अपने जीवन के लक्ष्य को लेकर असमंजस में हैं तो अपनाएं ये 7 टिप्स

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jun 26, 2015
लक्ष्यहीन जीवन वैसा ही है, जैसा रेगिस्तान में भटकते मुसाफिर का, जिसके पास दिशाबोध के लिये कम्पास न हो। इसलिये प्रत्येक मानव के जीवन में कोई न कोई लक्ष्य अवश्य ही होना चाहिए।
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    जीवन के लक्ष्य की असमंजस करें दूर


    यदि कोई आपसे पूछे कि क्या आपने अपने लिए जीवन में कुछ लक्ष्य निर्धारित किया है, तो शायद आपके दो ही जवाब हो सकते हैं, हां या ना। या हो सकता है कि आप इस सवाल को लेकर असमंजस में पड़ जाएं। लेकिन लक्ष्यहीन जीवन वैसा ही है, जैसा रेगिस्तान में भटकते मुसाफिर का, जिसके पास दिशाबोध के लिये कम्पास न हो। इसलिये प्रत्येक मानव के जीवन में कोई न कोई लक्ष्य अवश्य ही होना चाहिए। लेकिन अगर लक्ष्य का निर्धारण करने में आप असमंजस में हैं तो निम्न तरीको का सहारा लें।
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     जीवन के लक्ष्य की असमंजस करें दूर
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    जीवन को ठीक से समझें



    कहाते हैं जीवन में कुछ भी स्थिर नहीं होता। लेकिन इस बात के मर्म को समझिए! हमारे पैदा होने से लेकर आज तक कुछ भी स्थायी नहीं है। इसलिए यह जरूरी है कि हम जीवन की क्षणभंगुरता को समझें और ख़ुद से यह प्रश्न पूछें कि भला मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है? तब हमारा दायित्वबोध जागेगा और हम जागरूक बन पाएंगे। तब हम जीवन के प्रत्येक क्षण को ठीक से जीना सीख पाएंगे।
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    जीवन को ठीक से समझें
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    लिस्ट बनाएं


    लगभग 75 प्रतिशत अमेरिकी अपने दैनिक दिनचर्या के कामों को याद रखने के लिए ‘टू डू लिस्ट’ बनाते हैं। कई महान लोगों की आत्मकथाओं में भी यह बात सामने आई है कि उनकी कामयाबी के पीछे ‘टू डू लिस्ट’ की बड़ी भूमिका थी। मनोवैज्ञानिक रूप से भी यह बात साबित हो चुकी है कि जो चीज़ें व्यक्ति सूची बनाकर रखता है, उन्हें नहीं भूलता। साथ ही इस तरह की लिस्ट बनाने से आपका दिमाग लगातार एक्टिव रहता है और उसके काम करने की एकाग्रता भी बनती है।
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    लिस्ट बनाएं
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    पिछला भूलें और आगे बढ़ें



    जैस तरह हम कैलेंडर पलटते हैं, ठीक उसी तरह से हमें अपने मन को भी पलटना सीखना चाहिये। भविष्य की तारीखों को अतीत की घटनाओं से न भरें। आगे बढ़ें और जीवन को बेहतर बनाएं।
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    पिछला भूलें और आगे बढ़ें
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    चिंता करने की आदत छोड़ें


    कहना आसान है, लेकिन करना मुश्किल। लेकिन नामुमकिन तो नहीं। मुझे चिंता है... इसके आगे तीन चिंताओं को लिखें जिनको दूर करने के लिए आप आज ही से कुछ कर सकते हैं। अगर आप अपनी चिंताओं को दूर करने के लिए कुछ नहीं कर सकते तो प्रार्थना करें, अपना काम करते रहें और उसे वक्त पर छोड़ दें। हर चीज को नियंत्रण करने की कोशिश में कई बार निराशा ही हाथ लगती है।
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    चिंता करने की आदत छोड़ें
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    व्यायाम व ध्यान करें


    सुबह सवेरे व्यायाम करने से न सिर्फ शरीर स्वस्थ व मजबूत रहता है, बल्कि दिमाग भी दुरुस्त रहता है। आप नियमित ध्यान भी कर सकते हैं, इससे एकाग्रता और शांती मिलती है। इसलिए रोज सुबह व्यायाम जरूर करें। आप अपनी रुचियों, जैसे पेंटिंग, स्विमिंग या साइकलिंग आदि को भी नियमित व्यायाम की तरह अपना सकते हैं।
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    व्यायाम व ध्यान करें
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    डर भगाएं और नई प्ररेणा पाएं


    जब आप सकारात्मकता के साथ जिते हैं, तभो अपनी ऊर्जा को पूरेपन के साथ अनुभव कर पाते हैं। डरते हुए जीने वाला व्यक्ति रोज़ मरता है और जीवन का आनंद लेकर जीने वाला व्यक्ति रोज एक नया जीवन जीता है। अपने 'अहं' को 'हम' बना कर आप कामयाबी पा सकते हैं। जीवन में समस्याओं से न डरें, क्योंकि हर चीज का हल होता है, आज नहीं तो कल होता है।
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    डर भगाएं और नई प्ररेणा पाएं
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    मुस्कुराहट भी मंहगी नहीं!


    हर दिन, हर सुबह ख़ुद को शीशे में देखें और हर नए दिन का एक अच्छी मुस्कान के साथ स्वागत करें। अपने आप से वादा करें कि किसी भी हाल में अपनी मुस्कान होंठों से नहीं जाएगी। अपनी मुस्कान को सस्ता और अपने गुस्से को महंगा बनाएं। ऐसा कर आप न सिर्फ अपनाका जीवन सरल और शांत बनाएंगे बल्कि इससे समाज में भी सौहार्द की भावना पेदा होगी।
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    मुस्कुराहट भी मंहगी नहीं!
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