काम पर गुस्से को नियंत्रित करने के टिप्स

कहते हैं क्रोध बुद्धि को निगल जाता है, और यह बात आप शायद मन ही मन जानते भी हैं, लेकिन फिर भी क्रोध करते हैं और बेवजह अपना और अपने साथ के लोगों को परेशान करते हैं।

Rahul Sharma
Written by: Rahul SharmaPublished at: Jun 08, 2015

गुस्से को नियंत्रित करें

गुस्से को नियंत्रित करें
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कहते हैं क्रोध बुद्धि को निगल जाता है, और यह बात आप शायद मन ही मन जानते भी हैं, लेकिन फिर भी क्रोध करते हैं और बेवजह अपना और अपने साथ के लोगों को परेशान करते हैं। खासतौर पर दफ्तर में गुस्सा करना न सिर्फ आपकी क्षवी खराब करता है, बल्कि आपके भविष्य के लिये भी खतरे पैदा करता है। लेकिन आपको बता दें कि अगर आपको कभी गुस्सा आ भी जाए तो इन उपायों से आप अपने गुस्से को काबू कर सकते हैं।Images source : © Getty Images

गुस्से की पहचानें

गुस्से की पहचानें
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गुस्से में हम भी गुस्से का ही एक रूप बन जाते हैं। ऐसे में गुस्से की पहचान करना बेहद जरूरी होता है। जिस पल आपने यह समझ लिया कि आपको गुस्सा आ रहा है, बस आप अलग और गुस्सा अलग। अर्थात गुस्से को साक्षी भाव से देखें, गुस्सा खुद ब खुद कम होता जाएगा। गुस्से के बड़े कारण हैं  'मैं' का ज्यादा होना। अपने मैं को कम करें और प्रेम बढ़ाएं। Images source : © Getty Images

मेंटल टफनेस

मेंटल टफनेस
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गुस्से पर काबू पाने की दिशा में पहला कदम होता है कि आपको गुस्सा आए ही नहीं। इसके लिए जरूरी है कि आपका मन भीतर से शांत हो पाएं। मन भीतर से शांत होगा, तो आपकी सोच व्यापक बनेगी और आप दूसरों के पक्ष को भी ठीक से समझ पाएंगे। इसके लिए मेंटली टफ होना बेहद जरूरी होता है। Images source : © Getty Images

बात को दूसरों की नज़र से भी देखें

बात को दूसरों की नज़र से भी देखें
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हो सकता है आपके गुस्से की वजह ये हो कि आप किसी बात के सिर्फ एक ही पहलू पर ध्यान दे रहे हैं, जिसका आप पर ज्यादा असर हुआ है। तो मामले के दूसरे पहलू पर भी गौर करें और स्थिति को ठीक से संभांले। Images source : © Getty Images

तुरंत रिएक्ट न करें

तुरंत रिएक्ट न करें
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जब किसी पर गुस्सा आए तो कुछ बोलने से पहले हल्की आवाज में दस, बीस, तीस या सौ तक गिनें। इस दौरान उन बातों को सोचें जो आप कहना चाहते हैं। इससे आपका गुस्सा शांत हो जाएगा और आप अपनी बात ज्यादा प्रभावी ढंग से कह सकेंगे।  Images source : © Getty Images

भाषा में सुधार करें

भाषा में सुधार करें
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अपनी भाषा पर भी ध्यान दें। मसलन 'ऐसा होना चाहिए' की बजाय 'ऐसा हो सकता है' कहना कहीं बेहतर होता है। लोग अक्सर 'हमेशा' या 'कभी नहीं' जैसे शब्दों पर ज्यादा जोर देते हैं, जो सही नहीं होता है। इससे लड़ाई के दौरान समझौते की गुंजाइश कम होती जाती है। Images source : © Getty Images

ऐसा गुस्सा भला किस काम का

ऐसा गुस्सा भला किस काम का
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ज़रा सोच कर देखें कि ऐसा गुस्सा भला किस काम का जिसकी वजह से समाधान के बजाए खुद एक समस्या खड़ी हो जाए। तो बेहतर यही है कि गुस्से को शांत करने के लिये थोड़ी देर के लिये बोलना बंद कर दें। Images source : © Getty Images

पंचिंग बैग

पंचिंग बैग
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अगर गुस्सा निकालने का बहुत मन करता है तो एक पंचिंग बैग खरीद लें। और जब कभी भी गुस्सा आए, तो उस पंचिंग बैग का इस्तेमाल करें। वैसे कुछ साइकॉलजिस्ट गुस्सा नियंत्रित करने के इस तरीके को गैरवाजिब मानते हैं। उनका तर्क है कि ऐसा करने से धीरे-धीरे यह आपकी आदत में शुमार हो जाएगा और आगे चलकर आपके लिए नुकसानदायक होगा। Images source : © Getty Images

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