मोटापा मापने के बेहतर और बदतर तरीके

मोटापे की समस्या से आजकल के जीवन में हर दूसरा व्यक्ति परेशान है। ये समस्या तब बढ़ जाती है जब आपको सही वजन का मालूम ना हो। आइये हम आपको मोटापा नापने के कुछ तरीकों के बारे में बताते है।

Meera Roy
Written by: Meera RoyPublished at: Nov 23, 2015

मोटापा मापने के तरीके

मोटापा मापने के तरीके
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सामान्यतः पतला व्यक्ति स्वस्थ और मोटा व्यक्ति अस्वस्थ माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पतले व्यक्ति के शरीर में भी वसा हो सकती है, जो उन्हें अस्वस्थ बनाते हैं। इसी तरह एक एथलीट की शरीर में एक सामान्य आदमी की तुलना में वसा की मात्रा कम हो सकती है? कहने का मतलब यह है कि आपको यह कैसे पता चलेगा कि आपके शरीर में कितने प्रतिशत वसा मौजूद है? यहां हम वसा या कहें मोटापा मापने के कुछ पारंपरिक, कुछ सामान्य और कुछ असामान्य तरीकों पर चर्चा करेंगे।Image Source-Getty

बीएमआई

बीएमआई
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गणितीय माप के जरिये आप अपने वजन और लम्बाई को एड्जेस्ट कर सकते हैं। असल में आपका वजन बताता है कि आप मोटे हैं, पतले हैं या फिर सामान्य हैं। 2012 में हुए एक अध्ययन से पता चलता है कि पतले लोगों में वसा की मात्रा कम हो, यह जरूरी नहीं है। इंटरनेशनल जरनल आफ ओबेसिटी में हुए अध्ययन से पता चला था कि 29 फीसदी पतले लोगों में मोटे लोगों की तलुना में अधिक वसा थी। इसके विपरीत जो मस्कुलर एवं फिट होते हैं उनका वजन भी ज्यादा होता है। इसकी वजह यह है कि मसल टिश्यू, वसा की तुलना में ज्यादा सघन होते हैं। बहरहाल आप अपने बीएमबाई कैल्कुलेशन से अपने वजन का हिसाब लगा सकते हैं।Image Source-Getty

कमर परिधि

कमर परिधि
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कमर परिधि यानी वेस्ट सर्कमफ्रेंस। महिलाओं के लिए आदर्श कमर परिधि है 35 इंच से कम जबकि पुरुषों के लिए 40 इंच से कम। आप अपने कमर के मोटापे से अपनी असली स्थिति का पता लगा सकते हैं। इससे यह भी पता चलता है कि आपको हृदयाघात की कितनी आशंका है। इसके अलावा क्या आपको डायबिटीज आदि भी हो सकता है। कमर परिधि मापने के लिए आपको महज एक इंच टेप चाहिए। इससे अपने कमर को मापें और अपनी स्थिति का अंदाजा लगाएं।Image Source-Getty

जांघ के बीच का अंतराल

जांघ के बीच का अंतराल
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लोग अकसर अपने मोटापे को मापने के लिए इस तरीके का इस्तेमाल करते हैं। उनके मुताबिक सीधे खड़े होने पर यदि जांघों के बीच गैप नजर आए तो समझिये कि आप पतले हैं। जबकि यह सरासर गलत है। जांघों के बीच का गैप पूरी तरह हड्डियों के ढांचे पर आधारित होता है। अतः आइने के सामने खड़े होकर इस तरीके को आजमाते हुए अपने मोटापे का आंकलन करना बेकार है।Image Source-Getty

पिंच टेस्ट और डेक्सा स्कैन

पिंच टेस्ट और डेक्सा स्कैन
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हालांकि पिंच टेस्ट के जरिये ब्वाडी फैट का पता लगाया जा सकता है। लेकिन सामान्यतः लोग इसे नहीं कर पाते। यह विशेषज्ञों की मदद से ही किया जाता है। इसके तहत शरीर का हिस्सा पकड़कर एक उपकरण की मदद से पिंच किया जाता है जिसे मापकर मोटापे का पता चलता है। डेक्सा स्कैन  हड्डियों के घनत्व को मापने का पारंपरिक तरीका है।  इससे ओस्टियोपोरोसिस होने के खतरे का अंदेशा लगाया जा सकता है। यह न सिर्फ आसान है बल्कि सटीक ब्वाडी फैट भी बतलाता है।Image Source-Getty

पानी के नीचे वजन और बाड पाड

पानी के नीचे वजन  और बाड पाड
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पानी के नीचे वजन को हाइड्रोस्टैटिक वजन भी कहा जाता है। हालांकि इससे सही वजन का पता चलता है। लेकिन हर कोई इस तरीके के जरिये मोटापा नहीं माप सकता है। यही कारण है कि इस तरीके को लोग कम से कम तरजीह देते हैं। बाड पाड एक किस्म का उपकरण है। यह आपके शरीर के फैट को गिनता है जिससे आपके मोटे या पतले होने का पता चलता है। यह पूरी तरह सही माना जाता है।Image Source-patentimages

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