समझने की कोशिश करें। किसी हड्डी रोग विशेषज्ञ से तुरंत सलाह लें। अगर घुटनों में किसी प्रकार की चोट लगी है  तो भी सावधान रहने की जरूरत है।Image Source- Getty

ब्लड शुगर

ब्लड शुगर
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हाई ब्लड शुगर से पूरे शरीर में रक्त वाहिनियों पर विपरीत असर पड़ता है। दिल और पाचन तंत्र भी इससे अछूते नहीं रहते। स्नायु तंत्र कमजोर होने पर शरीर के किसी भी अंग तक पोषक तत्व और ऑक्सीजन की सप्लाई ठीक से नहीं हो पाती। Image Source- Getty

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