इस तरह योगिक जीवन अपनाकर अपने जीवन को बनायें खुशहाल

योग तन और मन दोनों का हेल्‍दी रखता है, इसलिए योगी को न तो तनाव होता है और न ही चिंता, इस स्‍लाइडशो में हम आपको बता रहे हैं कैसे योगियों की तरह खुद को खुशहाल रख सकते हैं।

Devendra Tiwari
Written by: Devendra Tiwari Published at: Feb 01, 2016

योग और आपका जीवन

योग और आपका जीवन
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योग ऐसा माध्यम है जो जीवन को खुशहाल बना देता है, क्योंकि नियमित योग करने से बीमारियां नहीं होती हैं और तनाव भी नहीं होता। आपने योगियों को देखा होगा तो आपको याद भी होगा कि उनके चेहरे पर कैसा तेज होता है और वो कितने खुशहाल दिखते हैं। ऐसा करना आपके लिए भी मुश्किल नहीं है। आप योगी नहीं बन सकते हैं लेकिन योगी की जीवनशैली को अपने रोजमर्रा के जीवन में अपना सकते हैं। य‍ह आपको तनाव मुक्त रखेगा और परेशानियों से बचायेगा। इस स्लाइडशो में हम आपको बता रहे हैं कैसे आप अपने जीवन को हेल्दी और हैप्पी बना सकते हैं।

सुबह की पहली किरण और मेडिटेशन

सुबह की पहली किरण और मेडिटेशन
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आप सुबह जल्दी उठते हैं तो यही आपकी आधी परेशानियों का हल है। क्योंकि सुबह की पहली किरण वाला वक्त सात्विक होता है और इस दौरान की जाने वाली गतिविधियां बहुत जल्दी प्रभाव डालती हैं। इसलिए सुबह पहली किरण के साथ मेडिटेशन कीजिए। यह तनाव कम करेगा और आपके दिमाग को ताजगी मिलेगी।

खुद से मसाज करें

खुद से मसाज करें
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अगर सुबह की शुरूआत मेडिटेशन के बाद मसाज से हो तो पूरा दिन कितना अच्छा होगा। इसलिए ब्रश करने के बाद खुद से मसाज कीजिए। मौसम के अनुसार तेल का चुनाव कीजिए। जैसे कि गर्मियों के लिए नारियल तेल बहुत अच्छा होता है और सर्दियों के लिए तिल का तेल फायदेमंद माना जाता है।

व्यायाम भी जरूरी है

व्यायाम भी जरूरी है
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मसाज करने के बाद थोड़ी देर व्यायाम कीजिए। व्यायाम में आप योग, प्राणायाम, कार्डियो एक्सरसाइज, स्वीमिंग आदि कर सकते हैं। व्यायाम करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और बीमारियों से बचाव होता है। व्यायाम करने से वजन भी नहीं बढ़ता है जो कि कई बीमारियों का कारण बनता है।

योगियों की तरह खानपान

योगियों की तरह खानपान
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योगी आपकी तरह ही खाते हैं, उनके लिए अगल से खाना नहीं होता, लेकिन वे हेल्दी खाना ही खाते हैं। आप भी ब्रेकफास्ट में सूखे मेवे, ताजे फल, जूस, स्प्राउट्स या फिर साबुत अनाज ले सकते हैं। हेल्दी ब्रेकफास्ट करने से ब्लड ग्लूकोज का स्तर सामान्य रहता है। लंच में दाल, हरी-पत्तेलदार सब्जियां, रोटी, दही, जैसे हल्के और हेल्दी खाना ही खायें। सप्ताह में एक दिन मूंग दाल की खिचड़ी खायें।

थोड़ा वक्ते अपने लिए

थोड़ा वक्ते अपने लिए
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वेदिक परंपराओं की मानें तो शाम का वक्त केवल अपने लिए होना चाहिए। इस दौरान व्यक्ति किसी एकांत जगह पर मेडिटेट करे, चिंतन करे। इससे मन में आने वाले नकारात्मकक विचार दूर होते हैं, तनाव नहीं होता और मन शांत हो जाता है। तो हर रोज अपने लिए थोड़ा सा वक्त निकालना न भूलें।

रात का खाना और नींद

रात का खाना और नींद
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रात का खाना जल्दी और हल्का हो तो बीमारी पास भी नहीं आती। वर्तमान में देर रात तक पार्टी करने वाले और देर से सोने वाले युवाओं को ऐसी दिनचर्या अपनाने की बहुत जरूरत है। रात में सोने से दो घंटे पहले डिनर कर लेना चाहिए। डिनर में वेजीटेबल सूप, दाल, रोटी, सलाद ही खायें। बाहर का खाना खाने से बचें। कोशिश करें कि 10 बजे सोने के लिए बेड पर चले जायें। इससे अच्छी और भरपूर नींद आयेगी।

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