दर्द में लगाएं ये चमत्कारी पट्टी, मिलेगा तुरंत आराम

प्राकृतिक चिकित्सा में साधारण सी दिखने वाली क्रियाएं शरीर पर अपना रोगनिवारक प्रभाव छोडती हैं। ऐसी ही एक क्रिया है गीली जल पट्टी।

Pooja Sinha
Written by: Pooja SinhaPublished at: Jun 23, 2017

चमत्‍कारी पट्टी

 चमत्‍कारी पट्टी
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प्रकृति ने हमें शरीर के दर्द को दूर करने के कई बेहतर उपाय दिये है। लेकिन फिर भी हम दर्द होने पर पेनकिलर का सहारा लेते हैं और बाद में होने वाले साइड इफेक्‍ट के कारण बहुत परेशान रहते हैं। अगर आप भी दर्द दूर करने के लिए दवाओं का सहारा लेते हैं। तो अब आपको इसकी जरूरत नहीं है क्‍योंकि आज हम आपके लिए एक ऐसा उपाय लेकर आये है जो आपके दर्द को बिना दवाओं के छूमंतर कर देगा। जी हां प्राकृतिक चिकित्सा में साधारण सी दिखने वाली क्रियाएं शरीर पर अपना रोगनिवारक प्रभाव छोडती हैं। ऐसी ही एक क्रिया है जल पट्टी।

पेडू की गीली पट्टी

पेडू की गीली पट्टी
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दर्द के साथ पेट के सभी रोगों जैसे पेट की सूजन, कब्‍ज के अलावा अनिद्रा, बुखार एवं महिलाओं की सभी समस्‍याओं के लिए रामबाण चिकित्सा है। इसे रात्रि भोजन के दो घंटे बाद पूरी रात तक लपेटा जा सकता है। सूती कपडे की पट्टी इतनी चौड़ी होनी चाहिए कि पेडू सहित नाभि के तीन अंगुल ऊपर तक आ जाये एवं इतनी लंबी कि पेडू के तीन-चार लपेट लग सकें। सूती पट्टी को भिगोकर, निचोड़कर पेडू से नाभि के तीन उंगली ऊपर तक लपेट दें। एक से दो घंटा या सारी रात इसे लपेट कर रखें।

सिर की गीली पट्टी

सिर की गीली पट्टी
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<p>सिर की गीली पट्टी से कान का दर्द, सिरदर्द व सिर की जकड़न दूर होती है। सूती कपडे की पट्टी इतनी लंबी होनी चाहिए गले के पीछे, के ऊपर से कानों को ढकते हुए आंखों और मस्तक को पूरा ढक लें। पट्टी लगभग दो इंच चौड़ी और दोगुनी लम्बी होनी चाहिए। पट्टी को ठंडे पानी में भिगोकर निचोड़ लें फिर इस पट्टी को आंखें, माथे एवं पीछे कानों को ढकते हुए एक राउण्ड लपेट दें। लगभग एक घंटा इस पट्टी को लगायें।</p>

गले की गीली पट्टी

गले की गीली पट्टी
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हालांकि इस पट्टी को रोगनिवारक प्रभाव पूरे शरीर पर पड़ता है। लेकिन गले की गली पट्टी टांसिलायिटिस, गले के आस-पास की सूजन, गला बैठना, घेंघा जैसे रोगों में लाभकारी है। एक सूती पट्टी -गले की चौडाई जितनी चौड़ी एवं इतनी लंबी होनी चाहिए कि गले में तीन-चार बार आसानी से लिपट जाएं। सूती पट्टी को ठन्डे पानी में भिगोकर और निचोड़कर गले में तीन-चार लपेटे लगा दें। इस पट्टी को 45 मिनट से 1 घंटे तक लगाना है।

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