5 फिल्‍में जिनको देखकर आपको अच्‍छा महसूस होगा

कुछ ऐसी फिल्‍में भी हैं जिन्‍हें देखकर हमारे भीतर की सकारात्‍मकता जागती है और हम निराशा की भावना से निकलकर बेहतर महसूस करते हैं। आइए ऐसी ही कुछ फिल्‍मों के बारे में जानते हैं।

Pooja Sinha
Written by:Pooja SinhaPublished at: Oct 23, 2015

अच्‍छा महसूस कराने वाले फिल्‍में

अच्‍छा महसूस कराने वाले फिल्‍में
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इस बात में कोई शक नहीं कि फिल्‍में समाज का आईना होती है। ये हमारा मनोरंजन करती हैं, हमें समाजिक बनाती हैं, और कई चीजों के लिए प्रेरणा भी प्रदान करती है। हर इंसान चाहता हैं कि वह फिल्‍म के नायक की तरह बन पाये और फिल्‍म के नायक की तरह बनाना और फिल्‍मों से अच्‍छी बातें सिखाने में कोई बुराई भी नहीं। ठीक इसी तरह कुछ ऐसी फिल्‍में भी हैं जिन्‍हें देखकर हमारे भीतर की सकारात्‍मकता जागती है और हम निराशा की भावना से निकलकर बेहतर महसूस करते हैं। तो चलिये जानें कौन से हैं वह फिल्‍में जो हमारे भीतर छिपे सकारात्‍मक और खुशमिजाज इंसान को जगा देती है।

जिंदगी ना मिलेगी दोबारा

जिंदगी ना मिलेगी दोबारा
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जिंदगी न मिलेगी दोबारा तीन दोस्तों की कहानी है जो छुट्टियां मनाने के लिए एक लंबी यात्रा के लिए स्‍पेन जाने का फैसला करते हैं। उनमें से एक की सगाई हो गई है, लेकिन तीनों अपने दिल पर बोझ लेकर जा रहे हैं। यह फिल्‍म बार-बार इस बात की ओर इशारा करती है कि जिंदगी बार-बार नहीं मिलती। लेकिन कई बार जिंदगी कुछ इशारे करती है जिसे हम शायद समझ नहीं पाते।   Image Source : indianexpress.com

तारे जमीं पर

तारे जमीं पर
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इस तरह की फिल्में सालों में कभी बनती हैं और जब भी बनती है दिल को छू जाती है। तारे जमीन पर भी ऐसी ही एक खूबसूरत फिल्म है। तारे जमीं को अगर ब्यूटीफूल कहा जाये तो शायद कोई अतिश्‍योक्ति नहीं होगी। इस फिल्‍म में आठ का बच्‍चा तब तक एक आलसी और उपद्रवी रहता है, जब तक कि उसका नया कला अध्‍यापक उसकी समस्‍या को पता लगाकर उसकी प्रतिभा को प्रोत्‍साहित नहीं करता है।  Image Source : wordpress.com

स्टेनली का डब्बा

स्टेनली का डब्बा
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अमोल गुप्ते की फिल्म स्टेनली का डब्बा वाकई एक बेहतरीन फिल्म है। जिसमें निर्देशक अमोल गुप्ते ने अपनी काल्पनिक दुनिया में बैठ कर बाल मजदूरी के विषय पर एक ऐसी भावविभोर कर देने वाले कहानी लिखी है, जिसे देखकर आपकी आंखें नम हो जायेगी। हम ठीक वही करते हैं, जिसे करने के लिए हम बच्चों को मना करते हैं। अमोल गुप्ते ने स्टेनली का डब्बा बनाकर हमें एक बार फिर यह बात, बड़े आहिस्ता से याद दिलाई है कि यदि आपको ये बात सुननी है तो सुनिए, वर्ना बड़े मजे से फिल्म का मजा लें। जीं हां दिल को छु लेने वाले स्‍टेनली की कहानी में अपने स्‍कूल के दोस्‍तों के बीच एक बहुत ही लोकप्रिय बच्‍चे और अनुपस्थित खाने के डिब्‍बे के पीछे का रहस्‍या बताया गया है। Image Source : khaskhabar.com

क्‍वीन

क्‍वीन
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फिल्‍म में राजौरी गार्डन में एक अनुभवहीन मध्यम वर्गीय लड़की की कहानी है जो शादी के दो दिन पहले अपने मंगेतर के चले जाने के बाद अकेले पेरिस और एमस्‍टर्डम हनीमून पर जाने का फैसला करती है। फिल्म क्वीन कमाल की है, ये तो आपको स्टार देखकर ही अंदाजा लग गया होगा. फिल्म की कहानी, कंगना रनोट समेत सभी कलाकारों की एक्टिंग, हालात से पैदा होती सहज कॉमेडी और अंत, सब कुछ अर्थ समेटे हुए हैं. आपको ये फिल्म जरूर जरूर देखनी चाहिए। Image Source : india.com

3 इडियट्स

3 इडियट्स
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3 इडियट्स फिल्‍म भारतीय शिक्षा प्रणाली के बारे में महत्‍वपूर्ण संदेश देती है। फिल्म का रिकॉर्ड कायम करने वाली इस फिल्म के लीक से हटकर चलने को प्रेरित करने वाले 'रैंचो' ने तहलका मचा दिया था। इंजीनियरिंग कॉलेज के तीन दोस्तों की इस फिल्म में मुख्य किरदार आमिर खान ने निभाया। ‘3 इडियट्स’ की कहानी बहुत ही सरल है। सभी कलाकार अपने किरदार में जान डालने में सफल रहे हैं, विशेषकर आमिर खान; जिनकी जितनी भी तारीफ की जाए कम है। फिल्म का संगीत भी बहुत अच्छा है। कुल मिलाकर देखा जाए तो ‘3 इडियट्स’ अच्छी फिल्म है।

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