International Yoga Day 2020: मांसपेशियों को मजबूत करता है अधोमुख स्वान आसन, जानें इसकी विधि और अन्‍य लाभ

International Yoga Day 2020: अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस के मौके पर आज हम आपको अधोमुख स्वान आसन योग के बारे में बता रहे हैं।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Dec 06, 2018

अधोमुख स्‍वान आसन

अधोमुख स्‍वान आसन
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अधोमुख स्‍वान आसन (Adho Mukha Svanasana) का नाम बोल पाना थोड़ा कठिन जरूर है लेकिन इसे करना बहुत आसान है। ये आसन कुत्‍ते की तरह आगे की ओर झुक कर (Downward-Facing Dog) करते हैं इसीलिए इसे अधोमुख स्‍वान आसन कहते हैं। स्‍वान कुत्‍ते का पर्यायवाची शब्‍द है। इस योगासन को करना बहुत आसान है। अगर आप योगक्रिया करते हैं तो आप इसे भी शामिल कर सकते हैं। इसका अभ्‍यास कई तरह से आपको लाभ पहुंचाता है। रोजाना सुबह नित्‍यक्रिया के बाद आप इस योग को कर सकते हैं। योग विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप इसे करते हैं कुछ बातों का ध्‍यान रखना जरूरी है। इस लेख में हम आपको अधोमुख स्‍वान आसन से जुड़ी सभी जरूरी बातों को बता रहे हैं।

अधोमुख स्‍वान आसन करने की विधि

अधोमुख स्‍वान आसन करने की विधि
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अधोमुख स्‍वान आसन करना बहुत आसान है, इसे करने के लिए सबसे पहले आप अपने पैरों के समानान्‍तर हाथों के बल आगे की ओर स्‍थापित करें।  शरीर को एक मेज़ की स्थिति में ले आयें। आपकी पीठ मेज़ की ऊपरी हिस्से की तरह हो और दोनों हाथ और पैर मेज़ के पैर की तरह। सांस छोड़ते हुए कमर को ऊपर उठाएं। अपने घुटने और कोहनी को मजबूती देते हुए सीधे करते हुए अपने शरीर से उल्टा v आकार बनाएं। हाथ कंधो के जितने दूरी पर हों। पैर कमर के दूरी के बराबर और एक दुसरे के समानांतर हों। पैर की उंगलिया बिल्कुल सामने की तरफ हों। अपनी हथेलियों को जमीन पर दबाएं, कंधो के सहारे इसे मजबूती प्रदान करें। गले को तना हुआ रखते हुए कानों को बाहों से स्पर्श कराएं। लम्बी गहरी श्वास लें, अधोमुख स्वान की अवस्था में बने रहें। अपनी नज़रें नाभि पर बनाये रखें। श्वास छोड़ते हुए घुटने को मोड़े और वापस मेज़ वाली स्थिति में आ जाएं। विश्राम करें।

अधोमुख स्‍वान आसन के लाभ

अधोमुख स्‍वान आसन के लाभ
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अधोमुख स्‍वान आसन शरीर को ऊर्जा देता है और आपके शरीर को तरो-ताज़ा करता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है। छाती की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है और फेफड़े की क्षमता को बढ़ाता है। यह पूरे शरीर को शक्ति प्रदान करता है। विशेषकर हांथ, कंधे और पैरों को। मांसपेशियों को सुद्रिढ करता है और मस्तिष्क में रक्त संचार यानी ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। को शांति प्रदान करता है एवं सरदर्द, अनिंद्रा, थकान आदि में भी अत्यंत लाभदायक है।

अधोमुख स्‍वान आसन के दौरान बरतें सावधानी

अधोमुख स्‍वान आसन के दौरान बरतें सावधानी
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यदि आप हाइपरटेंशन और अगर आंखों की केशिकाएं कमजोर है इसके अलावा कंधे की चोट या दस्त से पीड़ित हैं तो यह आसन न करें। आप किसी योग विशेषज्ञ से सलाह भी ले सकते हैं। विपरीत परिस्थितियों में योग करने से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है।

अधोमुख स्‍वान आसन करने से पहले करें ये योग

अधोमुख स्‍वान आसन करने से पहले करें ये योग
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अधोमुख स्‍वान आसन करने से पहले अपने पैर की मांसपेसियो और हाथों को अच्छी तरह से तैयार कर लें। अधोमुख स्वान आसन करने से पहले धनुरासन या दण्डासन करें। यह आसन सूर्य नमस्कार के एक अंश के रूप में भी किया जा सकता है।

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