रोजमर्रा की ये चीजें आपके मूड को बनाएगी बेहतर

सुबह अगर खराब हुई तो पूरा दिन खराब होना स्‍वाभाविक है, ऐसे में दिनभर मूड को बेहतर और अच्‍छा बनाये रखने के लिए हर रोज ये काम जरूर कीजिए।

Gayatree Verma
Written by:Gayatree Verma Published at: Oct 26, 2015

प्रकृति के करीब आओ

प्रकृति के करीब आओ
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प्रकृति लोगों को कभी भी उतनी महत्वपूर्ण नहीं लगी जितनी वो है, लेकिन वास्‍तव में प्रकृति दूर से जितनी खूबसूरत दिखती है पास आने पर उससे कहीं अधिक सुकून मिलता है। दिन भर एअर कंडिशनर की ठंडी हवा में बैठे रहना और घर आकर अपने टीवी के सामने बैठ जाना भले ही आरामदायक लगे। लेकिन एक बार सुबह-सुबह घूम कर देखिए। शुरू-शुरू में नींद का उचट जाना बुरा जरूर लगेगा, लेकिन ये आपको पूरा दिन तरोताजा रखेगा। अगर सुबह नहीं उठ सकते तो शाम को निकलें। इससे शरीर में फुर्ती आएगी। साथ ही तनाव भी कम होगा और आपकी याद्दाश्त इम्प्रूव होगी।

एक्सरसाइज है जरूरी

एक्सरसाइज है जरूरी
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एक्सरसाइज के गुणों से हर कोई परीचित है, लेकिन इसे कुछ ही लोग लगातार करते हैं। एक्सरसाइज आपको स्मार्ट और तेज बनाता है। आपको खुश रखता है और नींद से जुड़ी बीमारी सही करता है। ये आपके इम्युन सिस्टम को भी मजबूत बनाने मदद करता है और आपको बीमारियों से दूर रखता है।

परिवार और दोस्तों के साथ बैठें

परिवार और दोस्तों के साथ बैठें
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आपको याद है कि आपने अपनी मां से अंतिम बार कब बैठ कर एक घंटे बात की थी? पापा के साथ बैठकर कब खाना खाए थे और घूमने गए थे? दोस्तों के साथ कब जी भर कर हंसे थे? ये सब किए हुए बहुत दिन हो गए हैं तो आज ही ये सारी चीजें करिए।

7 से 9 घंटे की नींद लें

7 से 9 घंटे की नींद लें
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याद करिए की आपने कब समय पर सोकर आठ घंटे की नींद ली है? समय पर सोने का मतलब है रात दस बजे सोना और सुबह छह बजे उठना। नहीं ली कभी ऐसी नींद! तो आज ही ऐसी नींद लेना शुरू करें। सिर्फ नींद पूरी करना जरूरी नहीं है बल्कि समय पर नींद पूरी करना भी जरूरी है। इसलिए जल्‍दी सोकर जल्‍दी उठने की कोशिश कीजिए।

खुद को चैलेंज करें

खुद को चैलेंज करें
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सूबह ऑफिस जाना, रात को ऑफिस से आना। सालों से यही रुटीन अपनाएंगे तो बोर नहीं होंगे तो क्या होंगे? स्कूल और कॉलेज लाइफ इसलिए एक्साइटेड थी क्योंकि बीच में एक्जाम होते थे, ठंड की पिकनिक थी, एनुअल फंक्शन था, सबकुछ था। लेकिन ऑफिस में सिवाए काम के कुछ नहीं। तो क्यों ना खुद को ही चैलेंज दें और किसी ट्रैकिंग पर जाएं। कोई नई भाषा सीखें। कुछ तो करें जो आप करना चाहते हैं और कर नहीं पाए हैं।

सॉरी कहना भी सीखें

सॉरी कहना भी सीखें
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ऑफिस आने-जाने और पैसे कमाने की चाह में ना जाने अनजाने में कितनों का दिल दुखा दिया। इसका हिसाब लगाइए और सबको सॉरी बोलिए। साथ ही जिन लोगों ने कभी भी आपकी मदद की उनको फिर से थैंक्स बोलें। ये आपको खुशी देगी, रिश्ते को मजबूत बनाएगी, अच्छा इंसान बनाएगी और सबसे जरूरी, यह आपको सुकून देगी।

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