ये अजीबो-गरीब भारतीय मान्‍यतायें अंधविश्वास हैं या आस्‍था

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 15, 2016
आस्था के नाम पर भारत में कई अजीबोगरीब मान्यताएं हैं, जिन्हें सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से ऐसी ही कुछ भारतीय मान्यताओं के बारे में जानते हैं।
  • 1

    अजीबो-गरीब भारतीय मान्‍यतायें

    भारत त्योहारों, उत्सवों और आस्था का देश है। यहां विभिन्न धर्मों, जातियों और समुदायों के लोग रहते हैं और सबके अपने-अपने धार्मिक विश्‍वास और मान्यताएं हैं। भारत को यूं ही व‌‌िव‌िधता का देश नहीं कहते हैं। यहां बोली जाने वाली भाषाएं और खान-पान ही नहीं कई धार्म‌िक मान्यताएं भी व‌िव‌िधता ल‌िए हुए है। लेकिन कभी-कभी यहीं आस्था और विश्वास अंधविश्वास में बदल जाती है। जीं हां आस्था के नाम पर भारत में कई अजीबोगरीब मान्यताएं हैं, जिन्हें सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से ऐसी ही कुछ भारतीय मान्यताओं के बारे में जानते हैं।

    अजीबो-गरीब भारतीय मान्‍यतायें
    Loading...
  • 2

    बारिश लाने के लिए मेंढकों की शादी

    असम और त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में लोग बारिश के लिए मेंढकों की शादी कराते हैं। यहां ऐसी मान्यता है कि मेंढकों की शादी कराने से इंद्र देवता प्रसन्न होते हैं और उस साल भरपूर बारिश होती है। इसलिए अच्‍छी बारिश के लिए मेंढक और मेंढकी की शादी पूरे रीति-रिवाज से कराई जाती है।
    Image Source : blogspot.com

    बारिश लाने के लिए मेंढकों की शादी
  • 3

    चर्म रोगों से बचाये बचे भोजन से स्‍नान

    कर्नाटक के कुछ ग्रामीण इलाकों में स्थित मंदिरों में भोजन के बाद बचे हुए खाने पर लोटने की परंपरा है। माना जाता है कि ऐसा करने से चर्म रोग और बुरे कर्मों से मुक्ति मिल जाती है। दरअसल यहां पर मंदिर के बाहर ब्राह्मणों को केले के पत्ते पर भोजन कराया जाता है। बाद में नीची जाति के लोग इस बचे हुए भोजन पर लोटते हैं। इसके बाद ये लोग कुमारधारा नदी में नहाते हैं और इस तरह यह परंपरा पूरी होती है।
    Image Source : blogspot.com

    चर्म रोगों से बचाये बचे भोजन से स्‍नान
  • 4

    खौलते दूध से बच्चों को नहलाना

    बच्चा गोरा हो, इसके लिए मां दूध और बादाम से बच्चे की माल‌िश करती है। लेक‌िन उत्तरप्रदेश के वाराणसी और मिर्जापुर में कराहा पूजन की अनोखी परंपरा है। इसमें प‌िता खौलते दूध से बच्‍चे को स्नान करवाता है और बाद में खुद भी स्नान करता है। कहते हैं इससे भगवान प्रसन्‍न होकर बच्‍चे को अपना आशीर्वाद देते है।
    Image Source : blogspot.com

    खौलते दूध से बच्चों को नहलाना
  • 5

    विकलांगता से बचाने के लिए गले तक जमीन में दबाना

    आंध्रप्रदेश और कर्नाटक के कुछ ग्राम‌ीण इलाकों में एक अजीब परंपरा है। यहां बच्चों को व‌िकलांगता से बचाने के लिए गले तक जमीन में गाड़ा जाता है। ऐसी मान्‍यता है कि सूर्य और चन्द्र ग्रहण से कुछ समय पहले बच्चों को जमीन के नीचे गले तक म‌िट्टी में दबाने की परंपरा से बच्चे की मानस‌िक और शारीरिक व‌िकलांगता से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।
    Image Source : blogspot.com

    विकलांगता से बचाने के लिए गले तक जमीन में दबाना
  • 6

    चेचक से बचने के लिए छेदते हैं शरीर

    मध्यप्रदेश के बैतूल ज‌िले में अजीबो-गरीब परंपरा है। यहां चेचक से बचने के ल‌िए हनुमान जयंती के मौके पर कुछ लोग शरीर को छिदवाते हैं। इसके पीछे मान्‍यता है कि इससे माता का कोप नहीं सहना पड़ेगा यानी चेचक से बच जाएंगे। शरीर को छेदने के बाद ये लोग खुशी से नाचते-गाते हैं।
    Image Source : blogspot.com

    चेचक से बचने के लिए छेदते हैं शरीर
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK