5 तरीकों से डर्टी टॉक की कला के बनें महारथी

डर्टी का मतलब हमेशा गंदा नहीं होता, खासतौर पर जब बात डर्टी टॉक्स की हो रही है। खराबी शब्द में नहीं उस शब्द के मतलब को व्यवहारिक तौर पर करने के तरीके में होती है। तो चलिए आज आपको बिना अश्लीलता वाली डर्टी टॉक्स करना सिखाते हैं।

Rahul Sharma
Written by: Rahul SharmaPublished at: Jun 13, 2016

डर्टी टॉक्स की कला के महारथी कैसे बनें

डर्टी टॉक्स की कला के महारथी कैसे बनें
1/4

डर्टी का मतलब हमेशा गंदा नहीं होता, खासतौर पर जब बात डर्टी टॉक्स की हो रही है। खराबी शब्द में नहीं उस शब्द के मतलब को व्यवहारिक तौर पर करने के तरीके में होती है। उदाहरण के तौर पर जब कोई नौसीखिया जैज़ डांसर मिनी पहन कर अपने डांस को आकर्षक बनाने के लिए अराउज़िंग मूव करती है, तो कई बार वो थोड़े भौंडे लगते हैं, लेकिन वहीं एक्सपर्ट डांसर इसे करती है तो ये आकर्षक तो लगता ही है, साथ ही बिल्कुल भौंडा भी नहीं लगता। रिलेशनशिप में भी कभी-कभी थोड़ा डर्टी होना भी ज़रूरी होता है। डर्टी टॉक्स को सहजता के साथ करना एक कला है। इसमें आपको अपनी आंखों का जादू चलाकर भ्रम पैदा करना होता है, यह एक कला और एक विज्ञान है जिसमें अत्यंत सटीक, पूर्णता और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। यहां दरअसल सिर्फ बातें ही नहीं होती हैं, बल्कि आंखें, मुस्कुराहट और छुअन जैसी कई चीज़ों को मिलाकर डर्टी टॉक्स का अच्छा वाला रूप पूरा होता है। तो चलिए आज आपको बिना अश्लीलता वाली डर्टी टॉक्स करना सिखाते हैं। Images source : © Getty Images

आधा खेल तो आंखों का है

आधा खेल तो आंखों का है
2/4

डर्टी टॉक्स में ज़रूरी नहीं कि बोल कर ही शब्दों की मदद से कुछ किया जाए। इन मामलों में आंखे भी बहुत कुछ बोलती हैं। आप जिस कदर उन्हें देखते हैं, जिस अंदाज़ में आंखों को झपकते हैं आदि का बहुत असर होता है। जब आप बिना पलकों को झपके टकटकी लगाकर उसकी आंखों में देखते हैं तो बिना कुछ कहे ही वो कितना कुछ खास सुन और समझ लेती है।      Images source : © Getty Images

और एक कातिलाना मुस्कुराहट....

और एक कातिलाना मुस्कुराहट....
3/4

 मुस्कुराहट के भी कई रूप और तरीके होते हैं। आप किस तरह से मुस्कुराते हैं, ये सामने वाले को ये दर्शती है आपके मन में क्या चल रहा है। एक दमदार और आशाओं से भरी मुस्कुराहट उसके दिल के भीतर.... बहुत भीतर तक असर कर जाती है। लेकिन मुस्कुराहट में प्यार और लालसा होनी चाहिए, किसी तरह की भूख या लालच नहीं। इन दो तरह की मु्स्कुराहट में धागे भर का फर्क है लेकिन इनके असर में ज़मीन और आसमान का।  Images source : © Getty Images

महौल में गर्मजोशी बनाए रखें

महौल में गर्मजोशी बनाए रखें
4/4

किसी भी चीज़ में उत्साह और जिज्ञासा बनी रहे तो उस का मज़ा ही कुछ और होता है। तो चीज़ों को लेकर आतुर न हों और गर्मजोशी बनाए रखें। आपकी आवाज़ का जादू बिखेरें, अगर आप छूने जितना हक पा चिके हैं तो शालीनता के साथ अपने स्पर्श का भी इस्तेमाल करें। और आखिर में आपकी बातों का जादू बिखेरें। लेकिन ध्या रहे कि आपको हर चीज़ में संतुलन और सीमा का नि४धारण करके रखना होगा।  Images source : © Getty Images

Disclaimer