एंटी एजिंग केमिकल्‍स

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jan 15, 2014
फलों, सब्जियों व अनाज में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट्स त्‍वचा का युवा बनाए रखते हैं। ये फ्री रेडिकल्‍स को निष्क्रिय करते हैं। इस स्‍लाइड शो में एंटी एजिंग केमिकल्‍स की विस्‍तार से जानकारी दी गई है।
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    एंटी एजिंग

    उम्र 30-35 के पार पहुंची नहीं कि समस्‍याएं शुरू होने लगती हैं। त्‍वचा में रूखापन, दाग-धब्‍बे, आंखों के नीचे काले घेरे और झुर्रियां। कहते हैं स्त्रियों से उनकी उम्र नहीं पूछनी चाहिए, लेकिन क्‍या करें अगर उम्र तो कम हो मगर आप दिखें ज्‍यादा की। माना कि उम्र को वापस लौटाया नहीं जा सकता ,मगर चेहरे की लकीरों को कम किया जा सकता है।

    Source : सखी

    एंटी एजिंग
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    एंटी एजिंग केमिकल्‍स

    जैसा खान-पान होगा वैसी ही सेहत होगी। सेहत का पहला आईना है चेहरा। अच्‍छी सेहत की चमक चेहरे पर नजर आती है। इसी को लावण्‍य कहते हैं, जो थोड़ी सी कोशिश से हर उम्र में बनाए रखा जा सकता है। फलों, सब्जियों व अनाज में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट्स त्‍वचा का युवा बनाए रखते हैं। ये फ्री रेडिकल्‍स को निष्क्रिय करते हैं। इस स्‍लाइड शो में एंटी एजिंग केमिकल्‍स की विस्‍तार से जानकारी दी गई है।

    एंटी एजिंग केमिकल्‍स
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    एंटीऑक्‍सीडेंट्स

    विटामिन ए और सी दो एंटीऑक्‍सीडेंट्स हैं जो त्‍वचा से झुर्रियों को दूर कर त्‍वचा को युवा बनाए रखते हैं। अनार, रसभरी, स्‍ट्रॉबेरी, अंगूर और मूंगफली में काफी मात्रा में एंटीऑक्‍सीडेंट्स होते है।

    एंटीऑक्‍सीडेंट्स
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    पॉलीफिनोल

    पॉलीफिनोल में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं। फलों में पाए जाने वाले पॉलीफिनोल और एंथोसाइनिंस जैसे तत्‍व स्किन सेल्‍स को फ्री रेडिकल्‍स, प्रदूषण और धूल से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

    पॉलीफिनोल
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    लाइकोपीन

    लाइकोपीन भी एंटी एजिंग तत्‍व है, जो टमाटर, अंगूर, गाजर, अमरूद, लाल मिर्च, खरबूजा, तरबूज जैसे फलों में पाया जाता है। य‍ह स्किन को मुलायम बनाता है और सनबर्न से बचाता है।

    लाइकोपीन
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    आइसोफ्लेवोंस

    एंटीऑक्‍सीडेट्से से भरपूर आइसोफ्लेवोंस तत्व त्वचा में कसाव देने वाले कोलाजेन हैं। ये तत्‍व सोया और टोफू में पाए जाते हैं। इसके सेवन से त्‍वचा पर पड़ती झुर्रियों से निजात पाई जा सकती हैं।

    आइसोफ्लेवोंस
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    ईपीए या इकोसपेंटेनॉइक एसिड

    ईपीए या इकोसपेंटेनॉइक एसिड ओमेगा-3 फैट्स में से एक है जो त्वचा में कसाव लाने वाले प्रोटीन कोलाजेन को बचाता है। ईपीए अन्य अम्ल डीएचए यानी डोकोसाहेक्सानॉइक एसिड जैसे ओमगा-3 के साथ मिलकर स्किन कैंसर जैसे रोगों से भी बचाव करता है।

    ईपीए या इकोसपेंटेनॉइक एसिड
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    इपिकेटचिन तत्व

    कोको में मिलने वाला इपिकेटचिन तत्व स्किन के टेकस्चर को ठीक करता है, रक्त संचार को सुचारु बनाता है, न्यूट्रिएंट्स व ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ाता है।

    इपिकेटचिन तत्व
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    फाइट्रोन्यूट्रियेंट्स

    रंग बिरंगे फलों में एण्टीआक्सिडेंट्स और फाइट्रोन्यूट्रियेंट्स अधिक मात्रा में होते है। रंग बिरंगे फल जैसे क्रेनबेरीज़, खरबूजे, प्लम और अंगूर के सेवन से शरीर को सही मात्रा में विटा‍मिन और एण्टी आक्सिडेंट्स मिलते हैं जिससे त्वचा सुंदर और युवा दिखती है।

    फाइट्रोन्यूट्रियेंट्स
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